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विश्वविद्यालय के नियमों के खिलाफ की नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूराो कैथल
Updated Tue, 01 Mar 2016 12:18 AM IST
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एचसीटीएम कॉलेज के विद्यार्थियों ने सोमवार सुबह कॉलेज के बाहर एकत्रित होकर विश्वविद्यालय के नियमों के खिलाफ रोष प्रकट किया। इस दौरान कई विद्यार्थियों ने अनशन भी शुरू कर दिया। बाद में कॉलेज डायरेक्टर ने आश्वासन देकर अनशन समाप्त करवाया।
विद्यार्थी विक्की करोड़ा सहित अन्य ने बताया कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय द्वारा नियम लागू किया गया है। जिसमें प्रथम वर्ष में री-अपियर आने पर अंतिम वर्ष में दाखिला नहीं दिया जा रहा। जबकि दाखिले के समय उन्हें इस नियम की जानकारी नहीं दी गई। इस नियम के विरोध में कई बार आवाज उठाई जा चुकी है।
लेकिन विश्वविद्यालय में कोई सुनवाई नहीं हो रही। इसी नियम के विरोध में सोमवार को अनशन शुरू किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने जमकर रोष प्रकट किया। बाद में कॉलेज के डायरेक्टर डा. डीपी गुप्ता ने विद्यार्थियों को आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की समस्या के बारे में विश्वविद्यालय को कॉलेज की ओर से पत्र लिखकर सूचित किया जा रहा है। बच्चे भी विश्वविद्यालय में अपनी बात रख सकते हैं।
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उनके आश्वासन के बाद बच्चों ने अनशन समाप्त कर दिया। इस अवसर पर काफी संख्या में विद्यार्थी मौजूद थे। विद्यार्थियों ने कहा कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो वे फिर से आंदोलन करेंगे। वहीं कॉलेज डायरेक्टर ने कहा कि विश्वविद्यालय में ज्ञापन देकर शिकायत की जा सकती है।
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विद्यार्थी विक्की करोड़ा सहित अन्य ने बताया कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय द्वारा नियम लागू किया गया है। जिसमें प्रथम वर्ष में री-अपियर आने पर अंतिम वर्ष में दाखिला नहीं दिया जा रहा। जबकि दाखिले के समय उन्हें इस नियम की जानकारी नहीं दी गई। इस नियम के विरोध में कई बार आवाज उठाई जा चुकी है।
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लेकिन विश्वविद्यालय में कोई सुनवाई नहीं हो रही। इसी नियम के विरोध में सोमवार को अनशन शुरू किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने जमकर रोष प्रकट किया। बाद में कॉलेज के डायरेक्टर डा. डीपी गुप्ता ने विद्यार्थियों को आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की समस्या के बारे में विश्वविद्यालय को कॉलेज की ओर से पत्र लिखकर सूचित किया जा रहा है। बच्चे भी विश्वविद्यालय में अपनी बात रख सकते हैं।
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उनके आश्वासन के बाद बच्चों ने अनशन समाप्त कर दिया। इस अवसर पर काफी संख्या में विद्यार्थी मौजूद थे। विद्यार्थियों ने कहा कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो वे फिर से आंदोलन करेंगे। वहीं कॉलेज डायरेक्टर ने कहा कि विश्वविद्यालय में ज्ञापन देकर शिकायत की जा सकती है।