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तत्काल टिकट के लिए लंबा इंतजार
ब्यूरो/अमर उजाला कैथ्ाल
Updated Thu, 19 Jun 2014 12:50 AM IST
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रेलवे स्टेशन पर रिजर्वेशन काउंटर पर तत्काल का टिकट लेने में यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई घंटे लाइन में लगने के बाद भी टिकट नहीं मिल पाता।
अगर मुश्किल से नंबर आ भी जाए तो कई बार बिजली गुल हो जाती है जिस कारण अगले दिन फिर से लाइन में लगना पड़ता है। लोगों ने रेलवे प्रशासन से मांग की कि यहां सुबह और शाम दोनों ही समय तत्काल टिकट बुकिंग की व्यवस्था की जाए। साथ ही रविवार को तत्काल में टिकट बुकिंग की जाए।
काउंटर पर लाइन में लगे विकास ने बताया कि उसे बैंगलूरू के लिए टिकट चाहिए था जिस कारण वह दो दिन से यहां टिकट के लिए आ रहा है। सोमवार को भी वह लाइन में लगा तथा मंगलवार को तो रात के 12 बजे काउंटर पर आकर खड़ा हुआ था। मुश्किल से उसका नंबर आया है। यहां कई एजेंट रात को अपने फार्म भरकर खिड़की पर रख जाते हैं। सुबह तत्काल खुलने के समय 10 बजे आराम से आते हैं।
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कई बार इन फार्मों को उठाकर फेंक भी दिया जाता। इसी प्रकार से कलायत से आए अनिल ने बताया कि वह दो दिन से कलायत से यहां आकर टिकट के लिए लाइन में लगता है। पहले दिन उसका टिकट बुक नहीं हो पाया। दूसरे दिन मुश्किल से नंबर आया। कैथल निवासी अमित कुमार, पंकज, सियाराम ने बताया कि वे बुधवार सुबह तीन बजे से लाइन में लगे हैं।
रविवार और शाम को रिजर्वेशन काउंटर बंद
शहरवासी शिवपाल ने बताया कि अन्य रेलवे स्टेशनों पर शाम के समय भी तत्काल खुलता है तथा रविवार को भी यह खुला रहता है लेकिन कैथल में केवल सुबह 10 बजे तत्काल खुलता है। इसमें कुछेक को टिकट मिल जाता है, कइयों को बिना टिकट लौटना पड़ता है। इससे पहले आठ बजे का समय सही था। अब 10 बजे का समय किए जाने के कारण लोगों का आम काम-धंधा भी प्रभावित होता है।
नंबर आने पर चली जाती है बिजली
एचसीटीएम के डायरेक्टर डॉ. डीपी गुप्ता का कहना है कि यहां पहले तो तत्काल के लिए पूरी-पूरी रात लाइन में लगकर इंतजार करना पड़ता है। इतने लंबे इंतजार के बाद यदि नंबर आ भी जाए तो कई बार तत्काल खुलने के ऐन मौके पर बिजली चली जाती है। यहां उचित व्यवस्था होनी चाहिए। कर्मचारियों की संख्या बढ़ाए जाने की आवश्यकता है।
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अगर मुश्किल से नंबर आ भी जाए तो कई बार बिजली गुल हो जाती है जिस कारण अगले दिन फिर से लाइन में लगना पड़ता है। लोगों ने रेलवे प्रशासन से मांग की कि यहां सुबह और शाम दोनों ही समय तत्काल टिकट बुकिंग की व्यवस्था की जाए। साथ ही रविवार को तत्काल में टिकट बुकिंग की जाए।
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काउंटर पर लाइन में लगे विकास ने बताया कि उसे बैंगलूरू के लिए टिकट चाहिए था जिस कारण वह दो दिन से यहां टिकट के लिए आ रहा है। सोमवार को भी वह लाइन में लगा तथा मंगलवार को तो रात के 12 बजे काउंटर पर आकर खड़ा हुआ था। मुश्किल से उसका नंबर आया है। यहां कई एजेंट रात को अपने फार्म भरकर खिड़की पर रख जाते हैं। सुबह तत्काल खुलने के समय 10 बजे आराम से आते हैं।
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कई बार इन फार्मों को उठाकर फेंक भी दिया जाता। इसी प्रकार से कलायत से आए अनिल ने बताया कि वह दो दिन से कलायत से यहां आकर टिकट के लिए लाइन में लगता है। पहले दिन उसका टिकट बुक नहीं हो पाया। दूसरे दिन मुश्किल से नंबर आया। कैथल निवासी अमित कुमार, पंकज, सियाराम ने बताया कि वे बुधवार सुबह तीन बजे से लाइन में लगे हैं।
रविवार और शाम को रिजर्वेशन काउंटर बंद
शहरवासी शिवपाल ने बताया कि अन्य रेलवे स्टेशनों पर शाम के समय भी तत्काल खुलता है तथा रविवार को भी यह खुला रहता है लेकिन कैथल में केवल सुबह 10 बजे तत्काल खुलता है। इसमें कुछेक को टिकट मिल जाता है, कइयों को बिना टिकट लौटना पड़ता है। इससे पहले आठ बजे का समय सही था। अब 10 बजे का समय किए जाने के कारण लोगों का आम काम-धंधा भी प्रभावित होता है।
नंबर आने पर चली जाती है बिजली
एचसीटीएम के डायरेक्टर डॉ. डीपी गुप्ता का कहना है कि यहां पहले तो तत्काल के लिए पूरी-पूरी रात लाइन में लगकर इंतजार करना पड़ता है। इतने लंबे इंतजार के बाद यदि नंबर आ भी जाए तो कई बार तत्काल खुलने के ऐन मौके पर बिजली चली जाती है। यहां उचित व्यवस्था होनी चाहिए। कर्मचारियों की संख्या बढ़ाए जाने की आवश्यकता है।