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Kaithal News: कमलजीत कौर ने एथलेटिक्स में कमाया नाम
Tue, 10 Mar 2026 01:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 10 Mar 2026 01:00 AM IST
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कमलजीत कौर
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। गुहला-चीका क्षेत्र की खिलाड़ी कमलजीत कौर अपनी मेहनत और लगन के दम पर एथलेटिक्स में लगातार पहचान बना रही हैं। साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली कमलजीत ने सीमित संसाधनों के बावजूद राष्ट्रीय और विश्वविद्यालय स्तर की प्रतियोगिताओं में कई पदक अपने नाम किए हैं।
कमलजीत कौर के पिता नछत्तर सिंह किसान हैं। परिवार में दो बहनें और एक भाई हैं। वह वर्तमान में गुहला-चीका में कोच सतनाम सिंह के मार्गदर्शन में नियमित रूप से दौड़ का अभ्यास कर रही हैं। कमलजीत ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2019 में 19 वर्ष की उम्र में खेल की शुरुआत की थी। शुरुआत में कई चुनौतियां आईं और कोरोना काल के दौरान लॉकडाउन से अभ्यास भी प्रभावित हुआ, लेकिन हालात सामान्य होने पर उन्होंने दोबारा मेहनत शुरू की।
वह रोजाना सुबह 5 से 8 बजे और शाम 4:30 से 6:30 बजे तक अभ्यास करती हैं। उनका लक्ष्य आगामी ओपन सीनियर प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का नाम रोशन करना है। पिता और कोच के कहने पर नहीं ज्वाइन की नौकरी : वर्ष 2024 के अंत में कमलजीत का चयन सीआरपीएफ के स्पोर्ट्स कोटा में हुआ था, लेकिन उन्होंने अभी नौकरी ज्वाइन नहीं की। उनके पिता और कोच सतनाम सिंह चाहते थे कि वह अभी अपने खेल पर पूरा ध्यान दें, इसलिए उन्होंने फिलहाल नौकरी टाल दी। इसी दौरान उन्होंने वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स के ट्रायल भी दिए, लेकिन ट्रायल के बाद चोट लगने से करीब तीन महीने तक अभ्यास प्रभावित रहा।
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सांसद नवीन जिंदल से मिली छात्रवृत्ति : कमलजीत कौर ने बताया कि गुहला-चीका दौरे पर आए उद्योगपति और सांसद नवीन जिंदल से उन्होंने अपनी समस्या साझा की थी।
खेल से जुड़े होने के कारण जिंदल ने उनकी बात गंभीरता से सुनी और सहायता के रूप में उन्हें एक वर्ष तक हर महीने 15 हजार रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की।
g वर्ष 2022 में राष्ट्रीय स्तर पर पदक हासिल किया।
g वर्ष 2023 में अंडर-23 राष्ट्रीय चैंपियनशिप में रजत पदक जीता।
g वर्ष 2024 में ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी प्रतियोगिता में रजत पदक हासिल किया।
g खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी प्रतियोगिता में दो बार रजत पदक जीत चुकी हैं।
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कैथल। गुहला-चीका क्षेत्र की खिलाड़ी कमलजीत कौर अपनी मेहनत और लगन के दम पर एथलेटिक्स में लगातार पहचान बना रही हैं। साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली कमलजीत ने सीमित संसाधनों के बावजूद राष्ट्रीय और विश्वविद्यालय स्तर की प्रतियोगिताओं में कई पदक अपने नाम किए हैं।
कमलजीत कौर के पिता नछत्तर सिंह किसान हैं। परिवार में दो बहनें और एक भाई हैं। वह वर्तमान में गुहला-चीका में कोच सतनाम सिंह के मार्गदर्शन में नियमित रूप से दौड़ का अभ्यास कर रही हैं। कमलजीत ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2019 में 19 वर्ष की उम्र में खेल की शुरुआत की थी। शुरुआत में कई चुनौतियां आईं और कोरोना काल के दौरान लॉकडाउन से अभ्यास भी प्रभावित हुआ, लेकिन हालात सामान्य होने पर उन्होंने दोबारा मेहनत शुरू की।
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वह रोजाना सुबह 5 से 8 बजे और शाम 4:30 से 6:30 बजे तक अभ्यास करती हैं। उनका लक्ष्य आगामी ओपन सीनियर प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का नाम रोशन करना है। पिता और कोच के कहने पर नहीं ज्वाइन की नौकरी : वर्ष 2024 के अंत में कमलजीत का चयन सीआरपीएफ के स्पोर्ट्स कोटा में हुआ था, लेकिन उन्होंने अभी नौकरी ज्वाइन नहीं की। उनके पिता और कोच सतनाम सिंह चाहते थे कि वह अभी अपने खेल पर पूरा ध्यान दें, इसलिए उन्होंने फिलहाल नौकरी टाल दी। इसी दौरान उन्होंने वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स के ट्रायल भी दिए, लेकिन ट्रायल के बाद चोट लगने से करीब तीन महीने तक अभ्यास प्रभावित रहा।
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सांसद नवीन जिंदल से मिली छात्रवृत्ति : कमलजीत कौर ने बताया कि गुहला-चीका दौरे पर आए उद्योगपति और सांसद नवीन जिंदल से उन्होंने अपनी समस्या साझा की थी।
खेल से जुड़े होने के कारण जिंदल ने उनकी बात गंभीरता से सुनी और सहायता के रूप में उन्हें एक वर्ष तक हर महीने 15 हजार रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की।
g वर्ष 2022 में राष्ट्रीय स्तर पर पदक हासिल किया।
g वर्ष 2023 में अंडर-23 राष्ट्रीय चैंपियनशिप में रजत पदक जीता।
g वर्ष 2024 में ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी प्रतियोगिता में रजत पदक हासिल किया।
g खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी प्रतियोगिता में दो बार रजत पदक जीत चुकी हैं।