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जिले में 100 से ज्यादा कालोनियों के नियमित होने की जगी आस
ब्यूरो कैथल
Updated Sun, 13 Nov 2016 12:27 AM IST
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शहर का एक पार्क
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
सरकार द्वारा लिए गए फैसले के बाद अब जिले में अवैध कालोनियों के लोगों के दिन बदलने वाले हैं। सरकार ने अवैध कॉलोनियों के लोगों को अपनी कालोनियों की रेजिडेंस वेलफेयर एसोसिएशन गठित करके निर्धारित फीस जमा करवाने के लिए कहा है। ताकि शीघ्र इन कॉलोनियों को नियमित किया जा सके।
100 से ज्यादा कॉलोनियों के लोग कर रहे हैं नियमित होने का इंतजार
जिले में 50 से ज्यादा कालोनियों के लोग नियमित होने का इंतजार कर रहे हैं। इसमें कैथल शहर में करीब 63 कालोनियां अवैध थीं। जिसमें से पूर्व में अधिकतर कॉलोनियां वैध हो चुकी हैं। शेष जो कालोनियां 50 प्रतिशत से ज्यादा विकसित हो चुकी हैं, उनके अब नियमित होने का अवसर है। इसी प्रकार से गुहला-चीका, कलायत, पूंडरी व राजौंद में भी कालोनियों को नियमित होने का इंतजार हो रहा है। सरकार ने इसके लिए पूर्व में घोषणा कर दी थी। लेकिन अभी तक इस संबंध में लोग इंतजार कर रहे थे। इन कालोनियों में सीवरेज, जनस्वास्थ्य सहित कई तरह की सुविधाओं का अभाव है।
सरकार ने किया फीस जमा करवाने का आह्वान
शहरी क्षेत्रों में 50 प्रतिशत से अधिक एरिया में भवनों के निर्माण वाली अवैध कालोनियों को नियमित करने की दिशा में डीसी रवि प्रकाश गुप्ता ने जिला की जनता से अपील की है कि वे संबंधित नगर परिषद/नगर पालिका कार्यालय में जाकर अपनी कालोनियों में आरडब्ल्यूए बनवाने के लिए संपर्क करें। ताकि बैंकों में खाता खुलवाकर नियमानुसार संबंधित कॉलोनी के नियमित होने की प्रक्रिया कि लिए 50 प्रतिशत राशि जमा हो सके या इस राशि में से शेष राशि लीड बैंक अधिकारी के माध्यम से ऋण लिया जा सके। अवैध कालोनियों को नियमित करवाने के संबंध में आरडब्ल्यूए बनवाने बारे 14 नवंबर को प्रात: 10 बजे कैंप कार्यालय में बैठक का आयोजन किया जाएगा, जिसमें जिले के सभी विधायक, नगर परिषद कैथल तथा सभी नगर पालिकाओं के प्रधान व उप प्रधान, सचिव उपस्थित रहेंगे। इस बैठक में जिला के शहरी क्षेत्रों में अवैध कालोनियों को नियमित करने बारे विचार-विमर्श किया जाएगा, ताकि इस प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण करवाया जा सके।
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शहर में 50 प्रतिशत से अधिक बन चुकी कालोनियों का हो चुका है सर्वे
नगर परिषद कैथल के एमई राजकुमार शर्मा ने बताया कि शहर में जितनी भी अवैध कॉलोनी 50 प्रतिशत से अधिक पूरी हो चुकी हैं, उनका सर्वे किया जा चुका है। सरकार द्वारा दिए जा रहे इस अवसर के तहत ये कॉलोनियां नियमित हो जाएंगी। जिसमें आवश्यक सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी।
ये है नियम
सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार शहर में जितनी भी अवैध कालोनियां हैं, उनके लोग अपनी रेजिडेंस वेलफेयर एसोसिएशन का गठन करें। इसके बाद विकास शुल्क की 50 प्रतिशत राशि नगर परिषद या नगर पालिकाओं में जमा करवाएं। यदि वे यह राशि जमा करवाने में असमर्थ हैं तो इस राशि के लिए लीड बैंक मैनेजर से मिलकर ऋण का भी प्रबंध कर सकते हैं।
