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Kaithal News: प्रचार सामग्री पर प्रिंटिंग प्रेस व पब्लिशर की जानकारी हो
Sun, 24 Mar 2024 04:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 24 Mar 2024 04:20 AM IST
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कैथल। आगामी लोकसभा चुनाव के दृष्टिगत प्रचार प्रसार के लिए छपने वाली सामग्री पर प्रिंटिंग प्रेस व पब्लिशर की पूरी जानकारी होनी जरूरी है। ऐसा नहीं करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। ये निर्देश जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी प्रशांत पंवार ने दिए हैं।
उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान प्रिंटिंग से संबंधित सभी प्रकार के नियमों का जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 127 ए में उल्लेख किया गया है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि अधिनियम 1951 की धारा 127 ए में स्पष्ट तौर पर चुनाव के दौरान प्रिंटिंग प्रेस संचालकों ने पालन किए जाने वाले नियमों की जानकारी दी गई है।
नियमों के अनुसार कोई भी प्रिंटिंग प्रेस संचालक बिना शपथ पत्र के चुनाव के संबंधित प्रचार सामग्री नहीं छाप सकता है। उसे संबंधित उम्मीदवार से एक शपथ पत्र लेना है, जिस पर प्रचार सामग्री छपवाने वाले के हस्ताक्षर होंगे। साथ ही दो गवाहों के भी हस्ताक्षर भी पत्र पर होना जरूरी है।
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कहा कि सामग्री प्रिंट होने के बाद प्रेस के मालिक को शपथ पत्र की प्रति और छापी गई प्रचार सामग्री की प्रतियां जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को भेजनी होंगी। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के निर्देशों और जनप्रतिनिधि अधिनियम 1951 की धारा 127 ए के नियमों के अनुसार आगामी लोकसभा चुनाव के दौरान चुनाव से संबंधित किसी भी प्रकार की प्रचार सामग्री पर छपवाने व छापने वाले का नाम आदि जानकारी भी प्रकाशित होना जरूरी है। संवाद
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उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान प्रिंटिंग से संबंधित सभी प्रकार के नियमों का जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 127 ए में उल्लेख किया गया है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि अधिनियम 1951 की धारा 127 ए में स्पष्ट तौर पर चुनाव के दौरान प्रिंटिंग प्रेस संचालकों ने पालन किए जाने वाले नियमों की जानकारी दी गई है।
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नियमों के अनुसार कोई भी प्रिंटिंग प्रेस संचालक बिना शपथ पत्र के चुनाव के संबंधित प्रचार सामग्री नहीं छाप सकता है। उसे संबंधित उम्मीदवार से एक शपथ पत्र लेना है, जिस पर प्रचार सामग्री छपवाने वाले के हस्ताक्षर होंगे। साथ ही दो गवाहों के भी हस्ताक्षर भी पत्र पर होना जरूरी है।
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कहा कि सामग्री प्रिंट होने के बाद प्रेस के मालिक को शपथ पत्र की प्रति और छापी गई प्रचार सामग्री की प्रतियां जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को भेजनी होंगी। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के निर्देशों और जनप्रतिनिधि अधिनियम 1951 की धारा 127 ए के नियमों के अनुसार आगामी लोकसभा चुनाव के दौरान चुनाव से संबंधित किसी भी प्रकार की प्रचार सामग्री पर छपवाने व छापने वाले का नाम आदि जानकारी भी प्रकाशित होना जरूरी है। संवाद