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Kaithal News: बढ़सीकरी में पराली जलाते पकड़ा गया नंबरदार
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आगजनी बुझवाते हुए सहायक कृषि अभियंता जगदीश मलिक। विभाग
कैथल। जिले में फसल अवशेष जलाने पर रोक लगाने के लिए कृषि विभाग की निगरानी और जागरूकता अभियान के बावजूद पराली जलाने के मामले सामने आ रहे हैं।
वीरवार को बढ़सीकरी गांव में किसान व नंबरदार रणधीर सिंह के खेत में फसल अवशेष जलाने का मामला सामने आया। सहायक कृषि अभियंता की टीम गांव में निरीक्षण के लिए पहुंची थी।
इस दाैरान खेत में पराली जलाए जाने की जानकारी मिली। संबंधित खेत में नाममात्र ही पराली थी। इसके बाद भी आग लगाई गई थी। गांव में दो बेलर भी चल रहे हैं जिनसे फसल अवशेषों का प्रबंधन किया जा रहा है।
सेटेलाइट से मिली पराली जलाने की छह नई लोकेशन
कृषि विभाग को वीरवार को सेटेलाइट के माध्यम से छह नई लोकेशन मिली हैं। इनमें खरकड़ा, शुगलपुर, फरल, कसान, चक्कूलदाना और कुतुबपुर शामिल हैं। विभाग की टीमें इन सभी लोकेशन पर पहुंचकर जांच कर रही हैं। इनकी पुष्टि होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही इस सीजन में जिले में पराली जलाने से संबंधित लोकेशन की संख्या बढ़कर 17 हो गई है। इससे पहले नागल, मटौर, देवबन व भाणा गांव के खेत में पराली जलाने की पुष्टि हुई है। विभाग ने किसानों पर 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया था।
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272 गांवों में 630 कर्मचारियों की लगाई ड्यूटी : पिछले सीजन में जिले में पराली जलाने की 72 घटनाएं दर्ज की गई थीं। इस बार ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जिले के 272 गांवों में करीब 630 गांव स्तरीय अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। सेटेलाइट से लोकेशन मिलने के बाद विभागीय टीमें मौके पर पहुंचकर आग की पुष्टि करती हैं। पराली जलाने की पुष्टि होने पर संबंधित किसान पर जुर्माना लगाने के साथ पोर्टल पर रेड एंट्री भी की जाती है।
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वीरवार को बढ़सीकरी गांव में किसान व नंबरदार रणधीर सिंह के खेत में फसल अवशेष जलाने का मामला सामने आया। सहायक कृषि अभियंता की टीम गांव में निरीक्षण के लिए पहुंची थी।
इस दाैरान खेत में पराली जलाए जाने की जानकारी मिली। संबंधित खेत में नाममात्र ही पराली थी। इसके बाद भी आग लगाई गई थी। गांव में दो बेलर भी चल रहे हैं जिनसे फसल अवशेषों का प्रबंधन किया जा रहा है।
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सेटेलाइट से मिली पराली जलाने की छह नई लोकेशन
कृषि विभाग को वीरवार को सेटेलाइट के माध्यम से छह नई लोकेशन मिली हैं। इनमें खरकड़ा, शुगलपुर, फरल, कसान, चक्कूलदाना और कुतुबपुर शामिल हैं। विभाग की टीमें इन सभी लोकेशन पर पहुंचकर जांच कर रही हैं। इनकी पुष्टि होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही इस सीजन में जिले में पराली जलाने से संबंधित लोकेशन की संख्या बढ़कर 17 हो गई है। इससे पहले नागल, मटौर, देवबन व भाणा गांव के खेत में पराली जलाने की पुष्टि हुई है। विभाग ने किसानों पर 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया था।
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272 गांवों में 630 कर्मचारियों की लगाई ड्यूटी : पिछले सीजन में जिले में पराली जलाने की 72 घटनाएं दर्ज की गई थीं। इस बार ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जिले के 272 गांवों में करीब 630 गांव स्तरीय अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। सेटेलाइट से लोकेशन मिलने के बाद विभागीय टीमें मौके पर पहुंचकर आग की पुष्टि करती हैं। पराली जलाने की पुष्टि होने पर संबंधित किसान पर जुर्माना लगाने के साथ पोर्टल पर रेड एंट्री भी की जाती है।

आगजनी बुझवाते हुए सहायक कृषि अभियंता जगदीश मलिक। विभाग