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पौधे को प्यास लगेगी तो मोबाइल बता देगा...
kaithal beauro
Updated Thu, 27 Apr 2017 12:31 AM IST
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यदि आपके पौधे को प्यास लग गई है और आप पौधे से दूर हैं तो चिंता न करिए। आपका मोबाइल बता देगा कि वह प्यासा है और आप मोबाइल से ही घर की टोंटी या पानी के स्त्रोत को शुरू करके निश्चित समय में दूर से ही उसे बंद कर देंगे। इसके लिए एचसीटीएम के विद्यार्थी ने एक मोबाइल एप्प बनाया है। जिसे प्रोजैक्ट योजना के तहत बुधवार को लांच किया गया। कम्प्यूटर विभागध्यक्ष डा. उर्वशी गर्ग ने बताया पीयूष मित्तल ने ऐसा मोबाइल एप्प तैयार किया है।
जो दो तरह से काम करेगा। इसमें पौधे में एक सैंसर लगा दिया जाएगा। जो पौधे के अंदर पानी की मात्रा को मॉनीटर करेगा। जैसे ही पौधे में पानी की निश्चित मात्रा कम हुई, उसी समय सेंसर आपके मोबाइल पर ई-मेल भेजेगा और बता देगा कि पौधे को पानी की जरुरत है। इसके बाद आप इसी एप्प के अगले भाग में अपने घर की या गार्डन की पानी की टोंटी को निश्चित समय के लिए चालू करके पौधे को पानी दे सकते हैं। निश्चित समय में यह अपने आप बंद भी हो जाएगी। इस तरह से यदि आप अपने गार्डन या पौधे से दूर भी हैं तो उसमें पानी दे सकते हैं।
पीयूष मित्तल ने कहा इस तकनीक का प्रयोग प्रारंभिक तौर पर स्मार्ट गार्डनिंग के लिए किया जा सकता है। इसके बाद इसका प्रयोग खेती बाड़ी में भी प्रयोग हो सकता है। इस प्रोजेक्ट में डा. उर्वशी गुलाटी एवं डा. सुनील कौशिक ने सहायता की है। इस उपलब्धि पर एचसीटीएम प्रबंधक निदेशक ईजी. जीके सेठी, निदेशक डा. डीपी गुप्ता, एडमिन आफिसर सुमित सेठी, समन्वयक विनोना सेठी ने बधाई दी और उनके उज्वल भविष्य की कामना की।
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जो दो तरह से काम करेगा। इसमें पौधे में एक सैंसर लगा दिया जाएगा। जो पौधे के अंदर पानी की मात्रा को मॉनीटर करेगा। जैसे ही पौधे में पानी की निश्चित मात्रा कम हुई, उसी समय सेंसर आपके मोबाइल पर ई-मेल भेजेगा और बता देगा कि पौधे को पानी की जरुरत है। इसके बाद आप इसी एप्प के अगले भाग में अपने घर की या गार्डन की पानी की टोंटी को निश्चित समय के लिए चालू करके पौधे को पानी दे सकते हैं। निश्चित समय में यह अपने आप बंद भी हो जाएगी। इस तरह से यदि आप अपने गार्डन या पौधे से दूर भी हैं तो उसमें पानी दे सकते हैं।
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पीयूष मित्तल ने कहा इस तकनीक का प्रयोग प्रारंभिक तौर पर स्मार्ट गार्डनिंग के लिए किया जा सकता है। इसके बाद इसका प्रयोग खेती बाड़ी में भी प्रयोग हो सकता है। इस प्रोजेक्ट में डा. उर्वशी गुलाटी एवं डा. सुनील कौशिक ने सहायता की है। इस उपलब्धि पर एचसीटीएम प्रबंधक निदेशक ईजी. जीके सेठी, निदेशक डा. डीपी गुप्ता, एडमिन आफिसर सुमित सेठी, समन्वयक विनोना सेठी ने बधाई दी और उनके उज्वल भविष्य की कामना की।
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