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Kaithal News: बीपीएल राशन कार्ड के लाभ चाहिए तो सहें तपिश
Fri, 01 Sep 2023 01:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 01 Sep 2023 01:00 AM IST
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कैथल। परिवार पहचान पत्र के आधार पर राशन कार्ड बनने व कटने की प्रक्रिया जारी है। जिलेभर में हजारों की संख्या में लोग ऐसे हैं, जो रोजाना पीपीपी में आय कम करवाने व राशन कार्ड बनवाने के लिए सीएससी सेंटरों पर चक्कर काट रहे हैं। इसका मुख्य कारण गर्मी के मौसम में बिजली बिल अधिक आने के कारण पीपीपी में आय अधिक होने व राशन कार्ड कटना है। परेशान लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि बीपीएल राशन कार्ड का लाभ लेने के लिए लगता है गर्मी सहन करनी पड़ेगी।
गौरतलब है कि सरकार का मानना है कि जिन लोगों का बिजली बिल सालाना 12 हजार से कम भरा है, वही परिवार बीपीएल वर्ग में आता है। इससे अधिक बिल भरने वाले परिवार सामान्य वर्ग में शामिल हो जाते हैंं, जिनकी आय अपने आप एक लाख 80 हजार से अधिक पहुंच जाती है।
दरअसल, गर्मी से बचाव के लिए पंखे व कूलर चलाने पड़ते हैं। इस कारण से लोगों बिजली बिल अधिक आ रहे हैं और बिल अधिक आने से लोगों की पीपीपी में आय बढ़ रही हैं। आय बढ़ते ही बीपीएल सूची से काम कट रहा है। यही मामला कैथल में भी सामने आ रहा है। रोजाना सैकड़ों परिवार ऐसे हैं जो हर महीने दो हजार से बिजली बिल भरते हैं, लेकिन उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर है। सालाना बिजली बिल 12 हजार से अधिक भरने पर उनकी पीपीपी में आमदनी एक लाख 80 हजार से अधिक हो जाती है। इस कारण से उनके राशन कार्ड कट जाते हैं।
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जब लोग डिपो में राशन लेने के लिए पहुंचते हैं तो उसमें राशन के लिए उनका नाम नहीं मिलता। जिससे लोगों को बिना राशन लिए ही डिपो से लौटना पड़ता है। लोगों का कहना है कि बिल भी समय पर भर रहे हैं, इसके बावजूद उनको सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल रहा।
वार्ड नंबर 22 निवासी जयभगवान ने कहा कि उसके परिवार पहचान पत्र में बिजली निगम ने छह मीटर जोड़ दिए। इस कारण आय अधिक हो गई और उसका बीपीएल सूची से नाम कट गया। उन्होंने इसकी शिकायत वार्ड के एमसी व संबंधित विभाग में की है। अब तक उसकी समस्या का समाधान नहीं हुआ है। लोग बोले, पहले पीपीपी में आय सत्यापन के लिए विभाग के चक्कर काट रहे थे, अब वह राशन कार्ड के लिए।
ढाई लाख रुपये दिखाई आय ः देवदत्त
अमरगढ़ कॉलोनी निवासी देवदत्त धीमान ने कहा कि उसका बिजली बिल अधिक आने के कारण उसके परिवार पहचान पत्र में उसकी आय ढाई लाख रुपये दिखा दी गई है। इस कारण से उसका बीपीएल राशन कार्ड सूची से उसका नाम कट गया है। अब से डिपो से राशन भी नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि वह दिव्यांग है। छोटी सी किराना दुकान चलाकर अपने परिवार का गुजर बसर कर रहा है। अब उसे डिपो से भी राशन नहीं मिलेगा, तो उसे गुजर बसर करना मुश्किल होगा। उन्होंने सरकार से उसकी आय एक लाख 80 हजार से कम करने की मांग की है। ताकि वह सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकें।
गर्मी में कूलर-पंखें चलाना मजबूरी ः नरेश
विकलांग अधिकार समिति के संस्थापक नरेश कुमार ने कहा कि जिले के बहुत से दिव्यांग ऐसे हैं, जिनके बीपीएल राशन कार्ड कट गए हैैं। उनका कहना है कि गर्मी में लोगों को गर्मी से बचाव के लिए पंखे व कूलर चलाने पड़ते हैं, जिस कारण से उनका बिजली बिल अधिक आ जाता है और बिल अधिक आने से पीपीपी में आय अधिक हो जाती है। इसके बाद बीपीएल सूची से नाम कट जाता है। जब वह राशन लेने के लिए डिपो में जाते हैं तो उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है। उन्होंने सरकार से पीपीपी में बिजली बिल की लिमिट 20 हजार करने की मांग की है। ताकि इसमें सभी गरीब लोग शामिल हो सकें।
सीएससी के लगा रहे चक्कर ः लक्ष्मी
