{"_id":"6624393f21702bd4920e32e4","slug":"make-life-successful-by-following-the-path-of-truth-chhavi-ram-kaithal-news-c-18-1-knl1004-372777-2024-04-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"सत्य मार्ग पर चलकर जीवन को बनाएं सफल : छवि राम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सत्य मार्ग पर चलकर जीवन को बनाएं सफल : छवि राम
Sun, 21 Apr 2024 03:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 21 Apr 2024 03:23 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सीवन। सत्य की सभी प्रशंसा तो करते हैं, लेकिन इसको पसंद और ग्रहण कुछ लोग ही करते हैं, जबकि असत्य को ज्यादातर लोग पसंद करते हैं और ग्रहण भी बहुत ही मजे के साथ करते हैं। हमें सत्य मार्ग पर चलकर जीवन को सफल बनाना चाहिए।
यह बात संत छवि राम दास ने राजन मेहता के निवास पर श्रद्धालुओं से कहे। उन्होंने कहा कि समय आंधी की गति के साथ भागता जा रहा है और हमारा जीवन बर्फ के टुकड़े के समान पिघल कर समाप्त होता जा रहा है। हमारा जीवन इसका उद्देश्य और उपयोग जाने बिना ही यदि समाप्त हो गया तो हमारा मनुष्य योनि में आना ही व्यर्थ हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि सत्य का पालन न करने के परिणामस्वरूप हम क्रोध, वासना, लोभ और मोह के जंजाल में उलझ कर अपना सही रास्ता भूल जाएंगे। उन्होंने कहा कि आज का मानव इसी जंजाल में फंसकर सद्मार्ग से भटकता जा रहा है। समय रहते जाग जाएं और अपने जीवन को भक्ति कर सफल बनाएं। संत ने कहा कि मनुष्य संसार में आकर मायारूपी जाल में फंसकर ईश्वर को भूल जाता है और असत्य के मार्ग पर चलकर बुराइयों में फंस जाता है। जिसका परिणाम उसे भुगतान पड़ता है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि जीव को मानव जीवन मुश्किल से मिलता है। उन्होंने प्रभु श्रीराम का उदाहरण देते हुए कहा, उन्होंने अपने जीवन में मुसीबतों का सामना करते हुए समाज के सामने ऐसे आदर्श प्रस्तुत किए कि मनुष्य अनुसरण करे तो उसका जीवन सफल हो सकता है।
विज्ञापन
सीवन। सत्य की सभी प्रशंसा तो करते हैं, लेकिन इसको पसंद और ग्रहण कुछ लोग ही करते हैं, जबकि असत्य को ज्यादातर लोग पसंद करते हैं और ग्रहण भी बहुत ही मजे के साथ करते हैं। हमें सत्य मार्ग पर चलकर जीवन को सफल बनाना चाहिए।
यह बात संत छवि राम दास ने राजन मेहता के निवास पर श्रद्धालुओं से कहे। उन्होंने कहा कि समय आंधी की गति के साथ भागता जा रहा है और हमारा जीवन बर्फ के टुकड़े के समान पिघल कर समाप्त होता जा रहा है। हमारा जीवन इसका उद्देश्य और उपयोग जाने बिना ही यदि समाप्त हो गया तो हमारा मनुष्य योनि में आना ही व्यर्थ हो जाएगा।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि सत्य का पालन न करने के परिणामस्वरूप हम क्रोध, वासना, लोभ और मोह के जंजाल में उलझ कर अपना सही रास्ता भूल जाएंगे। उन्होंने कहा कि आज का मानव इसी जंजाल में फंसकर सद्मार्ग से भटकता जा रहा है। समय रहते जाग जाएं और अपने जीवन को भक्ति कर सफल बनाएं। संत ने कहा कि मनुष्य संसार में आकर मायारूपी जाल में फंसकर ईश्वर को भूल जाता है और असत्य के मार्ग पर चलकर बुराइयों में फंस जाता है। जिसका परिणाम उसे भुगतान पड़ता है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि जीव को मानव जीवन मुश्किल से मिलता है। उन्होंने प्रभु श्रीराम का उदाहरण देते हुए कहा, उन्होंने अपने जीवन में मुसीबतों का सामना करते हुए समाज के सामने ऐसे आदर्श प्रस्तुत किए कि मनुष्य अनुसरण करे तो उसका जीवन सफल हो सकता है।