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देर रात प्रशासन ने ढहाया अवैध्ा कब्जा
कैथ्ाल/ब्यूरो
Updated Wed, 16 Dec 2015 11:21 PM IST
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सेक्टर-19 में पानी के टंकी के सामने हुडा दो दिनों से जारी कार्रवाई के बाद प्रशासन ने हुडा की कब्जाई जा रही जमीन को प्रशासन मुक्त करवा लिया। यहां हुडा सेक्टर-19 की एक साइड से साढ़े नौ फुट ओर दूसरी साढ़े चार फुट जमीन पर अवैध निर्माण किया हुआ पाया गया।
जिसे प्रशासन ने बुधवार शाम जेसीबी की सहायता से गिरवा दिया। दूसरी ओर सेक्टर-20 में सिंचाई विभाग की जमीन पर कब्जा करने के आरोप में अज्ञात के खिलाफ केस भी दर्ज किया है। विदित रहे कि सेक्टर 19 व 20 का क्षेत्र से लेकर भगवान परशु राम चौक तक विभिन्न विभागों की जमीन पर कब्जा करने के बात उजागर हुई थी। जिस पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री के ओएसडी अमरेंद्र सिंह ने मंगलवार को सभी जगहों को दौरा कर अधिकारियों को कब्जा करने का प्रयास करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए थे।
इन आदेशों के बाद मंगलवार रात को ही एसडीएम के नेतृत्व में सेक्टर-19 में एक जगह किए जा रहे निर्माण कार्य की पैमाइश शुरू कर दी थी। लेकिन रात्रि 11 बजे तक भी पैमाइश का काम पूरा न होने व जेसीबी न मिलने के कारण निर्माण पर कोई फैसला नहीं हो पाया था। इसके बाद बुधवार सुबह 11 बजे एसडीएम मनदीप कौर के नेतृत्व में प्रशासनिक अमला वहीं पहुंच गया जहां तहसीलदार ओपी बिश्नोई की देखरेख में पैमाइश का कार्य शुरू हुआ। शाम करीब चार बजे तक पैमाइश का काम पूरा हो सका।
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इस दौरान अधिकारियों ने कई बार जगह को लेकर विचार विमर्श किया। जहां निर्माण किया जा रहा था उस जगह के कागजात भी जांचे। कई घंटों की मशक्कत के बाद पता चला कि यहां हुडा की जमीन पर अवैध निर्माण किया जा रहा था। पैमाइश में एक साइड साढ़े नौ फुट, दूसरी साइड साढ़े चार फुट जमीन पर अवैध कब्जा पाया गया। जिसमें पहले तो प्रशासन ने निर्माण कर रहे व्यक्ति को खुद ही हटाने का समय दिया। लेकिन बाद में देर रात्रि आठ बजे जेसीबी की सहायता से हुडा की जमीन पर किए गए निर्माण कार्य को गिरा दिया।
चूंकि हुडा यहां स्वयं एक पक्ष है ओर मैं हुडा स्टेट ऑफिसर होने के कारण अवैध निर्माण का फैसला नहीं कर सकती थी। इसलिए तहसीलदार की सहायता से जमीन की पैमाइश की गई। जिसमें वी की शेप में साढ़े चार फुट से शुरू होकर साढ़े नौ फुट तक का अवैध कब्जा किया जा रहा था। कब्जा कर रहे व्यक्ति ने भी लिखित में इस बात की सहमति दी है कि अवैध निर्माण हो रहा था। हुडा की जमीन को जेसीबी की सहायता से खाली करवा लिया गया है।
मनदीप कौर, एसडीएम।
सिंचाई विभाग की जमीन पर कब्जे के आरोप में केस दर्ज
ढांड रोड महाराजा पैलेस के बैक साइड में सिंचाई विभाग की जमीन पर अवैध रूप से रास्ता निकालने और कब्जा करने के आरोप में सिविल लाइन पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। सिंचाई विभाग एक्सईएन हुक्म चंद ने बताया सिंचाई विभाग की जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जे का प्रयास किया। महाराजा पैलेस के बैक साइड से जा रहे नाले पर रास्ता बनाकर यह प्रयास किया गया है। एएसआई हरपाल सिंह ने बताया कि पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शहर में अवैध कब्जों के प्रयास और उन्हें रोकने त्वरित कार्रवाई दिनभर शहर में चर्चा का विषय बनी रही। हुडा सेक्टर-19 में कई घंटे चली प्रशासनिक कार्रवाई को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी रही। सरकार ने दो दिन पहले दो दिन पहले उजागर हुए कब्जे के मामले में कब्जा कर रहे लोगों को कड़ा संदेश दिया है।
