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लोगां में बारों...जाण का क्रेज...
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कैथल। पिछले एक साल से लोगों में विदेश जाने का इतना क्रेज बना हुआ है कि वे पासपोर्ट के लिए तीन माह का इंतजार नहीं करना चाहते। हरियाणा के सभी आठ पासपोर्ट केंद्रों में तीन माह की वेटिंग चल रही है। इस वजह से पासपोर्ट बनवाने के लिए लोग जयपुर, हिमाचल प्रदेश में शिमला या फिर उत्तराखंड के देहरादून व उत्तर प्रदेश के कई शहरों तक जाने से गुरेज नहीं कर रहे। एकाएक विदेश जाने वाले लोगों की संख्या बढ़ने से पिछले साल भर से यही स्थिति है। ज्यादातर युवक स्टडी वीजा पर विदेश जा रहे हैं। इनमें ज्यादातर अमेरिका, कनाडा, आस्ट्रेलिया व पुर्तगाल जाते हैं।
वर्ष 2018 में कैथल में पोस्टऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र खोला था। इस तरह के हरियाणा के आठ जिलों करनाल, पानीपत, रोहतक, भिवानी, फरीदाबाद, हिसार व सिरसा में भी पीओपीएसके खुले थे। जहां पहले एक दिन में 40 पासपोर्ट की अनुमति दी गई थी। अब यह बढ़ाकर 50 कर दी गई है। 15 लोगों के पासपोर्ट भी एक दिन में वेरीफाई किए जा रहे हैं। इसके अलावा अंबाला व चंडीगढ़ में पासपोर्ट के लिए विदेश मंत्रालय के अपने कार्यालय हैं, यहां भी पासपोर्ट बनाए जाते हैं। कैथल पासपोर्ट केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार यहां आने वाले लोग बताते हैं कि हरियाणा के सभी आठ जिलों में तीन माह से अधिक की वेटिंग है। यही हाल अंबाला व चंडीगढ़ का है। इस कारण राजस्थान में जयपुर, हिमाचल में शिमला हो या उत्तराखंड में देहरादून या यूपी के कई अन्य शहर, जहां भी ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट मिलती है, वहीं जाकर लोग अपने पासपोर्ट बनवा रहे हैं।
पंजाब पटियाला से पासपोर्ट के लिए पहुंचे रजनीश ने कहा कि पंजाब में ज्यादा वेटिंग के कारण वे यहां पता करने आए थे कि पासपोर्ट को लेकर क्या स्थिति है। यहां भी तीन माह की वेटिंग बताई है। वे यहां किसी अन्य काम से आए थे तो यहां भी जानकारी के लिए आ गए। इसी प्रकार से जींद से राजेश ने कहा कि उसके परिचित ने पासपोर्ट का आवेदन किया है, उसके कागजात देने के लिए आया था। कई माह बाद उनका नंबर आया है।
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कैथल में पहले तक हर रोज 40 पासपोर्ट बनते थे। उस समय इंतजार नहीं करना पड़ता था, लेकिन साल भर से विदेश जाने का क्रेज बढ़ गया है। अनुमान के अनुसार साल भर में लगभग 20 हजार लोग पासपोर्ट बनवा रहे हैं। कैथल पासपोर्ट सेवा केंद्र प्रभारी राकेश कुमार ने कहा कि यहां साल भर पहले तक हर रोज 40 पासपोर्ट बनते थे। उस समय इंतजार नहीं करना पड़ता था, लेकिन साल भर से विदेश जाने का क्रेज बढ़ गया है। एक साल से तीन माह की वेटिंग हो गई है। पंजाब के पटियाला से लेकर जींद व कई जिलों के अलावा कैथल जिले के हर क्षेत्र से लोग पासपोर्ट के लिए आ रहे हैं। 50 पासपोर्ट व 15 लोगों के वीजा से पहले पासपोर्ट वेरीफिकेशन हर रोज की जाती है। साल भर में लगभग 20 हजार लोग पासपोर्ट बनवा रहे हैं। पासपोर्ट के लिए पहले ऑनलाइन आवेदन करना होता है। ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट मिलने के बाद उसी तिथि में यहां पहुंच कर पासपोर्ट बनवा सकते हैं।
जल्दबाजी का फायदा उठा रहे हैं एजेंट
