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Kaithal News: मानवी ने मुक्केबाजी में जीता रजत पदक
Mon, 06 Apr 2026 03:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 06 Apr 2026 03:07 AM IST
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मानवी
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कैथल। जिले के नरड़ गांव की उभरती खिलाड़ी मानवी ने बहादुरगढ़ में 27 से 31 मार्च तक आयोजित राज्य स्तरीय मुक्केबाजी प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक हासिल किया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे गांव में खुशी की लहर है। मानवी के पिता बिंदर चाहल की पुत्री मानवी स्पर्श जैन बाल सदन स्कूल की छात्रा है।
मानवी ने बताया कि वह पिछले 12 साल की उम्र से ही खेलों में सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं। सीमित संसाधनों और पारिवारिक कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने अपने हौसले को कभी कमजोर नहीं होने दिया। मानवी के पिता का देहांत हो चुका है, ऐसे में परिवार की जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने अपनी खेल प्रतिभा को निखारा है। परिवार में दो भाई-बहन हैं और सभी ने मानवी का हौसला बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मानवी जिले के छोटूराम इंडोर स्टेडियम में कोच अमरजीत सिंह के मार्गदर्शन में नियमित रूप से अभ्यास कर रही हैं। उनकी दिनचर्या काफी अनुशासित है। वह रोज सुबह 5 बजे से 7 बजे तक और शाम 4 बजे से 7 बजे तक कड़ी मेहनत करती हैं।
मानवी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने कोच अमरजीत और परिवार को दिया है। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य भविष्य में राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर देश और अपने जिले का नाम रोशन करना है। कोच अमरजीत ने बताया कि मानवी में प्रतिभा और मेहनत करने की क्षमता है। यदि उसे उचित अवसर और सुविधाएं मिलती रहें तो वह आने वाले समय में बड़े स्तर पर सफलता हासिल कर सकती है। मानवी की इस उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी का माहौल है। लोगों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। संवाद
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मानवी ने बताया कि वह पिछले 12 साल की उम्र से ही खेलों में सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं। सीमित संसाधनों और पारिवारिक कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने अपने हौसले को कभी कमजोर नहीं होने दिया। मानवी के पिता का देहांत हो चुका है, ऐसे में परिवार की जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने अपनी खेल प्रतिभा को निखारा है। परिवार में दो भाई-बहन हैं और सभी ने मानवी का हौसला बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मानवी जिले के छोटूराम इंडोर स्टेडियम में कोच अमरजीत सिंह के मार्गदर्शन में नियमित रूप से अभ्यास कर रही हैं। उनकी दिनचर्या काफी अनुशासित है। वह रोज सुबह 5 बजे से 7 बजे तक और शाम 4 बजे से 7 बजे तक कड़ी मेहनत करती हैं।
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मानवी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने कोच अमरजीत और परिवार को दिया है। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य भविष्य में राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर देश और अपने जिले का नाम रोशन करना है। कोच अमरजीत ने बताया कि मानवी में प्रतिभा और मेहनत करने की क्षमता है। यदि उसे उचित अवसर और सुविधाएं मिलती रहें तो वह आने वाले समय में बड़े स्तर पर सफलता हासिल कर सकती है। मानवी की इस उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी का माहौल है। लोगों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। संवाद
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