अवैध निर्माण हुआ तो कार्रवाई होगी : डीसी
डीसी केएम पांडूरंग ने बताया कि पैमाइश का काम चल रहा है। निर्माण करने वाले लोग उनके पास आए थे। उन्होंने प्रशासन को पूरा सहयोग करने की बात कही है। अगर निशानदेही से ज्यादा जमीन पर निर्माण हुआ तो वे स्वयं उसे गिरा देंगे। डीसी ने कहा कि अगर निर्माण अवैध हुआ तो उसे गिरा दिया जाएगा।
भाजपा नेताओं और प्रशासन की मिलीभगत से हुआ 1100 करोड़ रुपये की भूमि पर अवैध कब्जा: माजरा
कैथल। पूर्व मुख्य संसदीय सचिव एवं इनेलो नेता रामपाल माजरा ने कहा कि भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि हूडा सेक्टर 19 में स्थित भूमि पर हुए अवैध कब्जों ने इस सरकार की भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन देने की कलई खोलकर रख दी है। ये अवैध कब्जे भाजपा नेताओं ने जिला प्रशासन की मिलीभगत से किए हैं और अब प्रशासन मामले के उजागर होने पर आनन-फानन लीपापोती करके इसे वैध बनाने की कोशिश कर रहा है।
सरकार यदि निष्पक्षता से इस 1100 करोड़ भू माफिया घोटाले की जांच करवाए तो प्रशासन के अधिकारी इसमें संलिप्त दिखाई देंगे और उसके बाद दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। प्रशासन के नाक के तले यह अवैध कब्जे होते रहे और अधिकारी प्रतिदिन इस अवैध कब्जों वाली भूमि के सामने से कई बार निकलते गुजरते रहे लेकिन हैरानी की बात है न संबंधित महकमों के अधिकारी और न ही आला अधिकारियों ने यहां हो रहे अवैध कब्जों को रोकने की कार्रवाई करने की कोई जहमत उठाई।
मामला प्रकाश आने पर डीसी ने औपचारिकता निभाते हुए एसडीएम को अधिकारियों के साथ मौके पर भेजा और पटवारी रात में पैमाइश करते देखे गए जबकि कायदा यह काम तो कई दिन पहले हो जाना चाहिए। आखिरकार यह कहकर अधिकारियों ने अपना पल्ला झाड़ा कि रात को पैमाइश पूरी न होने के कारण और जेसीबी न मिलने के कारण अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई नहीं की जा सकी।
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जिसे प्रशासन ने बुधवार शाम जेसीबी की सहायता से गिरवा दिया। दूसरी ओर सेक्टर-20 में सिंचाई विभाग की जमीन पर कब्जा करने के आरोप में अज्ञात के खिलाफ केस भी दर्ज किया है। विदित रहे कि सेक्टर 19 व 20 का क्षेत्र से लेकर भगवान परशु राम चौक तक विभिन्न विभागों की जमीन पर कब्जा करने के बात उजागर हुई थी। जिस पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री के ओएसडी अमरेंद्र सिंह ने मंगलवार को सभी जगहों को दौरा कर अधिकारियों को कब्जा करने का प्रयास करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए थे।
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इन आदेशों के बाद मंगलवार रात को ही एसडीएम के नेतृत्व में सेक्टर-19 में एक जगह किए जा रहे निर्माण कार्य की पैमाइश शुरू कर दी थी। लेकिन रात्रि 11 बजे तक भी पैमाइश का काम पूरा न होने व जेसीबी न मिलने के कारण निर्माण पर कोई फैसला नहीं हो पाया था। इसके बाद बुधवार सुबह 11 बजे एसडीएम मनदीप कौर के नेतृत्व में प्रशासनिक अमला वहीं पहुंच गया जहां तहसीलदार ओपी बिश्नोई की देखरेख में पैमाइश का कार्य शुरू हुआ। शाम करीब चार बजे तक पैमाइश का काम पूरा हो सका।
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इस दौरान अधिकारियों ने कई बार जगह को लेकर विचार विमर्श किया। जहां निर्माण किया जा रहा था उस जगह के कागजात भी जांचे। कई घंटों की मशक्कत के बाद पता चला कि यहां हुडा की जमीन पर अवैध निर्माण किया जा रहा था। पैमाइश में एक साइड साढ़े नौ फुट, दूसरी साइड साढ़े चार फुट जमीन पर अवैध कब्जा पाया गया। जिसमें पहले तो प्रशासन ने निर्माण कर रहे व्यक्ति को खुद ही हटाने का समय दिया। लेकिन बाद में देर रात्रि आठ बजे जेसीबी की सहायता से हुडा की जमीन पर किए गए निर्माण कार्य को गिरा दिया।
