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डेढ़ साल के बाद फिर से पशुपालकों के लिए बीमा योजना शुरू
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कैथल। डेढ़ साल के बाद फिर से पशुपालकों के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्यक्ष सामूहिक पशुधन बीमा योजना शुरू हुई है। इस योजना के तहत पशुपालक 25 रुपये से लेकर 300 रुपये तक का प्रीमियम देकर अपने बड़े पशु जैसे गाय भैंस के साथ-साथ छोटे पशुओं का भी बीमा करवा सकेंगे। वहीं गोशाला के भी पांच पशुओं का बीमा करवाया जा सकता है।
पिछले डेढ़ साल से पशुओं का बीमा नहीं बन रहा था। बीमा न बनने से पशुपालक कार्यालयों में बार-बार चक्कर काट रहे थे। पशुपालकों की मांग के बाद ही हरियाणा पशुधन विकास बोर्ड व न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी की ओर से अब एक वर्ष का बीमा किया जाएगा। जिसमें बीमा की राशि का 1.49 प्रतिशत की दर से प्रीमियम लिया जाएगा। अनुसूचित जाति के पशुपालकों का बीमा निशुल्क रहेगा। बड़े पशुओं के लिए 100 रुपये से लेकर तीन सौ रुपये तक प्रीमियम राशि देकर बीमा होगा। जबकि छोटे पशुओं के लिए मात्र 25 रुपये खर्च करने होंगे।
आकस्मिक या दुर्घटना में पशु की मौत होने पर मिलेगा बीमा-इस योजना के अनुसार किसी पशु की आकस्मिक या दुर्घटना में मौत हो जाती है, उस पशुपालक को यह बीमा मिलेगा। बीमा होने के 21 दिन बाद यह योजना लागू होगी। पशु की चोरी होने पर कोई क्लेम नहीं मिलेगा। एक पशुपालक बड़े पशुओं की दूध क्षमता एवं आयु के आधार पर 50 से लेकर अधिकतम 88 हजार रुपये तक, जबकि छोटे पशुओं की मौत पर अधिकतम 10 से 20 हजार रुपये क्लेम राशि का दावा पशु चिकित्सक की रिपोर्ट अनुसार कर सकेगा।
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दो भागों में होगा बीमा-डॉ. सुरेंद्र नैन का कहना है कि नई बीमा पॉलिसी के अनुसार पशुओं का दो प्रकार से वर्गीकरण किया गया है। जिसमें बड़े- छोटे पशु शामिल रहेंगे। बड़े पशुओं में गाय भैंस, झोटा, सांड, घोड़ा, ऊंट, खच्चर, बैल सहित कई पशु रहेंगे। जबकि छोटे पशुओं में भेड़, बकरी व खरगोश का बीमा करवाया जा सकता है।
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पिछले डेढ़ साल से पशुओं का बीमा नहीं बन रहा था। बीमा न बनने से पशुपालक कार्यालयों में बार-बार चक्कर काट रहे थे। पशुपालकों की मांग के बाद ही हरियाणा पशुधन विकास बोर्ड व न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी की ओर से अब एक वर्ष का बीमा किया जाएगा। जिसमें बीमा की राशि का 1.49 प्रतिशत की दर से प्रीमियम लिया जाएगा। अनुसूचित जाति के पशुपालकों का बीमा निशुल्क रहेगा। बड़े पशुओं के लिए 100 रुपये से लेकर तीन सौ रुपये तक प्रीमियम राशि देकर बीमा होगा। जबकि छोटे पशुओं के लिए मात्र 25 रुपये खर्च करने होंगे।
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आकस्मिक या दुर्घटना में पशु की मौत होने पर मिलेगा बीमा-इस योजना के अनुसार किसी पशु की आकस्मिक या दुर्घटना में मौत हो जाती है, उस पशुपालक को यह बीमा मिलेगा। बीमा होने के 21 दिन बाद यह योजना लागू होगी। पशु की चोरी होने पर कोई क्लेम नहीं मिलेगा। एक पशुपालक बड़े पशुओं की दूध क्षमता एवं आयु के आधार पर 50 से लेकर अधिकतम 88 हजार रुपये तक, जबकि छोटे पशुओं की मौत पर अधिकतम 10 से 20 हजार रुपये क्लेम राशि का दावा पशु चिकित्सक की रिपोर्ट अनुसार कर सकेगा।
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दो भागों में होगा बीमा-डॉ. सुरेंद्र नैन का कहना है कि नई बीमा पॉलिसी के अनुसार पशुओं का दो प्रकार से वर्गीकरण किया गया है। जिसमें बड़े- छोटे पशु शामिल रहेंगे। बड़े पशुओं में गाय भैंस, झोटा, सांड, घोड़ा, ऊंट, खच्चर, बैल सहित कई पशु रहेंगे। जबकि छोटे पशुओं में भेड़, बकरी व खरगोश का बीमा करवाया जा सकता है।