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बढ़ी मांग, कार के लिए छह-छह माह का इंतजार
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अगर आप अब धनतेरस और दीपावली पर कार घर लाने की सोच रहे हैं तो ठहर जाइए। कारण की चौपहिया वाहनों के लिए लंबी वेटिंग चल रही है। छह माह पहले बुकिंग कराने वालों को अब गाड़ियों की डिलीवरी दी जा रही है। इसके पीछे मुख्य वजह अधिक मांग के साथ ही वाहनों में लगने वाली सेमी कंडक्टर चिप का अभाव है।
त्योहारों के सीजन में इस बार खरीदारों में नए दोपहिया और चार पहिया वाहन खरीदने को लेकर उत्साह है। गाड़ियां खरीदने के लिए लोगों ने एडवांस में बुकिंग करवाना शुरू कर दिया है। बुकिंग भी बीते वर्ष से डेढ़ गुणा ज्यादा है, लेकिन ग्राहकों की मांग के अनुसार कंप्यूटरीकृत सुविधाओं व चिप से युक्त गाड़ियां उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। ऐसे में एजेंसियों के पास करीब 6-6 महीने पहले से बुकिंग करवाने वाले ग्राहकों को अब गाड़ियां दी जा रही हैं।
पिछले वर्ष जिले की 7 एजेंसियों और उनकी शाखाओं में 800 के करीब गाड़ियां बिक गई थीं। इससे एजेंसियों का 45 करोड़ के करीब कारोबार हुआ था। इस बार कारोबार तो बढ़ेगा, लेकिन इस सीजन में कम रहता दिखाई दे रहा है, कारण कि मांग के अनुरूप वाहनों की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। ऐसे में ग्राहकों को गाड़ी घर ले जाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
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दोपहिया वाहनों में इलेक्ट्रिक स्कूटरों की बढ़ी मांग
दोपहिया वाहनों की बात करें तो इलेक्ट्रिक स्कूटर की बिक्री बढ़ने से पेट्रोल चलित वाहनों की मांग पर काफी प्रभाव पड़ा है। पिछले वर्ष जिन एजेंसियों ने त्योहारों के सीजन में 2000 से ज्यादा वाहन बेचे थे, इस बार उनकी बिक्री इलेक्ट्रिक वाहनों ने कम कर दी है। 2000 में से 500 ग्राहक इलेक्ट्रिक स्कूटर को खरीद कर रहे हैं। इलेक्ट्रिसिटी वाहनों की जिले में 32 एजेंसियां हैं।
आंकड़ों के अनुसार कैथल जिले में तेल चालित दोपहिया वाहनों की पांच एजेंसियां हैं और बाकी उनके डीलर हैं। पिछले बार इन एजेंसियों से करीब 8 हजार वाहनों की बिक्री हुई थी और कुल कारोबार 50 करोड़ के करीब हुआ था। इस बार बिजली से चलने वाले वाहन 30 प्रतिशत पर बिक्री को प्रभावित कर सकते हैं।
गाड़ी विक्रेता एजेंसी एलआर हुंडई के प्रबंधक रोहित कालड़ा ने बताया कि सेमी कंडक्टर गाड़ी में कंप्यूटरीकृत उपकरणों जैसे एयर बैग, ऑटोमेटिक शीशे व अन्य चीजों को नियंत्रित करने वाली चिप है। सेमी कंडक्टर चीन, ताइवान और मलेशिया जैसे देशों से आयात किए जाते हैं। इन देशों में कोरोना के चलते सेमी कंडक्टर का उत्पादन नहीं हो पाया है। उन्होंने बताया कि बुकिंग व मांग ज्यादा है, लेकिन चिप के कारण मांग के अनुसार आपूर्ति नहीं है, जिन ग्राहकों ने पिछले वर्ष बुकिंग करवाई थी, उन्हें अब गाड़ियां दी जा रही हैं।
चौधरी हीरो कैथल के प्रबंधक सतपाल गोयल ने बताया कि बिजली चलित वाहनों और मोटरसाइकिलों के बढ़े हुए दामों ने बिक्री प्रभावित की है। इसके अलावा पेट्रोल की बढ़ती कीमत और खेतों में खराब हुई फसलें भी इसके लिए जिम्मेदार हैं। पेट्रोल चलित वाहन एजेंसी में इस बार 1500 के करीब बिकने का अनुमान है। बिक्री पहले की तरह ही है, लेकिन बिजली चलित वाहनों ने तेल चलित वाहनों पर प्रभाव डाला है।
