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Kaithal News: रचनात्मकता बढ़ाने के लिए भारतीय भाषा उत्सव शुरू
Tue, 03 Jun 2025 01:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 03 Jun 2025 01:12 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत/राजौंद। दो से आठ जून तक चलने वाले भारतीय भाषा उत्सव का शुभारंभ विद्यालयों में सोमवार को हुआ। इसमें बच्चों को वर्णमाला, अंक लेखन, अभिवादन संबंधी जानकारियां दी गईं। इससे उनकी रचनात्मकता में वृद्धि होगी।
पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कमालपुर और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बीर बांगड़ा में शिविर के पहले दिन बच्चों के चेहरे खिले दिखाई दिए। इस उत्सव में हर दिन को एक विशेष थीम के साथ मनाया जाएगा जिससे विद्यार्थियों की रुचि बनी रहे और उन्हें भाषा की गहराई को समझने का अवसर मिले।
इस सात दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कमालपुर में विभिन्न भाषाओं की लिपियों के माध्यम से विद्यार्थियों को कई जानकारी दी गई। इस दौरान विद्यार्थियों ने सीखी गई बातों के चार्ट और प्रदर्शनी कार्य भी प्रस्तुत किए, जिससे उनकी भाषाई समझ और रचनात्मकता दोनों में निखार आया।
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कार्यक्रम के नोडल अधिकारी सुभाष शास्त्री ने बताया कि शिविर में प्रथम दिन लगभग 80 छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे और उत्साहपूर्वक गतिविधियों में भाग लिया। उन्होंने बताया किइस समर कैंप का उद्देश्य बच्चों को भारत की भाषाई विविधता से परिचित कराना है। अलग-अलग राज्यों की भाषाओं के माध्यम से न केवल भाषायी ज्ञान बढ़ेगा बल्कि आपसी सांस्कृतिक समझ और सौहार्द भी विकसित होगा।
प्रधानाचार्य सुनील जिंदल ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा की भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं बल्कि संस्कृति की आत्मा होती है। विद्यार्थियों को बहुभाषिक वातावरण में संलग्न करना समय की मांग है। प्रधानाचार्य ने बताया कि सात दिनों के इस भाषा समर कैंप में हर दिन अलग-अलग थीम पर गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। जिनमें वर्चुअल सिटी टूर, कला-संगीत, स्थानीय खान पान आदि शामिल रहेगा।
विद्यार्थियों को भारतीय भाषाओं की दी जानकारी
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बीर बांगड़ा में भारतीय भाषा सात दिवसीय कैंप की शुरुआत हुई। इस कैंप के प्रथम दिवस में लगभग 40 से 50 विद्यार्थियों ने भाग लिया नोडल अधिकारी हिंदी प्रवक्ता तेजपाल ने बताया कि विद्यार्थियों को भारतीय भाषाओं के संबंध में जानकारी दी। साथ ही अपनी-अपनी भाषाओं पर गर्व करना सिखाया गया।
उन्होंने कहा कि आज हम सभी विभिन्न भारतीय भाषाओं का प्रयोग अपने दैनिक जीवन के एवं कार्यालय के प्रयोग के लिए भी कर सकते हैं व हम अपने अभिव्यक्ति को अपनी भाषा में अच्छे प्रकार से व्यक्त भी कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि हमें अपनी भाषाओं पर गर्व होना चाहिए ताकि हम अपने विचार दूसरों के सामने खुलकर रख सके, क्योंकि हमारी सरकार ने भी अभिव्यक्ति की आजादी दी हुई है हम सभी को अपनी भाषा पर नियंत्रण रखकर अपने विचार रखना चाहिए। इस अवसर पर अंग्रेजी प्रवक्ता आनंद कुमार संस्कृत अध्यापक रोशन लाल अंग्रेजी अध्यापिका प्रियंका एवं रजनीश कुमारी ने आज छात्र-छात्राओं को अपनी भाषा के बारे में जानकारी दी और यह भी बताया कि हम अपनी भाषा की वर्तनी का उचित प्रयोग करके शुभकामनाएं संदेश इत्यादि किस प्रकार से भेज सकते है।
हम विभिन्न भाषाओं में अभिवादन आदि किस प्रकार कर सकते है । भारत ने अनेक राज्यों में अलग अलग भाषाएं बोली जाती है अतः हमें अपनी मातृभाषा के अतिरिक्त कोई ओर भाषा भी आनी चाहिए ताकि हमें अपने विचार व्यक्त करने में कोई दिक्कत नहीं आए सभी छात्र छात्राओं ने बहुत रूचि पूर्वक इस कैंप में भाग लिया।
