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Kaithal News: आरोपी जितेंद्र के बैंक खातों की पड़ताल शुरू
Sun, 04 Feb 2024 02:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 04 Feb 2024 02:02 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। सहकारी परियोजना में घोटाला करने के मामले में कैथल की एंटी करप्शन ब्यूरो की तरफ से गिरफ्तार किए गए आरोपी जितेंद्र कौशिक के बैंक खातों की जांच शुरू कर दी है। एसीबी की टीम की तरफ से अब आरोपी के बैंक खातों की जानकारी जुटाई जाएगी।
गौरतलब है कि जितेंद्र पर सरकारी रुपयों का दुरुपयोग करने का आरोप है। एसीबी का कहना है कि वे इस मामले में हर 0पहलू पर जांच कर रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि जितेंद्र के बैंक खातों की जांच में कुछ जानकारी जरूर मिल सकती है।
यह है पूरा मामला ः कैथल एसीबी ने वीरवार को सहकारी समिति में कार्यरत अतिरिक्त रजिस्टार जितेंद्र कौशिक को यमुनानगर में एक ढाबे से गिरफ्तार किया था। इसमें अंबाला में एंटी करप्शन ब्यूरो के थाना में एक केस दर्ज था। इसी केस में एसीबी ने जांच करते आरोपी जितेंद्र को गिरफ्तार किया था और न्यायालय ने एसीबी को आरोपी का दो दिन का रिमांड दिया था।
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आरोपी ने केंद्र सरकार की तरफ पैक्स में मूलभूत सुविधाएं देने और यहां पर सामान देने को लेकर एकीकृत सहकारी विकास परियोजना के तहत ग्रांट देती है। इस योजना के तहत ही केंद्र सरकार ने वर्ष 2021-2022 में जिले में चार करोड़ 40 लाख रुपये की ग्रांट दी थी। आरोपी जितेंद्र शर्मा को इस योजना का महाप्रबंधक बनाया गया था। योजना के तहत जरूरतमंद लोगों को स्वरोजगार दिया जाता है। इसके साथ ही पैक्स सहित गांवों में बनी सहकारी समितियों में सुविधाएं व अन्य सामान दिया जाता है। इसके तहत यहां पर भवन निर्माण, गोदाम निर्माण, फर्नीचर सहित अन्य सुविधाएं मुहैया करवाई जाती हैं।
सहकारी परियोजना में घोटाला करने के आरोप में अंबाला थाने वर्ष 2021 में एक केस दर्ज हुआ था। इस मामले में कैथल के साथ साथ लगते जिलों में कार्यरत अधिकारियों पर गबन करने के आरोप थे। इन आरोपों के तहत कैथल में कार्यरत सहकारी समिति के अतिरिक्त रजिस्टार जितेंद्र कौशिक को गिरफ्तार किया था। अब आरोपी की कॉल रिकॉर्ड व बैंक के खातों की जानकारी जुटाई जा रही है।
सूबे सिंह, प्रभारी, एंटी करप्शन ब्यूरो, कैथल।
जिले में 2019 से कार्यरत है आरोपी जितेंद्र
गौरतलब है कि आरोपी जितेंद्र कौशिक जिले में पिछले करीब पांच साल से अतिरिक्त रजिस्टार के पद पर कार्यरत था। एकीकृत सहकारी विकास परियोजना के तहत केंद्र सरकार ने 2021-2022 में ही यह ग्रांट जारी की थी। इस योजना के तहत जरूरतमंद लोगों को स्वरोजगार भी दिया जाता है। इसके साथ ही पैक्स सहित गांवों में बनी सहकारी समितियों में सुविधाएं व अन्य सामान दिया जाता है। इसके तहत यहां पर भवन निर्माण, गोदाम निर्माण, फर्नीचर सहित अन्य सुविधाएं मुहैया करवाई जाती हैं।
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कैथल। सहकारी परियोजना में घोटाला करने के मामले में कैथल की एंटी करप्शन ब्यूरो की तरफ से गिरफ्तार किए गए आरोपी जितेंद्र कौशिक के बैंक खातों की जांच शुरू कर दी है। एसीबी की टीम की तरफ से अब आरोपी के बैंक खातों की जानकारी जुटाई जाएगी।
गौरतलब है कि जितेंद्र पर सरकारी रुपयों का दुरुपयोग करने का आरोप है। एसीबी का कहना है कि वे इस मामले में हर 0पहलू पर जांच कर रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि जितेंद्र के बैंक खातों की जांच में कुछ जानकारी जरूर मिल सकती है।
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यह है पूरा मामला ः कैथल एसीबी ने वीरवार को सहकारी समिति में कार्यरत अतिरिक्त रजिस्टार जितेंद्र कौशिक को यमुनानगर में एक ढाबे से गिरफ्तार किया था। इसमें अंबाला में एंटी करप्शन ब्यूरो के थाना में एक केस दर्ज था। इसी केस में एसीबी ने जांच करते आरोपी जितेंद्र को गिरफ्तार किया था और न्यायालय ने एसीबी को आरोपी का दो दिन का रिमांड दिया था।
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आरोपी ने केंद्र सरकार की तरफ पैक्स में मूलभूत सुविधाएं देने और यहां पर सामान देने को लेकर एकीकृत सहकारी विकास परियोजना के तहत ग्रांट देती है। इस योजना के तहत ही केंद्र सरकार ने वर्ष 2021-2022 में जिले में चार करोड़ 40 लाख रुपये की ग्रांट दी थी। आरोपी जितेंद्र शर्मा को इस योजना का महाप्रबंधक बनाया गया था। योजना के तहत जरूरतमंद लोगों को स्वरोजगार दिया जाता है। इसके साथ ही पैक्स सहित गांवों में बनी सहकारी समितियों में सुविधाएं व अन्य सामान दिया जाता है। इसके तहत यहां पर भवन निर्माण, गोदाम निर्माण, फर्नीचर सहित अन्य सुविधाएं मुहैया करवाई जाती हैं।
सहकारी परियोजना में घोटाला करने के आरोप में अंबाला थाने वर्ष 2021 में एक केस दर्ज हुआ था। इस मामले में कैथल के साथ साथ लगते जिलों में कार्यरत अधिकारियों पर गबन करने के आरोप थे। इन आरोपों के तहत कैथल में कार्यरत सहकारी समिति के अतिरिक्त रजिस्टार जितेंद्र कौशिक को गिरफ्तार किया था। अब आरोपी की कॉल रिकॉर्ड व बैंक के खातों की जानकारी जुटाई जा रही है।
सूबे सिंह, प्रभारी, एंटी करप्शन ब्यूरो, कैथल।
जिले में 2019 से कार्यरत है आरोपी जितेंद्र
गौरतलब है कि आरोपी जितेंद्र कौशिक जिले में पिछले करीब पांच साल से अतिरिक्त रजिस्टार के पद पर कार्यरत था। एकीकृत सहकारी विकास परियोजना के तहत केंद्र सरकार ने 2021-2022 में ही यह ग्रांट जारी की थी। इस योजना के तहत जरूरतमंद लोगों को स्वरोजगार भी दिया जाता है। इसके साथ ही पैक्स सहित गांवों में बनी सहकारी समितियों में सुविधाएं व अन्य सामान दिया जाता है। इसके तहत यहां पर भवन निर्माण, गोदाम निर्माण, फर्नीचर सहित अन्य सुविधाएं मुहैया करवाई जाती हैं।