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हिसार चंडीगढ़ हाइवे सहित जिलेभर में 30 जगहों पर लगाया जाम
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किसान संयुक्त मोर्चा के भारत बंद के आह्वान का जिले में व्यापक असर देखने को मिला। किसानों ने जहां हिसार चंडीगढ़ नेशनल हाइवे सहित जिले में करीब 30 जगहों पर सड़कों पर जाम लगाया। जहां शहर के मुख्य मार्गों पर जाम के कारण यातायात प्रभावित रहा।
वहीं, शहर के अंदर युवाओं ने बाजार बंद करवाए। बाद दोपहर तक बाजारों में लोगों ने अपनी दुकानें बंद रखीं। कुछ एक दुकानदार शटर के नीचे से सामान बेचते जरूर नजर आए, लेकिन बाजारों में भी बंद का व्यापक असर देखने को मिला।
किसानों के विभिन्न संगठनों ने सोमवार को भारत बंद किया। इसके तहत किसान संगठनों से जुड़े लोगों ने सुबह से ही जिले में करीब 30 जगहों पर जाम लगाया। हिसार-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर तितरम मोड़ पर भी किसानों ने जाम लगाया और यह प्रदर्शन का मुख्य धरना स्थल रहा।
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तितरम मोड़ के अलावा किसानों ने शहर में नए बस स्टैंड के समीप स्थित छोटू राम चौक, पिहोवा चौक, पट्टी अफगान, टटियाणा टोल, अजीमगढ़ समाना रोड, चीका, भागल, सीवन, पोलड़, कांगथली, पीडल, राजौंद, किच्छाना कूई, सेरधा, संगतपुरा, गढ़ी पाडला, कलायत, पूंडरी, मुदंड़ी, माघो माजरी, रामथली, अगौंध व तारागढ़ में जाम लगाया गया। कई जगहों पर तो किसानों ने साईकिल पर सवार लोगों को भी नहीं जाने दिया व कई जगहों पर राहगीरों के साथ किसानों की तू तड़ाक भी हुई।
तितरम मोड़ पर जाम के दौरान किसानों ने सड़क के बीचोंबीच ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल, कार व अन्य वाहन खड़े कर दिए। जिसके कारण आवागमन पूर्ण रूप से बंद हो गया। इस दौरान कोई एंबुलेंस, दूल्हे की गाड़ी व बीमार व्यक्ति के लिए ही किसानों ने रास्ता खोला। वहीं कई जगहों पर राहगीरों के साथ किसानों की बहस भी हुई, मोर्चा के पदाधिकारियों ने युवाओं को समझाया और किसी से बहस न करने की सलाह दी।
वहीं, धरना स्थल पर गांव तितरम की ओर से कढ़ी व चावल का भंडारा लगाया व गांव वजीर खेड़ा के सरपंच दीप सिंह व युवाओं के सहयोग से धरना स्थल पर 10 क्विंटल केले और दो हजार लीटर पानी की सेवा की।
पुलिस प्रशासन ने डायवर्ट करवाए रूट
पुलिस प्रशासन ने जाम की स्थिति को देखते हुए रूट डायवर्ट करवाए हैं। इसमें चीका में खरकां और नौच की ओर से। तितरम मोड़ पर गांव प्यौदा, सीवन में गांव फिरोजपुर, डोहर और मलिकपुर की ओर से, कलायत में गांव चंदाना से, ढांड में गांव कौल से रूट डायवर्ट किया गया है। इसके साथ ही 10-12 मुख्य बिंदुओं पर पुलिस प्रशासन भी तैनात रहा।
पिहोवा चौक पर भी लगाया जाम
पिहोवा चौक पर भी किसानों ने दोपहर 12 बजे के करीब जाम लगा दिया। चारों ओर से मानव शृंखला बनाकर पिहोवा चौक से प्रवेश बंद कर दिया। इस दौरान चौक के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। वहीं, पुलिस प्रशासन भी मौजूद रहा और किसानों को समझाकर एक साइड का रास्ता खुलाया। जिससे राहगीरों ने शहर में प्रवेश मिला।
धरना स्थल पर किसान संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों ने संबोधित किया। भाकियू नेता भरत सिंह बैनीवाल सहित अन्य ने विचार रखे। भाकियू जिला प्रधान होशियार गिल ने कहा कि जब तक कृषि कानून रद्द नहीं होते संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर ऐसे ही धरने प्रदर्शन जारी रहेंगे। इसके साथ ही कैथल में आने वाले भाजपा और जजपा नेताओं का भी पुरजोर विरोध किया जाएगा। इस अवसर पर दलबीर सिहाग, सज्जनी देवी, रणवीर फौजी, महाबीर चहल, सुभाष बड़सिकरी, रमेश, जसविंद्र ढुल, साहिल नरड़, मनजीत करोड़ा, ईश्वर, अनील ढुल सहित अन्य किसान मौजूद रहे।
