{"_id":"60affd498ebc3e36e632561a","slug":"inrease-health-facility-kaithal-news-knl710655154","type":"story","status":"publish","title_hn":"संभावित तीसरी लहर से लड़ने की तैयारी बच्चों के लिए वेंटिलेटर व दूसरे उपकरणों की बनाई जा रही है लिस्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संभावित तीसरी लहर से लड़ने की तैयारी बच्चों के लिए वेंटिलेटर व दूसरे उपकरणों की बनाई जा रही है लिस्ट
विज्ञापन
विशेषज्ञों द्वारा बताई जा रही संभावित तीसरी लहर से लड़ने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। डीसी ने बैठक कर स्वास्थ्य अधिकारियों को बच्चों के लिए वेंटिलेटर और दूसरे जरूरत के उपकरणों की सूची बनाने को कहा है। ताकि राज्य सरकार से डिमांड कर समय रहते तैयारी की जा सके। इस महामारी से लड़ने के लिए भविष्य की प्लानिंग व पिछले डेढ़ साल से जिले में कोरोना नियंत्रण की बागडोर संभाले हुए डीसी सुजान सिंह यादव ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में कई बातों पर खुलकर विचार व्यक्त किए।
संभावित तीसरी लहर में प्रबंधन पर डीसी ने कहा कि अधिकारियों को बच्चों के लिए वेंटिलेटर, दवाएं व दूसरे जरूरत के उपकरणों की सूची तैयार कर देने को कहा है। ताकि समय रहते सभी तैयारियां की जा सकें। जिले में कोरोना नियंत्रण के सवाल पर डीसी ने कहा कि कैथल में रिकवरी रेट सुधरकर 91.5 हो गया है। सर्वे करके बीमार लोगों का पता लगाया जा रहा है। प्रयास किया जा रहा है कि किसी की मौत न हो, संक्रमित केस खत्म हों।
तैयार हो रहा ऑक्सीजन प्लांट, एनटीपीसीआर लैब
स्वास्थ्य सेवाओं में बढ़ोतरी के सवाल पर डीसी ने कहा कि कोरेाना से पहले जिला अस्पताल में एक भी वेंटिलेटर नहीं था। अब जिले में 25 वेंटिलेटर हैं। ऑक्सीजन प्लांट लगाने का काम शुरू हो गया है। डीआरडीओ व एक अन्य कंपनी को यह काम दिया है। एनटीपीसीआर लैब कलायत में बन रही है। मेडिकल के विद्यार्थी ड्यूटी दे रहे हैं। पिछले डेढ़ साल में काफी वृद्धि स्वास्थ्य सेवाओं में हुई है। अब इन स्वास्थ्य सेवाओं को और बढ़ाएंगे।
विज्ञापन
समस्याओं से सीखेंगे, दूर करेंगे कमियां
डेढ़ साल में कोरोना नियंत्रण में आई समस्याओं पर डीसी ने कहा कि मुख्य समस्या जो आई है, वह जागरूकता की कमी की वजह से थी। शुरूआती दौर में टेस्टिंग, सैंपलिंग व बाद में वैक्सीनेशन को लेकर तरह-तरह की भ्रांतियां सुनने को मिलीं। यह बड़ी समस्या थी। जिले में ऑक्सीजन सिलिंडर के रिफिलिंग के प्वाइंट न होने के बावजूद प्रयास किया गया, आज जरूरत से ज्यादा ऑक्सीजन का कोटा हमारे पास है।
पहली लहर के बार शिथिलता हमारी चूक थी
पहली लहर के बाद शिथिलता के प्रश्न पर डीसी ने कहा कि यही हमारी बड़ी चूक कही जा सकती है कि काफी संख्या में आमजन पहली लहर पर नियंत्रण के बाद जागरूक नहीं रहे। मास्क, सैनिटाइजर, कार्यक्रमों में उमड़ी भीड़ में नियमों का पालन नहीं हुआ। जिस कारण दूसरी लहर ज्यादा आक्रामक दिख रही है। अभी भी नियमों का पालन करते हुए जागरूक रहना बहुत जरूरी है। डेढ़ साल में कोरोना संकट में हमेशा याद रहने वाली एक घटना के प्रश्न पर डीसी ने कहा कि पिछली बार एक गांव में पंजाब से गेहूं कटाई के लिए आए ड्राइवर की जागरूकता हमेशा याद रहेगी। वह पंजाब चला गया था, जहां वह कोरोना पॉजिटिव निकला। उसने वहां से उस गांव के सरपंच को फोन किया कि उसके संपर्क के लोगों के टेस्ट करवा लिए जाएं। उस गांव की टेस्टिंग हुई तो 12 लोग संक्रमित मिले। पूरा गांव संक्रमित होने से बच गया। यह घटना हमेशा याद रहेगी। सभी को ऐसी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