चूंकि हुडा यहां स्वयं एक पक्ष है ओर मैं हुडा स्टेट ऑफिसर होने के कारण अवैध निर्माण का फैसला नहीं कर सकती थी। इसलिए तहसीलदार की सहायता से जमीन की पैमाइश की गई। जिसमें वी की शेप में साढ़े चार फुट से शुरू होकर साढ़े नौ फुट तक का अवैध कब्जा किया जा रहा था। कब्जा कर रहे व्यक्ति ने भी लिखित में इस बात की सहमति दी है कि अवैध निर्माण हो रहा था। हुडा की जमीन को जेसीबी की सहायता से खाली करवा लिया गया है।
मनदीप कौर, एसडीएम।
सिंचाई विभाग की जमीन पर कब्जे के आरोप में केस दर्ज
ढांड रोड महाराजा पैलेस के बैक साइड में सिंचाई विभाग की जमीन पर अवैध रूप से रास्ता निकालने और कब्जा करने के आरोप में सिविल लाइन पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। सिंचाई विभाग एक्सईएन हुक्म चंद ने बताया सिंचाई विभाग की जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जे का प्रयास किया। महाराजा पैलेस के बैक साइड से जा रहे नाले पर रास्ता बनाकर यह प्रयास किया गया है। एएसआई हरपाल सिंह ने बताया कि पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शहर में अवैध कब्जों के प्रयास और उन्हें रोकने त्वरित कार्रवाई दिनभर शहर में चर्चा का विषय बनी रही। हुडा सेक्टर-19 में कई घंटे चली प्रशासनिक कार्रवाई को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी रही। सरकार ने दो दिन पहले दो दिन पहले उजागर हुए कब्जे के मामले में कब्जा कर रहे लोगों को कड़ा संदेश दिया है।
अवैध निर्माण हुआ तो कार्रवाई होगी : डीसी
डीसी केएम पांडूरंग ने बताया कि पैमाइश का काम चल रहा है। निर्माण करने वाले लोग उनके पास आए थे। उन्होंने प्रशासन को पूरा सहयोग करने की बात कही है। अगर निशानदेही से ज्यादा जमीन पर निर्माण हुआ तो वे स्वयं उसे गिरा देंगे। डीसी ने कहा कि अगर निर्माण अवैध हुआ तो उसे गिरा दिया जाएगा।
भाजपा नेताओं और प्रशासन की मिलीभगत से हुआ 1100 करोड़ रुपये की भूमि पर अवैध कब्जा: माजरा
कैथल। पूर्व मुख्य संसदीय सचिव एवं इनेलो नेता रामपाल माजरा ने कहा कि भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि हूडा सेक्टर 19 में स्थित भूमि पर हुए अवैध कब्जों ने इस सरकार की भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन देने की कलई खोलकर रख दी है। ये अवैध कब्जे भाजपा नेताओं ने जिला प्रशासन की मिलीभगत से किए हैं और अब प्रशासन मामले के उजागर होने पर आनन-फानन लीपापोती करके इसे वैध बनाने की कोशिश कर रहा है।
सरकार यदि निष्पक्षता से इस 1100 करोड़ भू माफिया घोटाले की जांच करवाए तो प्रशासन के अधिकारी इसमें संलिप्त दिखाई देंगे और उसके बाद दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। प्रशासन के नाक के तले यह अवैध कब्जे होते रहे और अधिकारी प्रतिदिन इस अवैध कब्जों वाली भूमि के सामने से कई बार निकलते गुजरते रहे लेकिन हैरानी की बात है न संबंधित महकमों के अधिकारी और न ही आला अधिकारियों ने यहां हो रहे अवैध कब्जों को रोकने की कार्रवाई करने की कोई जहमत उठाई।
मामला प्रकाश आने पर डीसी ने औपचारिकता निभाते हुए एसडीएम को अधिकारियों के साथ मौके पर भेजा और पटवारी रात में पैमाइश करते देखे गए जबकि कायदा यह काम तो कई दिन पहले हो जाना चाहिए। आखिरकार यह कहकर अधिकारियों ने अपना पल्ला झाड़ा कि रात को पैमाइश पूरी न होने के कारण और जेसीबी न मिलने के कारण अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई नहीं की जा सकी।