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Kaithal News: सुविधाओं में पिछड़ा कलायत का रेलवे स्टेशन
Sat, 09 Nov 2024 02:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 09 Nov 2024 02:23 AM IST
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कलायत। कलायत रेलवे स्टेशन विकास 134 साल के लंबे इतिहास का साक्षी है। यहां पर सुविधाओं का विकास तो हुआ नहीं, कोरोनाकाल के दौरान वर्ष 2020 में स्टेशन से गुजरने वाली दो ट्रेनों को बंद कर दिया गया। जिन्हें अब तक शुरू नहीं किया गया है। ट्रेनों के बंद होने से कस्बे के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कस्बे के यात्रियों को पंजाब और अन्य स्थानों पर जाने के लिए दूसरे स्टेशनों का सहारा लेना पड़ता है।
रेलयात्री संघ के सदस्यों ने बताया कि कुछ दिन पूर्व अनाज मंडी आढ़त संघ, कलायत व्यापारी यूनियन, सरपंच ऐसोसिएशन, रेल यात्री संघ सहित अनेक संघों के सदस्यों ने तत्कालीन सांसद नायब सैनी को दोनों रेलों को शुरू किए जाने का मांग पत्र दिया था। अब मौजूदा सांसद नवीन जिंदल से भी इस बारे गुहार लगा चुके हैं। उन्होंने कहा कि रेलवे स्टेशनों को विभाग ने आधुनिक सुविधाएं तो दे दी पर रेलयात्रियों की असली सुविधा रेल बंद करके समाप्त कर दी गई। यात्री रवि शंकर कौशिक ने बताया कि कोरोना काल में पूरे देश में लगभग सभी रेल गाडिय़ां सरकार द्वारा बंद कर दी गई थीं। लंबे अंतराल के बाद सितंबर 2022 से देश की लगभग सभी रेल गाडिय़ों का पुन: संचालन कर दिया गया है। पर 10 अक्तूबर 2022 से सबसे अहम दो ट्रेनों नंबर 54035 व 54042 को स्थायी रूप से बंद कर दिया गया। उन्होंने बताया कि पंजाब व दिल्ली आने जाने वाले यात्रियों के लिए बंद की गई रेलगाडिय़ां बहुत ही उपयोगी थीं। विभाग ने जो रेलगाड़ी नंबर 04993 रात्रि में 10 बजे कुरुक्षेत्र से चलाई है उसका रेल यात्रियों को कोई लाभ नहीं मिलता।
टिकट बुकिंग का ठेका लिए रामदर्शन ने कहा कि टिकट बुकिंग का ठेका तीन साल का होता है। पिछले नौ साल में उन्होंने दूसरी बार ठेका लिया है। उन्होंने कहा कि 2018 से 2021 तक यहां 10 रेलों का आवागमन होता था। सबसे अधिक टिकटें दोपहर को आने वाली दोनों ट्रेनों की ही बिकती थीं। जब से वे दोनों ट्रेन बंद हैं तब से टिकटों की बिक्री आधी से भी कम रह गई। एक तो दो ट्रेन बंद हो गई उस पर किराया भी बस किराया जितना ही कर दिया गया। इससे यात्रियों का रेल सफर से मोहभंग हो गया और टिकटों की बिक्री भी बहुत कम हो गया।
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स्टेशन मास्टर जयवीर दीक्षित ने बताया कि कलायत रेलवे स्टेशन 1890 में बना था। जो रेलगाडिय़ां बंद की गई हैं वे पिछले 70 वर्षों से रेलयात्रियों को सेवाएं दे रहीं थीं। पिछले दो वर्षों में कलायत रेलवे स्टेशन पर सभी आधुनिक सुविधाएं रेलवे विभाग ने उपलब्ध करवा दी हैं। कैथल से लेकर नरवाना तक रेलवे लाइनें भी बदल कर 60 केजीपी की कर दी गई हैं।
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रेलयात्री संघ के सदस्यों ने बताया कि कुछ दिन पूर्व अनाज मंडी आढ़त संघ, कलायत व्यापारी यूनियन, सरपंच ऐसोसिएशन, रेल यात्री संघ सहित अनेक संघों के सदस्यों ने तत्कालीन सांसद नायब सैनी को दोनों रेलों को शुरू किए जाने का मांग पत्र दिया था। अब मौजूदा सांसद नवीन जिंदल से भी इस बारे गुहार लगा चुके हैं। उन्होंने कहा कि रेलवे स्टेशनों को विभाग ने आधुनिक सुविधाएं तो दे दी पर रेलयात्रियों की असली सुविधा रेल बंद करके समाप्त कर दी गई। यात्री रवि शंकर कौशिक ने बताया कि कोरोना काल में पूरे देश में लगभग सभी रेल गाडिय़ां सरकार द्वारा बंद कर दी गई थीं। लंबे अंतराल के बाद सितंबर 2022 से देश की लगभग सभी रेल गाडिय़ों का पुन: संचालन कर दिया गया है। पर 10 अक्तूबर 2022 से सबसे अहम दो ट्रेनों नंबर 54035 व 54042 को स्थायी रूप से बंद कर दिया गया। उन्होंने बताया कि पंजाब व दिल्ली आने जाने वाले यात्रियों के लिए बंद की गई रेलगाडिय़ां बहुत ही उपयोगी थीं। विभाग ने जो रेलगाड़ी नंबर 04993 रात्रि में 10 बजे कुरुक्षेत्र से चलाई है उसका रेल यात्रियों को कोई लाभ नहीं मिलता।
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टिकट बुकिंग का ठेका लिए रामदर्शन ने कहा कि टिकट बुकिंग का ठेका तीन साल का होता है। पिछले नौ साल में उन्होंने दूसरी बार ठेका लिया है। उन्होंने कहा कि 2018 से 2021 तक यहां 10 रेलों का आवागमन होता था। सबसे अधिक टिकटें दोपहर को आने वाली दोनों ट्रेनों की ही बिकती थीं। जब से वे दोनों ट्रेन बंद हैं तब से टिकटों की बिक्री आधी से भी कम रह गई। एक तो दो ट्रेन बंद हो गई उस पर किराया भी बस किराया जितना ही कर दिया गया। इससे यात्रियों का रेल सफर से मोहभंग हो गया और टिकटों की बिक्री भी बहुत कम हो गया।
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स्टेशन मास्टर जयवीर दीक्षित ने बताया कि कलायत रेलवे स्टेशन 1890 में बना था। जो रेलगाडिय़ां बंद की गई हैं वे पिछले 70 वर्षों से रेलयात्रियों को सेवाएं दे रहीं थीं। पिछले दो वर्षों में कलायत रेलवे स्टेशन पर सभी आधुनिक सुविधाएं रेलवे विभाग ने उपलब्ध करवा दी हैं। कैथल से लेकर नरवाना तक रेलवे लाइनें भी बदल कर 60 केजीपी की कर दी गई हैं।