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त्योहारों के सीजन में इस बार खरीदारों में नए दोपहिया और चार पहिया वाहन खरीदने को लेकर उत्साह है। गाड़ियां खरीदने के लिए लोगों ने एडवांस में बुकिंग करवाना शुरू कर दिया है। बुकिंग भी बीते वर्ष से डेढ़ गुणा ज्यादा है, लेकिन ग्राहकों की मांग के अनुसार कंप्यूटरीकृत सुविधाओं व चिप से युक्त गाड़ियां उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। ऐसे में एजेंसियों के पास करीब 6-6 महीने पहले से बुकिंग करवाने वाले ग्राहकों को अब गाड़ियां दी जा रही हैं।
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पिछले वर्ष जिले की 7 एजेंसियों और उनकी शाखाओं में 800 के करीब गाड़ियां बिक गई थीं। इससे एजेंसियों का 45 करोड़ के करीब कारोबार हुआ था। इस बार कारोबार तो बढ़ेगा, लेकिन इस सीजन में कम रहता दिखाई दे रहा है, कारण कि मांग के अनुरूप वाहनों की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। ऐसे में ग्राहकों को गाड़ी घर ले जाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
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दोपहिया वाहनों में इलेक्ट्रिक स्कूटरों की बढ़ी मांग
दोपहिया वाहनों की बात करें तो इलेक्ट्रिक स्कूटर की बिक्री बढ़ने से पेट्रोल चलित वाहनों की मांग पर काफी प्रभाव पड़ा है। पिछले वर्ष जिन एजेंसियों ने त्योहारों के सीजन में 2000 से ज्यादा वाहन बेचे थे, इस बार उनकी बिक्री इलेक्ट्रिक वाहनों ने कम कर दी है। 2000 में से 500 ग्राहक इलेक्ट्रिक स्कूटर को खरीद कर रहे हैं। इलेक्ट्रिसिटी वाहनों की जिले में 32 एजेंसियां हैं।
आंकड़ों के अनुसार कैथल जिले में तेल चालित दोपहिया वाहनों की पांच एजेंसियां हैं और बाकी उनके डीलर हैं। पिछले बार इन एजेंसियों से करीब 8 हजार वाहनों की बिक्री हुई थी और कुल कारोबार 50 करोड़ के करीब हुआ था। इस बार बिजली से चलने वाले वाहन 30 प्रतिशत पर बिक्री को प्रभावित कर सकते हैं।
गाड़ी विक्रेता एजेंसी एलआर हुंडई के प्रबंधक रोहित कालड़ा ने बताया कि सेमी कंडक्टर गाड़ी में कंप्यूटरीकृत उपकरणों जैसे एयर बैग, ऑटोमेटिक शीशे व अन्य चीजों को नियंत्रित करने वाली चिप है। सेमी कंडक्टर चीन, ताइवान और मलेशिया जैसे देशों से आयात किए जाते हैं। इन देशों में कोरोना के चलते सेमी कंडक्टर का उत्पादन नहीं हो पाया है। उन्होंने बताया कि बुकिंग व मांग ज्यादा है, लेकिन चिप के कारण मांग के अनुसार आपूर्ति नहीं है, जिन ग्राहकों ने पिछले वर्ष बुकिंग करवाई थी, उन्हें अब गाड़ियां दी जा रही हैं।
चौधरी हीरो कैथल के प्रबंधक सतपाल गोयल ने बताया कि बिजली चलित वाहनों और मोटरसाइकिलों के बढ़े हुए दामों ने बिक्री प्रभावित की है। इसके अलावा पेट्रोल की बढ़ती कीमत और खेतों में खराब हुई फसलें भी इसके लिए जिम्मेदार हैं। पेट्रोल चलित वाहन एजेंसी में इस बार 1500 के करीब बिकने का अनुमान है। बिक्री पहले की तरह ही है, लेकिन बिजली चलित वाहनों ने तेल चलित वाहनों पर प्रभाव डाला है।