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Kaithal News: प्राथमिक उपचार सीखना जरूरी ः डॉ. झींजर
Thu, 13 Nov 2025 01:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 13 Nov 2025 01:51 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। सेंट जॉन एंबुलेंस इंटरनेशनल एसोसिएशन इंडिया शाखा कैथल के सचिव एवं गोल्ड मेडलिस्ट डॉ. राजा सिंह झींजर ने कहा कि प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) प्रशिक्षण दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति के जीवन को बचाने का एकमात्र कारगर प्रयास है। सड़क हादसे और प्राकृतिक आपदाएं लगातार बढ़ रही हैं, जो मानवता के लिए गंभीर चुनौती बन चुकी हैं।
उन्होंने बताया कि आंकड़े बताते हैं कि हरियाणा में हर दिन औसतन 15 लोग सड़क हादसों का शिकार हो रहे हैं और जनवरी से अक्तूबर तक 4000 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। अगर समय पर घायल को प्राथमिक उपचार मिल जाए, तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।
डॉ. झींजर शिशु निकेतन सीनियर सेकेंडरी स्कूल भुना में विद्यार्थियों और स्टाफ को फर्स्ट एड व सीपीआर प्रशिक्षण दे रहे थे। उन्होंने बताया कि फर्स्ट एड का ज्ञान न केवल व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाता है, बल्कि वह दूसरों के लिए भी जीवनरक्षक बन सकता है।
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कार्यक्रम में लगभग 250 विद्यार्थियों, 25 स्टाफ सदस्यों तथा चालक-परिचालकों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रतिभागियों को फर्स्ट एड का महत्व, सीपीआर की विधि, घायल व्यक्ति की सुरक्षा और प्राथमिक उपचार के बाद सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की तकनीकें सिखाई गईं। प्रशिक्षण के दौरान मानव डमी पर सीपीआर का अभ्यास भी कराया गया।
डॉ. झींजर ने बताया कि यह प्रशिक्षण सेंट जॉन एम्बुलेंस इंटरनेशनल एसोसिएशन इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजपाल पूनिया के निर्देशन में नेशनल पैरामाउंट मिशन 2030 के तहत आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि संगठन का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को सरकारी जनकल्याण योजनाओं से जोड़ना और प्रत्येक नागरिक को ‘फर्स्ट एडर’ बनाना है ताकि समाज अधिक सुरक्षित और स्वस्थ बन सके।
प्रधानाचार्य रघुवीर शर्मा ने सेंट जॉन एम्बुलेंस द्वारा कराए गए इस प्रशिक्षण की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रायोगिक प्रशिक्षण कार्यक्रम बच्चों और शिक्षकों दोनों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं, क्योंकि ये जीवन रक्षा के व्यावहारिक उपाय सिखाते हैं।
इस अवसर पर सविता देवी, परमजीत कौर, मनजीत कौर, विजय शर्मा, वीना रानी, गोपाल शर्मा, प्रवीण कुमार, गुरकमाल कौर, मेशुराम, रमेश कुमार, सुखदेव सिंह, वंदना, माफी देवी, नंदनी देवी सहित सभी शिक्षक व प्राध्यापक उपस्थित रहे।
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गुहला-चीका। सेंट जॉन एंबुलेंस इंटरनेशनल एसोसिएशन इंडिया शाखा कैथल के सचिव एवं गोल्ड मेडलिस्ट डॉ. राजा सिंह झींजर ने कहा कि प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) प्रशिक्षण दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति के जीवन को बचाने का एकमात्र कारगर प्रयास है। सड़क हादसे और प्राकृतिक आपदाएं लगातार बढ़ रही हैं, जो मानवता के लिए गंभीर चुनौती बन चुकी हैं।
उन्होंने बताया कि आंकड़े बताते हैं कि हरियाणा में हर दिन औसतन 15 लोग सड़क हादसों का शिकार हो रहे हैं और जनवरी से अक्तूबर तक 4000 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। अगर समय पर घायल को प्राथमिक उपचार मिल जाए, तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।
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डॉ. झींजर शिशु निकेतन सीनियर सेकेंडरी स्कूल भुना में विद्यार्थियों और स्टाफ को फर्स्ट एड व सीपीआर प्रशिक्षण दे रहे थे। उन्होंने बताया कि फर्स्ट एड का ज्ञान न केवल व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाता है, बल्कि वह दूसरों के लिए भी जीवनरक्षक बन सकता है।
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कार्यक्रम में लगभग 250 विद्यार्थियों, 25 स्टाफ सदस्यों तथा चालक-परिचालकों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रतिभागियों को फर्स्ट एड का महत्व, सीपीआर की विधि, घायल व्यक्ति की सुरक्षा और प्राथमिक उपचार के बाद सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की तकनीकें सिखाई गईं। प्रशिक्षण के दौरान मानव डमी पर सीपीआर का अभ्यास भी कराया गया।
डॉ. झींजर ने बताया कि यह प्रशिक्षण सेंट जॉन एम्बुलेंस इंटरनेशनल एसोसिएशन इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजपाल पूनिया के निर्देशन में नेशनल पैरामाउंट मिशन 2030 के तहत आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि संगठन का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को सरकारी जनकल्याण योजनाओं से जोड़ना और प्रत्येक नागरिक को ‘फर्स्ट एडर’ बनाना है ताकि समाज अधिक सुरक्षित और स्वस्थ बन सके।
प्रधानाचार्य रघुवीर शर्मा ने सेंट जॉन एम्बुलेंस द्वारा कराए गए इस प्रशिक्षण की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रायोगिक प्रशिक्षण कार्यक्रम बच्चों और शिक्षकों दोनों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं, क्योंकि ये जीवन रक्षा के व्यावहारिक उपाय सिखाते हैं।
इस अवसर पर सविता देवी, परमजीत कौर, मनजीत कौर, विजय शर्मा, वीना रानी, गोपाल शर्मा, प्रवीण कुमार, गुरकमाल कौर, मेशुराम, रमेश कुमार, सुखदेव सिंह, वंदना, माफी देवी, नंदनी देवी सहित सभी शिक्षक व प्राध्यापक उपस्थित रहे।