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कृषि पाठ्यक्रमों में बढ़ रही छात्राओं की संख्या
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दो वर्षों से कौल के कृषि महाविद्यालय में कृषि से संबंधित पाठ्यक्रमों में छात्रों की अपेक्षा छात्राएं अधिक दाखिले ले रही हैं। कॉलेज में कराए जा रहे विभिन्न डिग्री कोर्सों के लिए निर्धारित सीटों पर छात्राओं की संख्या 70 प्रतिशत के करीब है। महाविद्यालय प्रबंधन इस बार भी दाखिले के लिए प्राप्त आवेदनों के आधार पर छात्राओं की संख्या अधिक रहने का अनुमान लगा रहा है।
गौरतलब है कि कृषि महाविद्यालय कौल हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार की एक शाखा है। यहां विद्यार्थियों को बीएससी ऑनर्स एग्रीकल्चर, एमएससी मृदा विज्ञान, शस्य विज्ञान, अनुवांशिकी एवं पादप प्रजनन विज्ञान और तीनों विषयों में पीएचडी करवाई जा रही है। दो वर्षों की बात करें तो महाविद्यालय में निर्धारित बीएससी की 60 सीटों में से करीब 40-40 सीटों पर छात्राओं ने दाखिले लिए हैं। इसी प्रकार एमएससी में भी तीनों विज्ञानों में निर्धारित दो-दो सीटों में से एक-एक पर छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। पीएचडी की तीन में से एक सीट पर इस समय छात्रा शिक्षा ग्रहण कर रही है।
कृषि महाविद्यालय में शिक्षा ग्रहण करने के बाद युवा कृषि विकास अधिकारी, बागबानी अधिकारी, निजी कंपनियों में अधिकारी व सहायक के तौर पर अपना कॅरियर शुरू कर सकते हैं। कृषि से संबंधित कोर्सों में छात्राओं की संख्या ज्यादा होने के कारण अंदाजा लगाया जा सकता है कि कृषि से संबधित कोर्सों में छात्राओं का कितना रुझान है।
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कृषि महाविद्यालय कौल के प्राचार्य डॉ. पीएस पंवार और प्रवक्ता डॉ. मनेंद्र सिंह ने बताया कि कॉलेज में छात्राएं अधिक दाखिले ले रही हैं। दाखिला प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। महाविद्यालय में कृषि पाठ्यक्रमों के संबंध में पूछताछ करने जानकारी हासिल करने वालों में छात्राओं की संख्या ज्यादा है। सहायता डेस्क पर पूछताछ के दौरान छात्राओं को आवेदन ऑनलाइन करने और दाखिले से संबंधित पूरी प्रक्रिया बताई जा रही है।
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गौरतलब है कि कृषि महाविद्यालय कौल हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार की एक शाखा है। यहां विद्यार्थियों को बीएससी ऑनर्स एग्रीकल्चर, एमएससी मृदा विज्ञान, शस्य विज्ञान, अनुवांशिकी एवं पादप प्रजनन विज्ञान और तीनों विषयों में पीएचडी करवाई जा रही है। दो वर्षों की बात करें तो महाविद्यालय में निर्धारित बीएससी की 60 सीटों में से करीब 40-40 सीटों पर छात्राओं ने दाखिले लिए हैं। इसी प्रकार एमएससी में भी तीनों विज्ञानों में निर्धारित दो-दो सीटों में से एक-एक पर छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। पीएचडी की तीन में से एक सीट पर इस समय छात्रा शिक्षा ग्रहण कर रही है।
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कृषि महाविद्यालय में शिक्षा ग्रहण करने के बाद युवा कृषि विकास अधिकारी, बागबानी अधिकारी, निजी कंपनियों में अधिकारी व सहायक के तौर पर अपना कॅरियर शुरू कर सकते हैं। कृषि से संबंधित कोर्सों में छात्राओं की संख्या ज्यादा होने के कारण अंदाजा लगाया जा सकता है कि कृषि से संबधित कोर्सों में छात्राओं का कितना रुझान है।
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कृषि महाविद्यालय कौल के प्राचार्य डॉ. पीएस पंवार और प्रवक्ता डॉ. मनेंद्र सिंह ने बताया कि कॉलेज में छात्राएं अधिक दाखिले ले रही हैं। दाखिला प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। महाविद्यालय में कृषि पाठ्यक्रमों के संबंध में पूछताछ करने जानकारी हासिल करने वालों में छात्राओं की संख्या ज्यादा है। सहायता डेस्क पर पूछताछ के दौरान छात्राओं को आवेदन ऑनलाइन करने और दाखिले से संबंधित पूरी प्रक्रिया बताई जा रही है।