कल बुलाई गई है मीटिंग
नगर परिषद के चेयरमैन यशपाल प्रजापति ने बताया कि 14 नवंबर को इस संबंध में मीटिंग बुलाई गई है। जिसमें इस बारे में फैसला हो सकता है।
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100 से ज्यादा कॉलोनियों के लोग कर रहे हैं नियमित होने का इंतजार
जिले में 50 से ज्यादा कालोनियों के लोग नियमित होने का इंतजार कर रहे हैं। इसमें कैथल शहर में करीब 63 कालोनियां अवैध थीं। जिसमें से पूर्व में अधिकतर कॉलोनियां वैध हो चुकी हैं। शेष जो कालोनियां 50 प्रतिशत से ज्यादा विकसित हो चुकी हैं, उनके अब नियमित होने का अवसर है। इसी प्रकार से गुहला-चीका, कलायत, पूंडरी व राजौंद में भी कालोनियों को नियमित होने का इंतजार हो रहा है। सरकार ने इसके लिए पूर्व में घोषणा कर दी थी। लेकिन अभी तक इस संबंध में लोग इंतजार कर रहे थे। इन कालोनियों में सीवरेज, जनस्वास्थ्य सहित कई तरह की सुविधाओं का अभाव है।
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सरकार ने किया फीस जमा करवाने का आह्वान
शहरी क्षेत्रों में 50 प्रतिशत से अधिक एरिया में भवनों के निर्माण वाली अवैध कालोनियों को नियमित करने की दिशा में डीसी रवि प्रकाश गुप्ता ने जिला की जनता से अपील की है कि वे संबंधित नगर परिषद/नगर पालिका कार्यालय में जाकर अपनी कालोनियों में आरडब्ल्यूए बनवाने के लिए संपर्क करें। ताकि बैंकों में खाता खुलवाकर नियमानुसार संबंधित कॉलोनी के नियमित होने की प्रक्रिया कि लिए 50 प्रतिशत राशि जमा हो सके या इस राशि में से शेष राशि लीड बैंक अधिकारी के माध्यम से ऋण लिया जा सके। अवैध कालोनियों को नियमित करवाने के संबंध में आरडब्ल्यूए बनवाने बारे 14 नवंबर को प्रात: 10 बजे कैंप कार्यालय में बैठक का आयोजन किया जाएगा, जिसमें जिले के सभी विधायक, नगर परिषद कैथल तथा सभी नगर पालिकाओं के प्रधान व उप प्रधान, सचिव उपस्थित रहेंगे। इस बैठक में जिला के शहरी क्षेत्रों में अवैध कालोनियों को नियमित करने बारे विचार-विमर्श किया जाएगा, ताकि इस प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण करवाया जा सके।
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शहर में 50 प्रतिशत से अधिक बन चुकी कालोनियों का हो चुका है सर्वे
नगर परिषद कैथल के एमई राजकुमार शर्मा ने बताया कि शहर में जितनी भी अवैध कॉलोनी 50 प्रतिशत से अधिक पूरी हो चुकी हैं, उनका सर्वे किया जा चुका है। सरकार द्वारा दिए जा रहे इस अवसर के तहत ये कॉलोनियां नियमित हो जाएंगी। जिसमें आवश्यक सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी।
ये है नियम
सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार शहर में जितनी भी अवैध कालोनियां हैं, उनके लोग अपनी रेजिडेंस वेलफेयर एसोसिएशन का गठन करें। इसके बाद विकास शुल्क की 50 प्रतिशत राशि नगर परिषद या नगर पालिकाओं में जमा करवाएं। यदि वे यह राशि जमा करवाने में असमर्थ हैं तो इस राशि के लिए लीड बैंक मैनेजर से मिलकर ऋण का भी प्रबंध कर सकते हैं।
कल बुलाई गई है मीटिंग
नगर परिषद के चेयरमैन यशपाल प्रजापति ने बताया कि 14 नवंबर को इस संबंध में मीटिंग बुलाई गई है। जिसमें इस बारे में फैसला हो सकता है।