फील्ड कर्मियों को जरूरी उपकरणों से लैस करेंगे
फील्ड कर्मियों के पास संसाधनों की कमी के प्रश्र पर डीसी ने कहा कि अभी पता चला है कि कुछ आशा वर्कर व अन्य के पास मास्क व सैनिटाइजर जैसी सुविधाएं नहीं हैं। उस बारे में अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी को आवश्यक उपकरण दिए जाएं। ताकि सर्वे रिपोर्ट मिलने पर असली बीमार लोगों का पता लगाया जा सके।
विज्ञापन
संभावित तीसरी लहर में प्रबंधन पर डीसी ने कहा कि अधिकारियों को बच्चों के लिए वेंटिलेटर, दवाएं व दूसरे जरूरत के उपकरणों की सूची तैयार कर देने को कहा है। ताकि समय रहते सभी तैयारियां की जा सकें। जिले में कोरोना नियंत्रण के सवाल पर डीसी ने कहा कि कैथल में रिकवरी रेट सुधरकर 91.5 हो गया है। सर्वे करके बीमार लोगों का पता लगाया जा रहा है। प्रयास किया जा रहा है कि किसी की मौत न हो, संक्रमित केस खत्म हों।
विज्ञापन
तैयार हो रहा ऑक्सीजन प्लांट, एनटीपीसीआर लैब
स्वास्थ्य सेवाओं में बढ़ोतरी के सवाल पर डीसी ने कहा कि कोरेाना से पहले जिला अस्पताल में एक भी वेंटिलेटर नहीं था। अब जिले में 25 वेंटिलेटर हैं। ऑक्सीजन प्लांट लगाने का काम शुरू हो गया है। डीआरडीओ व एक अन्य कंपनी को यह काम दिया है। एनटीपीसीआर लैब कलायत में बन रही है। मेडिकल के विद्यार्थी ड्यूटी दे रहे हैं। पिछले डेढ़ साल में काफी वृद्धि स्वास्थ्य सेवाओं में हुई है। अब इन स्वास्थ्य सेवाओं को और बढ़ाएंगे।
विज्ञापन
समस्याओं से सीखेंगे, दूर करेंगे कमियां
डेढ़ साल में कोरोना नियंत्रण में आई समस्याओं पर डीसी ने कहा कि मुख्य समस्या जो आई है, वह जागरूकता की कमी की वजह से थी। शुरूआती दौर में टेस्टिंग, सैंपलिंग व बाद में वैक्सीनेशन को लेकर तरह-तरह की भ्रांतियां सुनने को मिलीं। यह बड़ी समस्या थी। जिले में ऑक्सीजन सिलिंडर के रिफिलिंग के प्वाइंट न होने के बावजूद प्रयास किया गया, आज जरूरत से ज्यादा ऑक्सीजन का कोटा हमारे पास है।
पहली लहर के बार शिथिलता हमारी चूक थी
पहली लहर के बाद शिथिलता के प्रश्न पर डीसी ने कहा कि यही हमारी बड़ी चूक कही जा सकती है कि काफी संख्या में आमजन पहली लहर पर नियंत्रण के बाद जागरूक नहीं रहे। मास्क, सैनिटाइजर, कार्यक्रमों में उमड़ी भीड़ में नियमों का पालन नहीं हुआ। जिस कारण दूसरी लहर ज्यादा आक्रामक दिख रही है। अभी भी नियमों का पालन करते हुए जागरूक रहना बहुत जरूरी है। डेढ़ साल में कोरोना संकट में हमेशा याद रहने वाली एक घटना के प्रश्न पर डीसी ने कहा कि पिछली बार एक गांव में पंजाब से गेहूं कटाई के लिए आए ड्राइवर की जागरूकता हमेशा याद रहेगी। वह पंजाब चला गया था, जहां वह कोरोना पॉजिटिव निकला। उसने वहां से उस गांव के सरपंच को फोन किया कि उसके संपर्क के लोगों के टेस्ट करवा लिए जाएं। उस गांव की टेस्टिंग हुई तो 12 लोग संक्रमित मिले। पूरा गांव संक्रमित होने से बच गया। यह घटना हमेशा याद रहेगी। सभी को ऐसी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
फील्ड कर्मियों को जरूरी उपकरणों से लैस करेंगे
फील्ड कर्मियों के पास संसाधनों की कमी के प्रश्र पर डीसी ने कहा कि अभी पता चला है कि कुछ आशा वर्कर व अन्य के पास मास्क व सैनिटाइजर जैसी सुविधाएं नहीं हैं। उस बारे में अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी को आवश्यक उपकरण दिए जाएं। ताकि सर्वे रिपोर्ट मिलने पर असली बीमार लोगों का पता लगाया जा सके।