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बच्चों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में किया जागरूक
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कैथल। आरकेएसडी स्कूल के विद्यार्थियों ने पराली न जलाने के लिए बृहस्पतिवार को जागरूकता रैली निकाली। विद्यार्थियों का समूह स्कूल से अंबाला रोड पर चला और छोटू राम चौक व कुरुक्षेत्र रोड से होते हुए वापस परिसर में पहुंचा। उनके हाथों में पराली न जलाने का संदेश देते हुए स्लोगन वाले बोर्ड थे। रैली के दौरान राह चलते लोगों को भी अभियान से अवगत करवाया। विद्यार्थियों ने पराली जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में बताया। कहा कि गेहूं और धान की कटाई के बाद उसके अवशेष जलाने से वातावरण इतना दूषित हो जाता है कि सांस लेना दूभर हो जाता है। अन्य दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है। स्कूल की प्रधानाचार्या प्रीति शर्मा ने कहा कि आज के बच्चे ही भविष्य के निर्माता हैं। यदि वे आज ही समस्याओं के प्रति सजग होंगे तो भविष्य में समस्याओं का समाधान ढूंढे़ंगे। इस मौके पर स्कूल प्रबंधन समिति के चेयरमैन साकेत मंगल व प्रधान अश्वनी शोरेवाला भी मौजूद रहे।
सीवन के डीएवी स्कूल सीवन में बच्चों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक किया गया। बच्चों ने लोगों को जागरूक करने के लिए रैली निकाली और पोस्टर बनाए। स्कूल के मुखिया रुपेंद्र सिंह ने बताया कि पराली जलाने से लोगों को सांस लेने की समस्या, आंखों में जलन और गले की समस्या होती है। पराली जलाने से पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है। इस मौके पर अलका चौधरी, सुमन वधवा और रुपिंदर कौर मौजूद थीं।
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सीवन के डीएवी स्कूल सीवन में बच्चों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक किया गया। बच्चों ने लोगों को जागरूक करने के लिए रैली निकाली और पोस्टर बनाए। स्कूल के मुखिया रुपेंद्र सिंह ने बताया कि पराली जलाने से लोगों को सांस लेने की समस्या, आंखों में जलन और गले की समस्या होती है। पराली जलाने से पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है। इस मौके पर अलका चौधरी, सुमन वधवा और रुपिंदर कौर मौजूद थीं।
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