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Kaithal News: कर्मबीर कौल बने जिला परिषद अध्यक्ष
Thu, 31 Oct 2024 01:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 31 Oct 2024 01:13 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिला परिषद अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर जारी हलचल छोटी दिवाली यानि बुधवार को आखिरकार संपन्न हो गई। सर्वसम्मति से भाजपा समर्थित पार्षद कर्मबीर कौल नए अध्यक्ष बने हैं।
जजपा समर्थित पार्षद दीपक मलिक उर्फ दीप मलिक की कुर्सी जाने के करीब 16 दिन बाद अध्यक्ष पद का चुनाव संपन्न हुआ। अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए बुलाई गई सदन की बैठक में 21 में 19 पार्षद शामिल हुए। इसमें सभी 19 पार्षदों ने भाजपा समर्थित पार्षद कर्मबीर कौल को नया अध्यक्ष चुना।
सदन की बैठक में डिप्टी सीईओ रितू लाठर, पूंडरी विधायक सतपाल जांबा, भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष अशोक गुर्जर और जिला अध्यक्ष मुनीष कठवाड़ भी मौजूद रहे।
गौरतलब है कि जिला परिषद के नए अध्यक्ष पद की दौड़ में कर्मबीर कौल का नाम सबसे ऊपर चल रहा था। इससे पहले वे जिला परिषद के उपाध्यक्ष थे। दरअसल, शुरुआत से दीपक मलिक उर्फ दीप मलिक जाखौली के खिलाफ पार्षदों का नेतृत्व कर्मबीर कौल ही करते आ रहे थे। ऐसे अब उन्हें ही अध्यक्ष पद का यह इनाम मिला है। वहीं, अब उपाध्यक्ष का चुनाव लगभग 20 दिन बाद किया जाएगा।
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14 अक्तूबर को गई थी जजपा समर्थित अध्यक्ष की कुर्सी ः जनवरी 2023 में जिला परिषद अध्यक्ष चुने गए दीप मलिक की 14 अक्तूबर को कुर्सी चली गई थी। उनके खिलाफ कर्मबीर कौल के नेतृत्व में पार्षद अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए थे। विश्वास प्रस्ताव के लिए 12 जुलाई को 15 पार्षदों ने डीसी को शपथ पत्र सौंप थे। इसके बाद प्रशासन ने 19 जुलाई को बैठक बुलाई थी। इस दौरान दीपक मलिक प्रशासन के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंच गए थे। आरोप लगाया था कि बैठक बुलाने के लिए नियमों का पालन नहीं किया गया।
हाईकोर्ट ने तय दिन पर वोटिंग करवाने के आदेश दिए, लेकिन अंतिम फैसला आने तक परिणाम घोषित करने पर स्टे लगा दिया था। 19 जुलाई को 17 पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग की। इसमें अध्यक्ष दीप मलिक नहीं पहुंचे थे। अगस्त में हाईकोर्ट ने फैसला प्रशासन के पक्ष में दिया, लेकिन आचार संहिता की वजह से परिणाम जारी नहीं हो सका। गत 14 अक्तूबर को डीसी की अध्यक्षता में वोटों की गिनती हुई। 17 पार्षदों के वोट अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मिलने पर दीप मलिक की कुर्सी चली गई थी।
कर्मबीर कौल ने छीनी थी ग्रांट बांटने की शक्ति ः जनवरी 2023 में जिला परिषद अध्यक्ष बनाने को लेकर भाजपा व जजपा दोनों ही पार्टियों में खूब खींचतान हुई थी। दोनों ही पार्टी अपना अध्यक्ष बनाने के लिए जोर लगा रहीं थी, लेकिन बाजी जजपा के हाथ लगी। जजपा के सहयोग से दीप मलिक अध्यक्ष तो बने, लेकिन पहली बैठक से उनके सामने अड़चनें शुरू हो गई थी। सदन की पहली ही बैठक में अध्यक्ष से ग्रांट बांटने की पावर छीन गई।
