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जिले में 77 एमएम बारिश...गुहला-चीका व कलायत में ओलावृष्टि से भारी नुकसान
kaithal beuro
Updated Sat, 28 Jan 2017 12:22 AM IST
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- फोटो : j
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बुधवार और वीरवार को हुई 77.5 एमएम बरसात से कई इलाकों में जलभराव की स्थिति हो गई। वहीं गुहला-चीका व कलायत में ओलावृष्टि से किसानों का भारी नुकसान हुआ है।
बुधवार को अचानक मौसम में परिवर्तन के बाद बरसात शुरू हो गई थी। इसके बाद वीरवार को दिन भर तेज बरसात हुई। रुक-रुक कर चली बरसात के बीच जिले भर में 77.5 एमएम बरसात रिकॉर्ड की गई। जो गेहूं की फसल में काफी लाभदायक साबित होगी। मौसम वैज्ञानिक डा. चंद्रशेखर डागर ने कहा 1 फरवरी तक मौसम साफ रहेगा। बरसात बंद होने के बाद वीरवार को अधिकतम तापमान 20.9 व न्यूनतम 9.2 डिग्री सेल्सियस रहा। जहां ओलावृष्टि हुई है। वहां फसलों को नुकसान होगा।
ओलावृष्टि ने फसलों को किया बर्बाद
गुहला-चीका। बुधवार की रात से लेकर लगातार 36 घंटों तक हुई जोरदार बारिश व ओलावृष्टि से गुहला चीका क्षेत्र में फसलों को भारी नुकसान हुआ है। बादलों की गड़गड़ाहट के साथ ओले इनती ज्यादा संख्या में गिरे की हर गलियों, नालियों व घरों की छतों पर हर तरफ जमा हो गए। लगातार हुई बारिश के चलते जहां गेहूं के खेतों में पानी भर गया है वहीं ओलावृष्टि ने पशुओं के हरे चारे बरशीम व सब्जियों की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। बुधवार की रात को गांव सलेमपुर, स्यू माजरा, भाटियां, गुहला, खरौदी, खरकड़ा भूना व पीडल सहित कई गांवों में बारिश के साथ जोरदार ओलावृष्टि हुई। किसान बलबीर सिंह, निशान सिंह, प्रीतम सिंह, हुकम सिंह दुसेरपुर, मुखत्यार सिंह खरौदी, साहिल राणा भूना ने बताया कि पिछले 36 घंटों में हुई बारिश के चलते गेहूं के खेतों में पानी जमा हो गया है, अगर यह पानी शीघ्र ही नहीं निकाला गया तो फसल को भारी नुकसान होगा। ओलावृष्टि से सरसों, मटर,गोभी, मूली व हरा चारा भी नष्ट हो गया है। जो आलू मिट्टी की सतह के करीब था, ओलों की मार ने उसे छलनी छलनी कर दिया है। क्षेत्र भर से दर्जनों किसान एसडीएम गुहला से मिले। किसानों ने एसडीएम के माध्यम से सरकार से मांग की है कि बारिश व ओलावृष्टि से हुए नुकसान की स्पेशल गिरदावरी करवाई जाए और किसानों के हुए नुकसान का मुआवजा दिया जाए।
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कलायत खंड के गांव दुब्बल में करीब 20 मिनट जम कर पड़े ओले
कलायत। वीरवार को कलायत खंड में बरसात के साथ साथ ओलावृष्टि भी हुई। खंड के गांव दुब्बल में हुई भारी ओलावृष्टि ने फसलों में भारी नुकसान किया। ग्राम सरपंच जगराज सिंह ने बताया कि बुधवार सायं से ही बरसात शुरू हो गई थी। वीरवार सुबह करीब 6 बज कर 30 मिनट पर आसमान से ओलावृष्टि शुरू हो गई। किसान भले राम, राममेहर, बलराज, रामदिया, टेका राम, रामस्वरूप, मुख्तयार सिंह, महासिंह, रामफल, बलवंत, बिशना राम, लाल सिंह सहित अनेक ऐसे किसान हैं जिनके खेतों में भारी नुकसान हुआ है। किसान भले राम, रामदिया, रामफल, बलवंत का कहना है कि 15 से 20 मिनट तक हुई ओलावृष्टि ने खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया। बेबस किसानों को समझ नही आ रहा था कि वे करें तो क्या। करीब 20 मिनट तक आसमान से बरसी तबाही के कारण गेहूं की फसल बिछ गई।स्त्रत्त् किसानों ने कहा कि बैंकों ने उनके खातों से फसल बीमा की राशि को काट लिया है। वे अपनी समस्या लेकर बैंक में गए तो वहां उनको इस बारे कृषि विभाग से मिलने के लिए कहा गया। किसानों का कहना है कि ओलावृष्टि के कारण उनकी फसल में हुए नुकसान की गिरदावरी तत्काल करवाई जाए।