जिस तरह से लोग जल्दबाजी में विदेश जाने का प्रयास करते हैं। उसे देखते हुए ठग भी सक्रिय हो गए हैं। कैथल पुलिस ने विदेश भेजने का झांसा देकर अपहरण करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इसके अलावा लाखों रुपये की ठगी के हर रोज मामले दर्ज होते हैं। लोगों को चाहिए कि वे अधिकृत एजेंटों के माध्यम से ही विदेश जाएं।
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वर्ष 2018 में कैथल में पोस्टऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र खोला था। इस तरह के हरियाणा के आठ जिलों करनाल, पानीपत, रोहतक, भिवानी, फरीदाबाद, हिसार व सिरसा में भी पीओपीएसके खुले थे। जहां पहले एक दिन में 40 पासपोर्ट की अनुमति दी गई थी। अब यह बढ़ाकर 50 कर दी गई है। 15 लोगों के पासपोर्ट भी एक दिन में वेरीफाई किए जा रहे हैं। इसके अलावा अंबाला व चंडीगढ़ में पासपोर्ट के लिए विदेश मंत्रालय के अपने कार्यालय हैं, यहां भी पासपोर्ट बनाए जाते हैं। कैथल पासपोर्ट केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार यहां आने वाले लोग बताते हैं कि हरियाणा के सभी आठ जिलों में तीन माह से अधिक की वेटिंग है। यही हाल अंबाला व चंडीगढ़ का है। इस कारण राजस्थान में जयपुर, हिमाचल में शिमला हो या उत्तराखंड में देहरादून या यूपी के कई अन्य शहर, जहां भी ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट मिलती है, वहीं जाकर लोग अपने पासपोर्ट बनवा रहे हैं।
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पंजाब पटियाला से पासपोर्ट के लिए पहुंचे रजनीश ने कहा कि पंजाब में ज्यादा वेटिंग के कारण वे यहां पता करने आए थे कि पासपोर्ट को लेकर क्या स्थिति है। यहां भी तीन माह की वेटिंग बताई है। वे यहां किसी अन्य काम से आए थे तो यहां भी जानकारी के लिए आ गए। इसी प्रकार से जींद से राजेश ने कहा कि उसके परिचित ने पासपोर्ट का आवेदन किया है, उसके कागजात देने के लिए आया था। कई माह बाद उनका नंबर आया है।
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कैथल में पहले तक हर रोज 40 पासपोर्ट बनते थे। उस समय इंतजार नहीं करना पड़ता था, लेकिन साल भर से विदेश जाने का क्रेज बढ़ गया है। अनुमान के अनुसार साल भर में लगभग 20 हजार लोग पासपोर्ट बनवा रहे हैं। कैथल पासपोर्ट सेवा केंद्र प्रभारी राकेश कुमार ने कहा कि यहां साल भर पहले तक हर रोज 40 पासपोर्ट बनते थे। उस समय इंतजार नहीं करना पड़ता था, लेकिन साल भर से विदेश जाने का क्रेज बढ़ गया है। एक साल से तीन माह की वेटिंग हो गई है। पंजाब के पटियाला से लेकर जींद व कई जिलों के अलावा कैथल जिले के हर क्षेत्र से लोग पासपोर्ट के लिए आ रहे हैं। 50 पासपोर्ट व 15 लोगों के वीजा से पहले पासपोर्ट वेरीफिकेशन हर रोज की जाती है। साल भर में लगभग 20 हजार लोग पासपोर्ट बनवा रहे हैं। पासपोर्ट के लिए पहले ऑनलाइन आवेदन करना होता है। ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट मिलने के बाद उसी तिथि में यहां पहुंच कर पासपोर्ट बनवा सकते हैं।
जल्दबाजी का फायदा उठा रहे हैं एजेंट
जिस तरह से लोग जल्दबाजी में विदेश जाने का प्रयास करते हैं। उसे देखते हुए ठग भी सक्रिय हो गए हैं। कैथल पुलिस ने विदेश भेजने का झांसा देकर अपहरण करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इसके अलावा लाखों रुपये की ठगी के हर रोज मामले दर्ज होते हैं। लोगों को चाहिए कि वे अधिकृत एजेंटों के माध्यम से ही विदेश जाएं।