वोटिंग के माध्यम से ग्रांट बांटने का अधिकार उपाध्यक्ष कर्मबीर कौल को मिल गया था। हालांकि बाद में ग्रांट वितरण का अधिकार दीप मलिक को मिल गया था। इसके बाद पार्षद दीप मलिक से बागी होने लगे। अध्यक्ष की ओर से ग्रांट वितरण में भेदभाव के आरोप लगे। पार्षद व पार्षद प्रतिनिधि को भ्रष्टाचार के केस में फंसाने के भी आरोप लगाए गए। जिस कारण दीप मलिक कुर्सी नहीं बचा पाए थे।
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कर्मबीर को जिला परिषद कैथल का अध्यक्ष निर्वाचित किए जाने से कौल में खुशी का माहौल
फोटो नंबर-06
संवाद न्यूज एजेंसी
ढांड। जिला परिषद के उपाध्यक्ष कर्मबीर कौल को जिला परिषद कैथल का अध्यक्ष निर्वाचित किए जाने से कौल में खुशी का माहौल है। गांव में पहुंचने में कर्मबीर का ग्रामीणों ने फूल मालाओं के साथ स्वागत किया। ग्रामीणों ने नाच कर व मिठाइयां बांट कर खुशी का इजहार किया। कर्मबीर ने ग्रामीणों का संबोधित करते हुए कहा कि इसके लिए सबसे पहले जिला के समस्त पार्षद बधाई के पात्र है, जिन्होंने मुझ पर अपना विश्वास जताते हुए अध्यक्ष चुना है। इसके बाद जिला कैथल की समस्त जनता का आभारी हूं। उन्होंने कहा कि जिला परिषद अध्यक्ष के पद अविश्वास के चलते विकास कार्य लटके हुए थे। जिससे जिला का विकास अधूरा पड़ा हुआ था। अब अध्यक्ष बनते ही सभी विकास कार्यों को तेज गति से पूरा करने का काम किया जाएगा। सभी पार्षदों को साथ लेकर जिले के समस्त वार्डों में समान रूप से विकास कार्य करवाने को प्राथमिकता दी जाएगी। कर्मबीर कौल ने कहा कि वे मुख्यमंत्री नायब सैनी, सांसद नवीन व विधायक सतपाल जांबा का इसके लिए धन्यवाद करते हैं। जिनके सहयोग से वे जिला परिषद अध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंचे हैं।
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कैथल। जिला परिषद अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर जारी हलचल छोटी दिवाली यानि बुधवार को आखिरकार संपन्न हो गई। सर्वसम्मति से भाजपा समर्थित पार्षद कर्मबीर कौल नए अध्यक्ष बने हैं।
जजपा समर्थित पार्षद दीपक मलिक उर्फ दीप मलिक की कुर्सी जाने के करीब 16 दिन बाद अध्यक्ष पद का चुनाव संपन्न हुआ। अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए बुलाई गई सदन की बैठक में 21 में 19 पार्षद शामिल हुए। इसमें सभी 19 पार्षदों ने भाजपा समर्थित पार्षद कर्मबीर कौल को नया अध्यक्ष चुना।
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सदन की बैठक में डिप्टी सीईओ रितू लाठर, पूंडरी विधायक सतपाल जांबा, भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष अशोक गुर्जर और जिला अध्यक्ष मुनीष कठवाड़ भी मौजूद रहे।
गौरतलब है कि जिला परिषद के नए अध्यक्ष पद की दौड़ में कर्मबीर कौल का नाम सबसे ऊपर चल रहा था। इससे पहले वे जिला परिषद के उपाध्यक्ष थे। दरअसल, शुरुआत से दीपक मलिक उर्फ दीप मलिक जाखौली के खिलाफ पार्षदों का नेतृत्व कर्मबीर कौल ही करते आ रहे थे। ऐसे अब उन्हें ही अध्यक्ष पद का यह इनाम मिला है। वहीं, अब उपाध्यक्ष का चुनाव लगभग 20 दिन बाद किया जाएगा।