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कलायत/राजौंद। दो से आठ जून तक चलने वाले भारतीय भाषा उत्सव का शुभारंभ विद्यालयों में सोमवार को हुआ। इसमें बच्चों को वर्णमाला, अंक लेखन, अभिवादन संबंधी जानकारियां दी गईं। इससे उनकी रचनात्मकता में वृद्धि होगी।
पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कमालपुर और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बीर बांगड़ा में शिविर के पहले दिन बच्चों के चेहरे खिले दिखाई दिए। इस उत्सव में हर दिन को एक विशेष थीम के साथ मनाया जाएगा जिससे विद्यार्थियों की रुचि बनी रहे और उन्हें भाषा की गहराई को समझने का अवसर मिले।
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इस सात दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कमालपुर में विभिन्न भाषाओं की लिपियों के माध्यम से विद्यार्थियों को कई जानकारी दी गई। इस दौरान विद्यार्थियों ने सीखी गई बातों के चार्ट और प्रदर्शनी कार्य भी प्रस्तुत किए, जिससे उनकी भाषाई समझ और रचनात्मकता दोनों में निखार आया।
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कार्यक्रम के नोडल अधिकारी सुभाष शास्त्री ने बताया कि शिविर में प्रथम दिन लगभग 80 छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे और उत्साहपूर्वक गतिविधियों में भाग लिया। उन्होंने बताया किइस समर कैंप का उद्देश्य बच्चों को भारत की भाषाई विविधता से परिचित कराना है। अलग-अलग राज्यों की भाषाओं के माध्यम से न केवल भाषायी ज्ञान बढ़ेगा बल्कि आपसी सांस्कृतिक समझ और सौहार्द भी विकसित होगा।
प्रधानाचार्य सुनील जिंदल ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा की भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं बल्कि संस्कृति की आत्मा होती है। विद्यार्थियों को बहुभाषिक वातावरण में संलग्न करना समय की मांग है। प्रधानाचार्य ने बताया कि सात दिनों के इस भाषा समर कैंप में हर दिन अलग-अलग थीम पर गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। जिनमें वर्चुअल सिटी टूर, कला-संगीत, स्थानीय खान पान आदि शामिल रहेगा।
विद्यार्थियों को भारतीय भाषाओं की दी जानकारी
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बीर बांगड़ा में भारतीय भाषा सात दिवसीय कैंप की शुरुआत हुई। इस कैंप के प्रथम दिवस में लगभग 40 से 50 विद्यार्थियों ने भाग लिया नोडल अधिकारी हिंदी प्रवक्ता तेजपाल ने बताया कि विद्यार्थियों को भारतीय भाषाओं के संबंध में जानकारी दी। साथ ही अपनी-अपनी भाषाओं पर गर्व करना सिखाया गया।
उन्होंने कहा कि आज हम सभी विभिन्न भारतीय भाषाओं का प्रयोग अपने दैनिक जीवन के एवं कार्यालय के प्रयोग के लिए भी कर सकते हैं व हम अपने अभिव्यक्ति को अपनी भाषा में अच्छे प्रकार से व्यक्त भी कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि हमें अपनी भाषाओं पर गर्व होना चाहिए ताकि हम अपने विचार दूसरों के सामने खुलकर रख सके, क्योंकि हमारी सरकार ने भी अभिव्यक्ति की आजादी दी हुई है हम सभी को अपनी भाषा पर नियंत्रण रखकर अपने विचार रखना चाहिए। इस अवसर पर अंग्रेजी प्रवक्ता आनंद कुमार संस्कृत अध्यापक रोशन लाल अंग्रेजी अध्यापिका प्रियंका एवं रजनीश कुमारी ने आज छात्र-छात्राओं को अपनी भाषा के बारे में जानकारी दी और यह भी बताया कि हम अपनी भाषा की वर्तनी का उचित प्रयोग करके शुभकामनाएं संदेश इत्यादि किस प्रकार से भेज सकते है।
हम विभिन्न भाषाओं में अभिवादन आदि किस प्रकार कर सकते है । भारत ने अनेक राज्यों में अलग अलग भाषाएं बोली जाती है अतः हमें अपनी मातृभाषा के अतिरिक्त कोई ओर भाषा भी आनी चाहिए ताकि हमें अपने विचार व्यक्त करने में कोई दिक्कत नहीं आए सभी छात्र छात्राओं ने बहुत रूचि पूर्वक इस कैंप में भाग लिया।