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बुधवार को अचानक मौसम में परिवर्तन के बाद बरसात शुरू हो गई थी। इसके बाद वीरवार को दिन भर तेज बरसात हुई। रुक-रुक कर चली बरसात के बीच जिले भर में 77.5 एमएम बरसात रिकॉर्ड की गई। जो गेहूं की फसल में काफी लाभदायक साबित होगी। मौसम वैज्ञानिक डा. चंद्रशेखर डागर ने कहा 1 फरवरी तक मौसम साफ रहेगा। बरसात बंद होने के बाद वीरवार को अधिकतम तापमान 20.9 व न्यूनतम 9.2 डिग्री सेल्सियस रहा। जहां ओलावृष्टि हुई है। वहां फसलों को नुकसान होगा।
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ओलावृष्टि ने फसलों को किया बर्बाद
गुहला-चीका। बुधवार की रात से लेकर लगातार 36 घंटों तक हुई जोरदार बारिश व ओलावृष्टि से गुहला चीका क्षेत्र में फसलों को भारी नुकसान हुआ है। बादलों की गड़गड़ाहट के साथ ओले इनती ज्यादा संख्या में गिरे की हर गलियों, नालियों व घरों की छतों पर हर तरफ जमा हो गए। लगातार हुई बारिश के चलते जहां गेहूं के खेतों में पानी भर गया है वहीं ओलावृष्टि ने पशुओं के हरे चारे बरशीम व सब्जियों की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। बुधवार की रात को गांव सलेमपुर, स्यू माजरा, भाटियां, गुहला, खरौदी, खरकड़ा भूना व पीडल सहित कई गांवों में बारिश के साथ जोरदार ओलावृष्टि हुई। किसान बलबीर सिंह, निशान सिंह, प्रीतम सिंह, हुकम सिंह दुसेरपुर, मुखत्यार सिंह खरौदी, साहिल राणा भूना ने बताया कि पिछले 36 घंटों में हुई बारिश के चलते गेहूं के खेतों में पानी जमा हो गया है, अगर यह पानी शीघ्र ही नहीं निकाला गया तो फसल को भारी नुकसान होगा। ओलावृष्टि से सरसों, मटर,गोभी, मूली व हरा चारा भी नष्ट हो गया है। जो आलू मिट्टी की सतह के करीब था, ओलों की मार ने उसे छलनी छलनी कर दिया है। क्षेत्र भर से दर्जनों किसान एसडीएम गुहला से मिले। किसानों ने एसडीएम के माध्यम से सरकार से मांग की है कि बारिश व ओलावृष्टि से हुए नुकसान की स्पेशल गिरदावरी करवाई जाए और किसानों के हुए नुकसान का मुआवजा दिया जाए।
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कलायत खंड के गांव दुब्बल में करीब 20 मिनट जम कर पड़े ओले
कलायत। वीरवार को कलायत खंड में बरसात के साथ साथ ओलावृष्टि भी हुई। खंड के गांव दुब्बल में हुई भारी ओलावृष्टि ने फसलों में भारी नुकसान किया। ग्राम सरपंच जगराज सिंह ने बताया कि बुधवार सायं से ही बरसात शुरू हो गई थी। वीरवार सुबह करीब 6 बज कर 30 मिनट पर आसमान से ओलावृष्टि शुरू हो गई। किसान भले राम, राममेहर, बलराज, रामदिया, टेका राम, रामस्वरूप, मुख्तयार सिंह, महासिंह, रामफल, बलवंत, बिशना राम, लाल सिंह सहित अनेक ऐसे किसान हैं जिनके खेतों में भारी नुकसान हुआ है। किसान भले राम, रामदिया, रामफल, बलवंत का कहना है कि 15 से 20 मिनट तक हुई ओलावृष्टि ने खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया। बेबस किसानों को समझ नही आ रहा था कि वे करें तो क्या। करीब 20 मिनट तक आसमान से बरसी तबाही के कारण गेहूं की फसल बिछ गई।स्त्रत्त् किसानों ने कहा कि बैंकों ने उनके खातों से फसल बीमा की राशि को काट लिया है। वे अपनी समस्या लेकर बैंक में गए तो वहां उनको इस बारे कृषि विभाग से मिलने के लिए कहा गया। किसानों का कहना है कि ओलावृष्टि के कारण उनकी फसल में हुए नुकसान की गिरदावरी तत्काल करवाई जाए।