फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   kaithal,gst,khabar

मोलभाव की किचिककिच होगी खत्म

Thu, 27 Apr 2017 12:29 AM IST
kaithal beauro
kaithal beauro Updated Thu, 27 Apr 2017 12:29 AM IST
विज्ञापन
जीएसटी बिल को लेकर व्यापारियों की मिली जुली प्रतिक्रिया है। काफी ऐसे भी व्यापारी हैं, जिन्हें इसकी अभी ज्यादा जानकारी नहीं है और वे इस पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। दूसरी ओर ऐसे व्यापारी भी काफी हैं जो इस बिल की सराहना कर रहे हैं। उनका कहना है कि इसमें उन्हें केवल एक ही टैक्स देना पड़ेगा, जिससे उनके व्यापार में पारदर्शिता तो आएगी ही, साथ ही ग्राहकों को भी काफी फायदा मिलेगा। इस पर व्यापारियों की मिली जुली प्रतिक्रिया सामने आई। गारमेंट्स व टेक्सटाइल्स का व्यापार करने वाले लोगों को एक ही जगह पर टैक्स देना पड़ेगा। जिससे उन्हें इसका काफी लाभ मिलेगा। उधर, टेक्सटाइल का काम करने वाले कई व्यापारियों ने इस पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।
विज्ञापन


टैक्स चोरी पर लगेगी लगाम
व्यापारी संदीप आहुजा ने बताया जीएसटी बिल के लागू होने से टैक्स की चोरी पर लगाम लगेगी। अधिकतर दुकानदार बिना बिल के माल लेकर आते हैं। जिस कारण वे ग्राहकों को भी बिना बिल के सामान देते हैं। इस पर पूरी तरह से पाबंदी लगेगी। जीएसटी के लागू होने के बाद सभी दुकानदार व व्यापारी बिल के साथ माल खरीदने और बेचने का कार्य करेंगे यह एक सराहनीय पहल है।
विज्ञापन


खरीद और बिक्री में आएगी पारदर्शिता
गारमेंट्स के दुकानदार प्रदीप शर्मा ने कहा कि सरकार द्वारा जीएसटी बिल को लागू किए जाने से खरीद और बिक्री में पारदर्शिता आएगी। सरकार द्वारा इस एक्ट को लागू करना भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की पहल भी साबित होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


बारगिनिंग होगी बंद
कपड़ा दुकानदार मलकीत सिंह ने कहा कि जीएसटी के लागू होने से ग्राहकों द्वारा की जाने वाली बारगिनिंग पूरी तरह से बंद हो जाएगी। जिससे दुकानदारों के साथ ग्राहकों को भी इसका पूरा लाभ मिलेगा। दुकानदारों द्वारा मनमर्जी से लिए जा रहे रेटों पर भी रोक लगेगी। इसके अलावा माल लाने में भी आसानी होगी।

एक वर्ष में 24 बार भरना होगी रिटर्न
दुकानदार राजेंद्र सिंह ने कहा कि पहले तो व्यापारी साल में केवल एक बार रिटर्न भरते थे। लेकिन जीएसटी लागू होने के बाद एक महीने में दो बार रिटर्न भरना पड़ेगा। साल में कुल 24 बार एक व्यापारी को रिटर्न भरना पड़ेगा।

एक ही टैक्स से मिलेगा फायदा
कपड़ा विक्रेता सचिन कुमार ने कहा कि कपड़े को बनाने से लेकर बेचने तक जो भी प्रक्रिया होती है, उसमें हर प्रक्रिया में पांच से दस प्रतिशत अलग-अलग टैक्स देना पड़ता है। अब एक ही टैक्स हो जाएगा। इससे काफी लाभ होगा।


जीएसटी देश के विकास के लिए जरूरी
रेडीमेड गारमेंट्स विक्रेता अशोक कुमार का कहना है कि कपड़ा उद्योग के लिए जीएसटी काफी महत्वपूर्ण है। इससे लोगों को खूब फायदा होगा। कुछ लोगों को जानकारी ना होने के कारण टैक्स ज्यादा होने की बात कर रहे हैं। लेकिन जब लागू होगा तो तभी इस बारे में उन्हें पता चलेगा। यह एकीकृत टैक्स प्रणाली के तहत बड़ा प्रयास है। कपड़ा विक्रेता रूपलाल का कहना है कि जीएसटी पहले ही लागू हो जाना चाहिए था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed