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औचक निरीक्षण को पहुंची एसडीएम तो फौजी कैंटीन में मचा हड़कंप
ब्यूरो कैथल
Updated Wed, 11 Jan 2017 12:01 AM IST
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कार्ड की जांच करती एसडीएम
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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एसडीएम मनदीप कौर ने मंगलवार को जींद रोड स्थित फौजी कैंटीन का औचक निरीक्षण किया। अचानक हुए निरीक्षण के चलते वहां हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान काफी संख्या में ऐसे लोग पाए गए, जो दूसरों के कार्ड का प्रयोग करते हुए खरीदारी कर रहे थे, वहीं कुछ लोग कार्डधारकों के साथ अंदर गए हुए थे। ऐसे सभी लोगों को बाहर कर एसडीएम ने निर्देश जारी किए कि कैंटीन से केवल डिफेंस से जुड़े लोग ही सामान खरीदें। यदि कोई सहायक आता है तो उसकी इंट्री प्रबंधक की सहमति से हो। एसडीएम ने प्रबंधक को चेतावनी देते हुए नियमों के पालन के निर्देश दिए।
दोपहर बाद एसडीएम अचानक फौजी कैंटीन में पहुंची। जहां उन्होंने अंदर खरीदारी कर रहे लोगों के कार्ड जांचें। इस जांच में काफी संख्या में सिविलियंस कैंटीन के अंदर पाए गए। कई लोग दूसरे का कार्ड लिए हुए थे। वहीं कुछ लोग कार्ड धारक पूर्व सैनिकों के साथ आए हुए थे। एसडीएम ने तुरंत ऐसे लोगों को कैंटीन से बाहर निकाल दिया। साथ ही उन्हें कहा कि यहां डिफेंस से जुड़े लोग ही खरीदारी करते हैं। सरकार ने सैनिकों, पूर्व सैनिकों, सेना अधिकारियों के लिए यह सुविधा शुरू की है। वहीं कुछ लोगों ने कहा कि कैंटीन काफी छोटी है, दूसरे लोगों के यहां प्रवेश होने से हर समय भीड़ लगी रहती है। फौजियों को सामान खरीदने में दिक्कत आती है। फौजियों को बैठने तक के लिए बेंच नहीं मिलते। सिविल लोग बेंचों पर बैठे रहते हैं और फौजी खड़े रहते हैं।
बाहर बिकता है कैंटीन का सामान
निरीक्षण के दौरान कुछ लोगों ने आरोप लगाए कि कैंटीन का सामान व शराब मार्केट में बिकती है। कई बार इस बारे में आवाज उठा चुके हैं। लेकिन कोई इस तरफ ध्यान नहीं देता। इसकी जांच की जानी चाहिए।
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फौजी कैंटीन के मैनेजर रतन सिंह ने कहा कि यहां सब कार्य नियमानुसार होता है।
कैंटीन में सामान्य निरीक्षण था। कई सिविल लोग फौजियों के कार्ड पर सामान लेते हुए मिले। काफी लोग कैंटीन परिसर में खड़े थे, जिनके पास कोई कार्ड नहीं था। बिना कार्ड के कैंटीन में प्रवेश करने वाले लोगों को गेट से बाहर रहने की बात कही है। यह कैंटीन फौजियों के लिए है। सिविल लोगों के लिए नहीं। सिविल लोगों का प्रवेश गैर कानूनी है। प्रबंधक को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे बिना कार्ड के किसी की इंट्री ना होने दें। बीमार या बुजुर्ग डिफेंस से जुड़े लोगों के साथ सहायक आ सकते हैं, लेकिन उनकी इंट्री प्रबंधक की सहमति से हो।
मंदीप कौर, एसडीएम
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दोपहर बाद एसडीएम अचानक फौजी कैंटीन में पहुंची। जहां उन्होंने अंदर खरीदारी कर रहे लोगों के कार्ड जांचें। इस जांच में काफी संख्या में सिविलियंस कैंटीन के अंदर पाए गए। कई लोग दूसरे का कार्ड लिए हुए थे। वहीं कुछ लोग कार्ड धारक पूर्व सैनिकों के साथ आए हुए थे। एसडीएम ने तुरंत ऐसे लोगों को कैंटीन से बाहर निकाल दिया। साथ ही उन्हें कहा कि यहां डिफेंस से जुड़े लोग ही खरीदारी करते हैं। सरकार ने सैनिकों, पूर्व सैनिकों, सेना अधिकारियों के लिए यह सुविधा शुरू की है। वहीं कुछ लोगों ने कहा कि कैंटीन काफी छोटी है, दूसरे लोगों के यहां प्रवेश होने से हर समय भीड़ लगी रहती है। फौजियों को सामान खरीदने में दिक्कत आती है। फौजियों को बैठने तक के लिए बेंच नहीं मिलते। सिविल लोग बेंचों पर बैठे रहते हैं और फौजी खड़े रहते हैं।
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बाहर बिकता है कैंटीन का सामान
निरीक्षण के दौरान कुछ लोगों ने आरोप लगाए कि कैंटीन का सामान व शराब मार्केट में बिकती है। कई बार इस बारे में आवाज उठा चुके हैं। लेकिन कोई इस तरफ ध्यान नहीं देता। इसकी जांच की जानी चाहिए।
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फौजी कैंटीन के मैनेजर रतन सिंह ने कहा कि यहां सब कार्य नियमानुसार होता है।
कैंटीन में सामान्य निरीक्षण था। कई सिविल लोग फौजियों के कार्ड पर सामान लेते हुए मिले। काफी लोग कैंटीन परिसर में खड़े थे, जिनके पास कोई कार्ड नहीं था। बिना कार्ड के कैंटीन में प्रवेश करने वाले लोगों को गेट से बाहर रहने की बात कही है। यह कैंटीन फौजियों के लिए है। सिविल लोगों के लिए नहीं। सिविल लोगों का प्रवेश गैर कानूनी है। प्रबंधक को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे बिना कार्ड के किसी की इंट्री ना होने दें। बीमार या बुजुर्ग डिफेंस से जुड़े लोगों के साथ सहायक आ सकते हैं, लेकिन उनकी इंट्री प्रबंधक की सहमति से हो।
मंदीप कौर, एसडीएम