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14 अक्तूबर को गई थी जजपा समर्थित अध्यक्ष की कुर्सी ः जनवरी 2023 में जिला परिषद अध्यक्ष चुने गए दीप मलिक की 14 अक्तूबर को कुर्सी चली गई थी। उनके खिलाफ कर्मबीर कौल के नेतृत्व में पार्षद अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए थे। विश्वास प्रस्ताव के लिए 12 जुलाई को 15 पार्षदों ने डीसी को शपथ पत्र सौंप थे। इसके बाद प्रशासन ने 19 जुलाई को बैठक बुलाई थी। इस दौरान दीपक मलिक प्रशासन के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंच गए थे। आरोप लगाया था कि बैठक बुलाने के लिए नियमों का पालन नहीं किया गया।
हाईकोर्ट ने तय दिन पर वोटिंग करवाने के आदेश दिए, लेकिन अंतिम फैसला आने तक परिणाम घोषित करने पर स्टे लगा दिया था। 19 जुलाई को 17 पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग की। इसमें अध्यक्ष दीप मलिक नहीं पहुंचे थे। अगस्त में हाईकोर्ट ने फैसला प्रशासन के पक्ष में दिया, लेकिन आचार संहिता की वजह से परिणाम जारी नहीं हो सका। गत 14 अक्तूबर को डीसी की अध्यक्षता में वोटों की गिनती हुई। 17 पार्षदों के वोट अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मिलने पर दीप मलिक की कुर्सी चली गई थी।
कर्मबीर कौल ने छीनी थी ग्रांट बांटने की शक्ति ः जनवरी 2023 में जिला परिषद अध्यक्ष बनाने को लेकर भाजपा व जजपा दोनों ही पार्टियों में खूब खींचतान हुई थी। दोनों ही पार्टी अपना अध्यक्ष बनाने के लिए जोर लगा रहीं थी, लेकिन बाजी जजपा के हाथ लगी। जजपा के सहयोग से दीप मलिक अध्यक्ष तो बने, लेकिन पहली बैठक से उनके सामने अड़चनें शुरू हो गई थी। सदन की पहली ही बैठक में अध्यक्ष से ग्रांट बांटने की पावर छीन गई।
वोटिंग के माध्यम से ग्रांट बांटने का अधिकार उपाध्यक्ष कर्मबीर कौल को मिल गया था। हालांकि बाद में ग्रांट वितरण का अधिकार दीप मलिक को मिल गया था। इसके बाद पार्षद दीप मलिक से बागी होने लगे। अध्यक्ष की ओर से ग्रांट वितरण में भेदभाव के आरोप लगे। पार्षद व पार्षद प्रतिनिधि को भ्रष्टाचार के केस में फंसाने के भी आरोप लगाए गए। जिस कारण दीप मलिक कुर्सी नहीं बचा पाए थे।
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कर्मबीर को जिला परिषद कैथल का अध्यक्ष निर्वाचित किए जाने से कौल में खुशी का माहौल
फोटो नंबर-06
संवाद न्यूज एजेंसी
ढांड। जिला परिषद के उपाध्यक्ष कर्मबीर कौल को जिला परिषद कैथल का अध्यक्ष निर्वाचित किए जाने से कौल में खुशी का माहौल है। गांव में पहुंचने में कर्मबीर का ग्रामीणों ने फूल मालाओं के साथ स्वागत किया। ग्रामीणों ने नाच कर व मिठाइयां बांट कर खुशी का इजहार किया। कर्मबीर ने ग्रामीणों का संबोधित करते हुए कहा कि इसके लिए सबसे पहले जिला के समस्त पार्षद बधाई के पात्र है, जिन्होंने मुझ पर अपना विश्वास जताते हुए अध्यक्ष चुना है। इसके बाद जिला कैथल की समस्त जनता का आभारी हूं। उन्होंने कहा कि जिला परिषद अध्यक्ष के पद अविश्वास के चलते विकास कार्य लटके हुए थे। जिससे जिला का विकास अधूरा पड़ा हुआ था। अब अध्यक्ष बनते ही सभी विकास कार्यों को तेज गति से पूरा करने का काम किया जाएगा। सभी पार्षदों को साथ लेकर जिले के समस्त वार्डों में समान रूप से विकास कार्य करवाने को प्राथमिकता दी जाएगी। कर्मबीर कौल ने कहा कि वे मुख्यमंत्री नायब सैनी, सांसद नवीन व विधायक सतपाल जांबा का इसके लिए धन्यवाद करते हैं। जिनके सहयोग से वे जिला परिषद अध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंचे हैं।