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वहीं, शहर के अंदर युवाओं ने बाजार बंद करवाए। बाद दोपहर तक बाजारों में लोगों ने अपनी दुकानें बंद रखीं। कुछ एक दुकानदार शटर के नीचे से सामान बेचते जरूर नजर आए, लेकिन बाजारों में भी बंद का व्यापक असर देखने को मिला।
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किसानों के विभिन्न संगठनों ने सोमवार को भारत बंद किया। इसके तहत किसान संगठनों से जुड़े लोगों ने सुबह से ही जिले में करीब 30 जगहों पर जाम लगाया। हिसार-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर तितरम मोड़ पर भी किसानों ने जाम लगाया और यह प्रदर्शन का मुख्य धरना स्थल रहा।
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तितरम मोड़ के अलावा किसानों ने शहर में नए बस स्टैंड के समीप स्थित छोटू राम चौक, पिहोवा चौक, पट्टी अफगान, टटियाणा टोल, अजीमगढ़ समाना रोड, चीका, भागल, सीवन, पोलड़, कांगथली, पीडल, राजौंद, किच्छाना कूई, सेरधा, संगतपुरा, गढ़ी पाडला, कलायत, पूंडरी, मुदंड़ी, माघो माजरी, रामथली, अगौंध व तारागढ़ में जाम लगाया गया। कई जगहों पर तो किसानों ने साईकिल पर सवार लोगों को भी नहीं जाने दिया व कई जगहों पर राहगीरों के साथ किसानों की तू तड़ाक भी हुई।
तितरम मोड़ पर जाम के दौरान किसानों ने सड़क के बीचोंबीच ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल, कार व अन्य वाहन खड़े कर दिए। जिसके कारण आवागमन पूर्ण रूप से बंद हो गया। इस दौरान कोई एंबुलेंस, दूल्हे की गाड़ी व बीमार व्यक्ति के लिए ही किसानों ने रास्ता खोला। वहीं कई जगहों पर राहगीरों के साथ किसानों की बहस भी हुई, मोर्चा के पदाधिकारियों ने युवाओं को समझाया और किसी से बहस न करने की सलाह दी।
वहीं, धरना स्थल पर गांव तितरम की ओर से कढ़ी व चावल का भंडारा लगाया व गांव वजीर खेड़ा के सरपंच दीप सिंह व युवाओं के सहयोग से धरना स्थल पर 10 क्विंटल केले और दो हजार लीटर पानी की सेवा की।
पुलिस प्रशासन ने डायवर्ट करवाए रूट
पुलिस प्रशासन ने जाम की स्थिति को देखते हुए रूट डायवर्ट करवाए हैं। इसमें चीका में खरकां और नौच की ओर से। तितरम मोड़ पर गांव प्यौदा, सीवन में गांव फिरोजपुर, डोहर और मलिकपुर की ओर से, कलायत में गांव चंदाना से, ढांड में गांव कौल से रूट डायवर्ट किया गया है। इसके साथ ही 10-12 मुख्य बिंदुओं पर पुलिस प्रशासन भी तैनात रहा।
पिहोवा चौक पर भी लगाया जाम
पिहोवा चौक पर भी किसानों ने दोपहर 12 बजे के करीब जाम लगा दिया। चारों ओर से मानव शृंखला बनाकर पिहोवा चौक से प्रवेश बंद कर दिया। इस दौरान चौक के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। वहीं, पुलिस प्रशासन भी मौजूद रहा और किसानों को समझाकर एक साइड का रास्ता खुलाया। जिससे राहगीरों ने शहर में प्रवेश मिला।
धरना स्थल पर किसान संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों ने संबोधित किया। भाकियू नेता भरत सिंह बैनीवाल सहित अन्य ने विचार रखे। भाकियू जिला प्रधान होशियार गिल ने कहा कि जब तक कृषि कानून रद्द नहीं होते संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर ऐसे ही धरने प्रदर्शन जारी रहेंगे। इसके साथ ही कैथल में आने वाले भाजपा और जजपा नेताओं का भी पुरजोर विरोध किया जाएगा। इस अवसर पर दलबीर सिहाग, सज्जनी देवी, रणवीर फौजी, महाबीर चहल, सुभाष बड़सिकरी, रमेश, जसविंद्र ढुल, साहिल नरड़, मनजीत करोड़ा, ईश्वर, अनील ढुल सहित अन्य किसान मौजूद रहे।