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Kaithal News: गोष्ठी में वैज्ञानिक खेती करने की दी जानकारी
Thu, 05 Jun 2025 01:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 05 Jun 2025 01:06 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
राजौंद। विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत सौंगरी गुलियाणा में किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को आधुनिक तकनीक, उन्नत बीजों, फसल विविधीकरण और वैज्ञानिक खेती के तरीकों की जानकारी दी।
गोष्ठी में कृषि, बागवानी,पशुपालन व मत्स्य पालन जैसे विषयों को भी शामिल किया गया। कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि किस प्रकार किसान मेहनत-तकनीक के मेल से खेती को लाभकारी बना सकते हैं।
कृषि अधिकारियों ने किसानों को बताया कि कौन-कौन से उन्नत बीज उनके इलाके की मिट्टी और जलवायु अनुसार उपयुक्त हैं और कौन सी फसलें बाजार मांग अनुसार अधिक लाभ दे सकती हैं।
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इस दौरान गांवों में जमीन की समस्या को लेकर केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान करनाल के वैज्ञानिक डॉ. अश्वनी ने विशेष समाधान बताए। इस दौरान राजौंद खंड कृषि अधिकारी डॉ. हरमीत सिंह ने कहा कि यह अभियान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा की दूरदर्शी सोच का परिणाम है। उनका लक्ष्य है कि शोध संस्थानों में किए गए प्रयोगों और परिणामों को खेतों तक पहुंचाया जाए, ताकि किसान समृद्ध बन सकें। इस दौरान एनडीआरआई, भारतीय गेहूं एवं जौं अनुसंधान संस्थान, तथा केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान करनाल के वैज्ञानिकों ने बहुपयोगी सुझाव साझा किए।
इस दौरान एनडीआरआई डॉ. विवेक शर्मा, डाॅ. अश्वनी कुमार, प्रशांत शर्मा, पशु चिकित्सक डाॅ. पूनम, खंड कृषि अधिकारी डॉ. हरमीत सिंह, ऋषि सोनी आदि मौजूद रहे।
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राजौंद। विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत सौंगरी गुलियाणा में किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को आधुनिक तकनीक, उन्नत बीजों, फसल विविधीकरण और वैज्ञानिक खेती के तरीकों की जानकारी दी।
गोष्ठी में कृषि, बागवानी,पशुपालन व मत्स्य पालन जैसे विषयों को भी शामिल किया गया। कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि किस प्रकार किसान मेहनत-तकनीक के मेल से खेती को लाभकारी बना सकते हैं।
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कृषि अधिकारियों ने किसानों को बताया कि कौन-कौन से उन्नत बीज उनके इलाके की मिट्टी और जलवायु अनुसार उपयुक्त हैं और कौन सी फसलें बाजार मांग अनुसार अधिक लाभ दे सकती हैं।
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इस दौरान गांवों में जमीन की समस्या को लेकर केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान करनाल के वैज्ञानिक डॉ. अश्वनी ने विशेष समाधान बताए। इस दौरान राजौंद खंड कृषि अधिकारी डॉ. हरमीत सिंह ने कहा कि यह अभियान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा की दूरदर्शी सोच का परिणाम है। उनका लक्ष्य है कि शोध संस्थानों में किए गए प्रयोगों और परिणामों को खेतों तक पहुंचाया जाए, ताकि किसान समृद्ध बन सकें। इस दौरान एनडीआरआई, भारतीय गेहूं एवं जौं अनुसंधान संस्थान, तथा केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान करनाल के वैज्ञानिकों ने बहुपयोगी सुझाव साझा किए।
इस दौरान एनडीआरआई डॉ. विवेक शर्मा, डाॅ. अश्वनी कुमार, प्रशांत शर्मा, पशु चिकित्सक डाॅ. पूनम, खंड कृषि अधिकारी डॉ. हरमीत सिंह, ऋषि सोनी आदि मौजूद रहे।