शहरवासी लक्ष्मी देवी ने कहा कि वह परिवार पहचान पत्र में आय कम करवाने के लिए संबंधित विभाग व सीएससी के कई बार चक्कर लगा चुकी है। बिजली बिल के कारण उसकी आय में बढ़ोतरी हुई है। पहले उसकी आय एक लाख 80 हजार से कम थी, बिजली बिल अधिक आने से पीपीपी में उसकी आय सरकार द्वारा निर्धारित आय से अधिक पहुंच गई है। जिस कारण से उसका बीपीएल से नाम कट गया। उन्होंने सरकार से मांग की है कि सालाना बिजली बिल की लिमिट बढ़ाकर 20 हजार की जाए ताकि सभी गरीब परिवारों को बीपीएल का लाभ मिल सके।
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गौरतलब है कि सरकार का मानना है कि जिन लोगों का बिजली बिल सालाना 12 हजार से कम भरा है, वही परिवार बीपीएल वर्ग में आता है। इससे अधिक बिल भरने वाले परिवार सामान्य वर्ग में शामिल हो जाते हैंं, जिनकी आय अपने आप एक लाख 80 हजार से अधिक पहुंच जाती है।
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दरअसल, गर्मी से बचाव के लिए पंखे व कूलर चलाने पड़ते हैं। इस कारण से लोगों बिजली बिल अधिक आ रहे हैं और बिल अधिक आने से लोगों की पीपीपी में आय बढ़ रही हैं। आय बढ़ते ही बीपीएल सूची से काम कट रहा है। यही मामला कैथल में भी सामने आ रहा है। रोजाना सैकड़ों परिवार ऐसे हैं जो हर महीने दो हजार से बिजली बिल भरते हैं, लेकिन उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर है। सालाना बिजली बिल 12 हजार से अधिक भरने पर उनकी पीपीपी में आमदनी एक लाख 80 हजार से अधिक हो जाती है। इस कारण से उनके राशन कार्ड कट जाते हैं।
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जब लोग डिपो में राशन लेने के लिए पहुंचते हैं तो उसमें राशन के लिए उनका नाम नहीं मिलता। जिससे लोगों को बिना राशन लिए ही डिपो से लौटना पड़ता है। लोगों का कहना है कि बिल भी समय पर भर रहे हैं, इसके बावजूद उनको सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल रहा।
वार्ड नंबर 22 निवासी जयभगवान ने कहा कि उसके परिवार पहचान पत्र में बिजली निगम ने छह मीटर जोड़ दिए। इस कारण आय अधिक हो गई और उसका बीपीएल सूची से नाम कट गया। उन्होंने इसकी शिकायत वार्ड के एमसी व संबंधित विभाग में की है। अब तक उसकी समस्या का समाधान नहीं हुआ है। लोग बोले, पहले पीपीपी में आय सत्यापन के लिए विभाग के चक्कर काट रहे थे, अब वह राशन कार्ड के लिए।
ढाई लाख रुपये दिखाई आय ः देवदत्त
अमरगढ़ कॉलोनी निवासी देवदत्त धीमान ने कहा कि उसका बिजली बिल अधिक आने के कारण उसके परिवार पहचान पत्र में उसकी आय ढाई लाख रुपये दिखा दी गई है। इस कारण से उसका बीपीएल राशन कार्ड सूची से उसका नाम कट गया है। अब से डिपो से राशन भी नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि वह दिव्यांग है। छोटी सी किराना दुकान चलाकर अपने परिवार का गुजर बसर कर रहा है। अब उसे डिपो से भी राशन नहीं मिलेगा, तो उसे गुजर बसर करना मुश्किल होगा। उन्होंने सरकार से उसकी आय एक लाख 80 हजार से कम करने की मांग की है। ताकि वह सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकें।
गर्मी में कूलर-पंखें चलाना मजबूरी ः नरेश
विकलांग अधिकार समिति के संस्थापक नरेश कुमार ने कहा कि जिले के बहुत से दिव्यांग ऐसे हैं, जिनके बीपीएल राशन कार्ड कट गए हैैं। उनका कहना है कि गर्मी में लोगों को गर्मी से बचाव के लिए पंखे व कूलर चलाने पड़ते हैं, जिस कारण से उनका बिजली बिल अधिक आ जाता है और बिल अधिक आने से पीपीपी में आय अधिक हो जाती है। इसके बाद बीपीएल सूची से नाम कट जाता है। जब वह राशन लेने के लिए डिपो में जाते हैं तो उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है। उन्होंने सरकार से पीपीपी में बिजली बिल की लिमिट 20 हजार करने की मांग की है। ताकि इसमें सभी गरीब लोग शामिल हो सकें।
सीएससी के लगा रहे चक्कर ः लक्ष्मी
शहरवासी लक्ष्मी देवी ने कहा कि वह परिवार पहचान पत्र में आय कम करवाने के लिए संबंधित विभाग व सीएससी के कई बार चक्कर लगा चुकी है। बिजली बिल के कारण उसकी आय में बढ़ोतरी हुई है। पहले उसकी आय एक लाख 80 हजार से कम थी, बिजली बिल अधिक आने से पीपीपी में उसकी आय सरकार द्वारा निर्धारित आय से अधिक पहुंच गई है। जिस कारण से उसका बीपीएल से नाम कट गया। उन्होंने सरकार से मांग की है कि सालाना बिजली बिल की लिमिट बढ़ाकर 20 हजार की जाए ताकि सभी गरीब परिवारों को बीपीएल का लाभ मिल सके।