{"_id":"62ec2b97376167347a46a1d3","slug":"irrigation-department-secretly-released-flood-water-in-ancient-kapil-muni-sarovar-kaithal-news-knl116884764","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिंचाई विभाग ने प्राचीन कपिल मुनि सरोवर में गुपचुप छोड़ा बाढ़ का पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिंचाई विभाग ने प्राचीन कपिल मुनि सरोवर में गुपचुप छोड़ा बाढ़ का पानी
विज्ञापन
कलायत के ऐतिहासिक श्री कपिल मुनि सरोवर में स्वच्छ जल भराव के लिए बिछाई गई भूमिगत पाइप लाइन की आड़ में गुपचुप ढंग से सिंचाई विभाग के बाढ़ का पानी डालने का गंभीर मामला उजागर हुआ है। सांख्य दर्शन, रामायण व महाभारत सहित अन्य शताब्दियों की सांस्कृतिक विरासत के प्रति अधिकारियों की लापरवाही से विभिन्न संगठनों में भारी रोष है। श्रद्धालुओं-पर्यटकों और आम लोगों का कहना है कि पानी निकासी में अपनी प्रगति रिपोर्ट को बेहतर दिखाने की मंशा से अधिकारियों ने यह काम किया है। इससे सरोवर में जल स्तर खतरे के निशान से कहीं ऊपर पहुंच गया। इन हालातों में सरोवर परिक्रमा, घाट, सुरक्षा दीवार व अन्य धरोहरों पर धंसने व ढहने का खतरा बढ़ गया है।
श्रद्धालुओं का कहना है कि स्थिति ऐसी है कि पावन श्रावण माह में वे न तो सरोवर घाटों पर स्नान कर पा रहे हैं और न ही तट से प्रात: व संध्या वंदना हो पा रही। सरोवर परिक्रमा से भी वे वंचित हो गए हैं। इतना ही नहीं सरोवर के साथ-साथ इसके साथ लगता परिसर में भी पानी ही पानी है। पहले की तुलना में औसतन 10 फीट पानी का जल जलस्तर बढ़ गया है। जल भराव के इस प्रकार के खराब हालात धरोहर परिसर में पहली बार देखने को मिल रहे हैं।
भारतीय पुरातत्व विभाग, कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड और मंदिर प्रबंधन से जुड़े लोग यह समझ नहीं पा रहे थे कि अचानक सरोवर में जल भराव का खतरा अचानक क्यों बढ़ गया है। जब श्रद्धालु और पर्यटकों की नजर तेज गति व आवाज के साथ भूमिगत पाइन लाइन के जरिये सरोवर में आ रहे पानी पर पड़ी तो मंजर साफ हो गया। इस कार्यवाही से राजनैतिक, धार्मिक, सामाजिक और 36 बिरादरी से जुड़े संगठनों में सिंचाई विभाग के खिलाफ भारी रोष है। उन्होंने धरोहर को खतरा पहुंचाने वाले अधिकारियों के निलंबन और विभागीय कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन
उधर, कलायत एसडीएम सुशील कुमार ने कहा कि श्री कपिल मुनि सरोवर में जल स्तर बढ़ जाने का मामला उनके संज्ञान में आया है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए सिंचाई विभाग को कपिल मुनि माइनर से सरोवर तक की भूमिगत पाइप के जरिये आ रहे पानी को तुरंत प्रभाव से रोकने के निर्देश दिए गए हैं। किसी प्रकार की अव्यवस्था पैदा नहीं होने दी जाएगी। संवाद
विज्ञापन
श्रद्धालुओं का कहना है कि स्थिति ऐसी है कि पावन श्रावण माह में वे न तो सरोवर घाटों पर स्नान कर पा रहे हैं और न ही तट से प्रात: व संध्या वंदना हो पा रही। सरोवर परिक्रमा से भी वे वंचित हो गए हैं। इतना ही नहीं सरोवर के साथ-साथ इसके साथ लगता परिसर में भी पानी ही पानी है। पहले की तुलना में औसतन 10 फीट पानी का जल जलस्तर बढ़ गया है। जल भराव के इस प्रकार के खराब हालात धरोहर परिसर में पहली बार देखने को मिल रहे हैं।
विज्ञापन
भारतीय पुरातत्व विभाग, कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड और मंदिर प्रबंधन से जुड़े लोग यह समझ नहीं पा रहे थे कि अचानक सरोवर में जल भराव का खतरा अचानक क्यों बढ़ गया है। जब श्रद्धालु और पर्यटकों की नजर तेज गति व आवाज के साथ भूमिगत पाइन लाइन के जरिये सरोवर में आ रहे पानी पर पड़ी तो मंजर साफ हो गया। इस कार्यवाही से राजनैतिक, धार्मिक, सामाजिक और 36 बिरादरी से जुड़े संगठनों में सिंचाई विभाग के खिलाफ भारी रोष है। उन्होंने धरोहर को खतरा पहुंचाने वाले अधिकारियों के निलंबन और विभागीय कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन
उधर, कलायत एसडीएम सुशील कुमार ने कहा कि श्री कपिल मुनि सरोवर में जल स्तर बढ़ जाने का मामला उनके संज्ञान में आया है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए सिंचाई विभाग को कपिल मुनि माइनर से सरोवर तक की भूमिगत पाइप के जरिये आ रहे पानी को तुरंत प्रभाव से रोकने के निर्देश दिए गए हैं। किसी प्रकार की अव्यवस्था पैदा नहीं होने दी जाएगी। संवाद