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बाल विवाह जैसी कुप्रथाएं खत्म करना सामूहिक जिम्मेदारी : अग्रवाल
Thu, 16 Apr 2026 03:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 16 Apr 2026 03:14 AM IST
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कैथल। अक्षय तृतीया से पहले एक होटल में आयोजित बैठक में सीडब्ल्यूसी चेयरमैन भीम सेन अग्रवाल के नेतृत्व में बाल विवाह जैसी कुप्रथा के खिलाफ एक मजबूत आवाज बुलंद की गई। उनके मार्गदर्शन में भट्टा मालिकों ने न केवल इस सामाजिक बुराई को समझा, बल्कि इसे जड़ से खत्म करने का संकल्प भी लिया। भीम सेन अग्रवाल ने बाल संरक्षण को समाज की सबसे बड़ी जिम्मेदारी बताया।
उन्होंने कहा कि जब तक हम सब मिलकर प्रयास नहीं करेंगे, तब तक बाल विवाह जैसी कुप्रथाएं खत्म नहीं होंगी। उन्होंने अपने संबोधन में बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के कानूनी प्रावधानों की भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यदि कोई व्यक्ति बाल विवाह करता है, करवाता है या उसमें सहयोग करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाल विवाह कराने वाले अभिभावक, रिश्तेदार, बिचौलिये, पंडित-मौलवी या कोई भी व्यक्ति जो इस विवाह को संपन्न करवाने में शामिल होता है, सभी दोषी माने जाते हैं। ऐसे मामलों में 2 साल तक की सजा या 1 लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि बाल विवाह को बढ़ावा देना या छिपाना भी अपराध की श्रेणी में आता है। इस माैके पर सीडब्ल्यूसी सदस्य पुरुषोत्तम शर्मा, एमडीडी ऑफ इंडिया से जिला समन्वयक अशोक कुमार एवं सीएसडब्ल्यू दीपक कुमार भी उपस्थित रहे। संवाद
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उन्होंने कहा कि जब तक हम सब मिलकर प्रयास नहीं करेंगे, तब तक बाल विवाह जैसी कुप्रथाएं खत्म नहीं होंगी। उन्होंने अपने संबोधन में बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के कानूनी प्रावधानों की भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यदि कोई व्यक्ति बाल विवाह करता है, करवाता है या उसमें सहयोग करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाल विवाह कराने वाले अभिभावक, रिश्तेदार, बिचौलिये, पंडित-मौलवी या कोई भी व्यक्ति जो इस विवाह को संपन्न करवाने में शामिल होता है, सभी दोषी माने जाते हैं। ऐसे मामलों में 2 साल तक की सजा या 1 लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि बाल विवाह को बढ़ावा देना या छिपाना भी अपराध की श्रेणी में आता है। इस माैके पर सीडब्ल्यूसी सदस्य पुरुषोत्तम शर्मा, एमडीडी ऑफ इंडिया से जिला समन्वयक अशोक कुमार एवं सीएसडब्ल्यू दीपक कुमार भी उपस्थित रहे। संवाद
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