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Kaithal News: जर्जर सड़क पर दो किलोमीटर सफर में लगता है एक घंटा
Sat, 25 Apr 2026 12:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 25 Apr 2026 12:40 AM IST
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जर्जर हालत में गांव खेड़ी गुलाम अली से किशने वाली कुई तक की सड़क। जागरूक पाठक
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। खेड़ी गुलाम अली गांव से किशने वाली कुई तक जाने वाली सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि मात्र दो किलोमीटर का सफर वाहन चालकों को एक घंटा लगता है और और डर का साया अलग। दरअसल, एक ओर दुर्घटना का खतरा बना रहता है तो दूसरी ओर समय और ईंधन की अतिरिक्त मार भी झेलनी पड़ रही है।
बताया जा रहा है कि यह सड़क मार्केट कमेटी द्वारा कुछ वर्ष पहले बनाई गई थी। इसके बनने से खेड़ी गुलाम अली, गोहरा, अटेला, फर्शमाजरा, मांझला, नागल, लैंडर कीमा और चक्कू लदाना सहित कई गांवों के लोगों को राहत मिली थी, लेकिन अब सड़क की जर्जर स्थिति निर्माण में गुणवत्ता की कमी की ओर इशारा कर रही है।
वाहन चालकों सुरेंद्र, हरपाल सिंह और मोहित ने बताया कि इस सड़क पर सफर करना जोखिम भरा हो गया है। हालात ऐसे हैं कि वाहन चलाना तो दूर, पैदल चलना भी चुनौती बन गया है।
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जगह-जगह गहरे गड्ढे : खेड़ी गुलाम अली से किशने वाली कुई तक का यह मार्ग डेरा गोविंदपुरा, सीवन और कैथल के लिए एक महत्वपूर्ण शॉर्टकट रास्ता है, जिस पर प्रतिदिन हजारों लोग आवाजाही करते हैं। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे, उखड़े पत्थर और उड़ती धूल वाहन चालकों की जान-माल के लिए खतरा बने हुए हैं। विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह रास्ता अत्यंत खतरनाक साबित हो रहा है, जहां जरा सी चूक बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
गाड़ियों को भी हो रहा नुकसान
स्थानीय निवासी मुकेश, पवन, राजेंद्र, अजय मट्टू, महेंद्र, रोशन लाल और जीतराम ने बताया कि इस सड़क से गुजरना उनकी मजबूरी बन चुका है। सड़क की खराब हालत के कारण वाहनों में बार-बार खराबी आ रही है, जिससे मरम्मत पर खर्च बढ़ रहा है। साथ ही हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। नाराज ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सड़क का निर्माण या मरम्मत नहीं करवाई गई तो वे मुख्यमंत्री से मिलकर समस्या का समाधान करवाने के लिए मजबूर होंगे।
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कैथल। खेड़ी गुलाम अली गांव से किशने वाली कुई तक जाने वाली सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि मात्र दो किलोमीटर का सफर वाहन चालकों को एक घंटा लगता है और और डर का साया अलग। दरअसल, एक ओर दुर्घटना का खतरा बना रहता है तो दूसरी ओर समय और ईंधन की अतिरिक्त मार भी झेलनी पड़ रही है।
बताया जा रहा है कि यह सड़क मार्केट कमेटी द्वारा कुछ वर्ष पहले बनाई गई थी। इसके बनने से खेड़ी गुलाम अली, गोहरा, अटेला, फर्शमाजरा, मांझला, नागल, लैंडर कीमा और चक्कू लदाना सहित कई गांवों के लोगों को राहत मिली थी, लेकिन अब सड़क की जर्जर स्थिति निर्माण में गुणवत्ता की कमी की ओर इशारा कर रही है।
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वाहन चालकों सुरेंद्र, हरपाल सिंह और मोहित ने बताया कि इस सड़क पर सफर करना जोखिम भरा हो गया है। हालात ऐसे हैं कि वाहन चलाना तो दूर, पैदल चलना भी चुनौती बन गया है।
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जगह-जगह गहरे गड्ढे : खेड़ी गुलाम अली से किशने वाली कुई तक का यह मार्ग डेरा गोविंदपुरा, सीवन और कैथल के लिए एक महत्वपूर्ण शॉर्टकट रास्ता है, जिस पर प्रतिदिन हजारों लोग आवाजाही करते हैं। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे, उखड़े पत्थर और उड़ती धूल वाहन चालकों की जान-माल के लिए खतरा बने हुए हैं। विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह रास्ता अत्यंत खतरनाक साबित हो रहा है, जहां जरा सी चूक बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
गाड़ियों को भी हो रहा नुकसान
स्थानीय निवासी मुकेश, पवन, राजेंद्र, अजय मट्टू, महेंद्र, रोशन लाल और जीतराम ने बताया कि इस सड़क से गुजरना उनकी मजबूरी बन चुका है। सड़क की खराब हालत के कारण वाहनों में बार-बार खराबी आ रही है, जिससे मरम्मत पर खर्च बढ़ रहा है। साथ ही हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। नाराज ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सड़क का निर्माण या मरम्मत नहीं करवाई गई तो वे मुख्यमंत्री से मिलकर समस्या का समाधान करवाने के लिए मजबूर होंगे।