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प्रशासन ने जाट आरक्षण आंदोलन को लेकर अलर्ट होने का किया दावा
ब्यूरो/अमर उजाला कैथल।
Updated Wed, 16 Mar 2016 11:51 PM IST
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कैथ्ाल
- फोटो : अमर उजाला
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प्रशासन ने जाट आरक्षण आंदोलन को लेकर अलर्ट होने का दावा किया है। जिले में अलग-अलग क्षेत्रों में स्थिति पर नजर रखने के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए हैं। वहीं डीसी ने बुधवार सुबह इन अधिकारियों की बैठक भी ली। जिसमें उन्होंने आवश्यक निर्देश जारी किए। डीसी ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात किए जाने वाले कार्यकारी मजिस्ट्रेट एवं पुलिस अधिकारी शरीर व परछाई की तरह साथ-साथ रहें तथा दोनों में आपसी तालमेल रखें। किसी भी घटना पर नियंत्रण पाने के लिए उपलब्ध सीमित संसाधनों का बुद्धिमत्ता पूर्वक सदुपयोग किया जाए तथा परिस्थिति के अनुसार सही समय पर सही निर्णय करें। घटना स्थल पर मौजूद व्यक्तियों से संवाद बनाए रखें तथा सूचना तंत्र को मजबूत बनाएं।
लघु सचिवालय स्थित कांफ्रेंस हॉल में आयोजित बैठक में डीसी कहा कि कार्यकारी मजिस्ट्रेट निरंतर घटनाओं पर पैनी नजर बनाए रखें तथा घटनाओं का विश्लेषण करके नियंत्रण के लिए सही समय पर कार्रवाई करें।
कोई भी अधिकारी पूर्व अनुमति के मुख्यालय न छोड़ें। उन्होंने कहा कि कार्यकारी अधिकारी तथा पुलिस अधिकारी में से कम से कम एक अधिकारी घटना स्थल पर अवश्य मौजूद रहना चाहिए तथा घटनाक्रम की तुरंत सूचना उच्च अधिकारियों को दी जाए। उन्होंने कहा कि सभी कार्यकारी मजिस्ट्रेट लगातार अपने संबंधित क्षेत्र का जायजा लेते रहें तथा क्षेत्र के बुद्धिजीवी व्यक्तियों के संपर्क में लगातार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि अफवाहों पर अंकुश लगाने के लिए जनता के सामने तथ्यों की तुरंत जानकारी उपलब्ध करवाने से स्थिति को समय रहते नियंत्रित किया जा सकता है।
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एसपी सुमित कुमार ने कहा कि प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी आपसी तालमेल बनाए रखें, ताकि किसी भी घटना पर समय रहते नियंत्रण किया जा सके। हर प्रकार की सूचनाओं का समय-समय पर आदान-प्रदान करें। पुलिस अधिकारियों के साथ ड्यूटी मजिस्ट्रेट किसी भी स्थिति के नियंत्रण के लिए नियुक्त किए जाते हैं। सभी अधिकारी परिस्थितियों के अनुसार कार्य करें। एडीसी जितेंद्र कुमार ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी हिदायतों की तरफ ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन का हर अधिकारी हर गतिविधि पर बारिकी से नजर रखे।
इस बैठक में उपमंडलाधीश नरेंद्र पाल मलिक, नगराधीश नवीन आहुजा, जिला राजस्व अधिकारी दलेल सिंह, उप पुलिस अधीक्षक टेकन राज शर्मा, सतीश गौतम, जोगिंद्र सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर डीडीपीओ जितेंद्र अहलावत, तहसीलदार ओपी बिश्नोई, विजय मोहन सियाल, सुदेश मेहत्ता तथा चंद्र मोहन बिश्नोई, नायब तहसीलदार विजय कुमार, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी प्रेम सिंह, सुरेंद्र कुमार, संजय टांक, नरेंद्र मल्होत्रा, तथा प्रशासन के विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारी मौजूद रहे।
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लघु सचिवालय स्थित कांफ्रेंस हॉल में आयोजित बैठक में डीसी कहा कि कार्यकारी मजिस्ट्रेट निरंतर घटनाओं पर पैनी नजर बनाए रखें तथा घटनाओं का विश्लेषण करके नियंत्रण के लिए सही समय पर कार्रवाई करें।
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कोई भी अधिकारी पूर्व अनुमति के मुख्यालय न छोड़ें। उन्होंने कहा कि कार्यकारी अधिकारी तथा पुलिस अधिकारी में से कम से कम एक अधिकारी घटना स्थल पर अवश्य मौजूद रहना चाहिए तथा घटनाक्रम की तुरंत सूचना उच्च अधिकारियों को दी जाए। उन्होंने कहा कि सभी कार्यकारी मजिस्ट्रेट लगातार अपने संबंधित क्षेत्र का जायजा लेते रहें तथा क्षेत्र के बुद्धिजीवी व्यक्तियों के संपर्क में लगातार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि अफवाहों पर अंकुश लगाने के लिए जनता के सामने तथ्यों की तुरंत जानकारी उपलब्ध करवाने से स्थिति को समय रहते नियंत्रित किया जा सकता है।
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एसपी सुमित कुमार ने कहा कि प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी आपसी तालमेल बनाए रखें, ताकि किसी भी घटना पर समय रहते नियंत्रण किया जा सके। हर प्रकार की सूचनाओं का समय-समय पर आदान-प्रदान करें। पुलिस अधिकारियों के साथ ड्यूटी मजिस्ट्रेट किसी भी स्थिति के नियंत्रण के लिए नियुक्त किए जाते हैं। सभी अधिकारी परिस्थितियों के अनुसार कार्य करें। एडीसी जितेंद्र कुमार ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी हिदायतों की तरफ ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन का हर अधिकारी हर गतिविधि पर बारिकी से नजर रखे।
इस बैठक में उपमंडलाधीश नरेंद्र पाल मलिक, नगराधीश नवीन आहुजा, जिला राजस्व अधिकारी दलेल सिंह, उप पुलिस अधीक्षक टेकन राज शर्मा, सतीश गौतम, जोगिंद्र सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर डीडीपीओ जितेंद्र अहलावत, तहसीलदार ओपी बिश्नोई, विजय मोहन सियाल, सुदेश मेहत्ता तथा चंद्र मोहन बिश्नोई, नायब तहसीलदार विजय कुमार, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी प्रेम सिंह, सुरेंद्र कुमार, संजय टांक, नरेंद्र मल्होत्रा, तथा प्रशासन के विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारी मौजूद रहे।