{"_id":"6893ad5c93d99e75760a54f0","slug":"if-we-understand-the-importance-of-saavan-a-festive-atmosphere-is-created-kaithal-news-c-18-1-knl1004-709766-2025-08-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: सावन का महत्व समझें तो बनता है उत्सव का माहौल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: सावन का महत्व समझें तो बनता है उत्सव का माहौल
Thu, 07 Aug 2025 01:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 07 Aug 2025 01:00 AM IST
विज्ञापन
कैथल। यदि हम सावन के माह के महत्व समझें तो उत्सव का माहौल बनता है। सावन न केवल हिंदू पंचांग के अनुसार एक पवित्र महीना माना जाता है, बल्कि यह भावनात्मक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी बहुत महत्वपूर्ण होता है। सावन वर्षा ऋतु का महीना है। तपती गर्मी के बाद जब बारिश की फुहारें गिरती हैं, तो धरती हरी-भरी हो जाती है। हरियाली, ठंडी हवाएं और पेड़-पौधों की ताजगी लोगों के मन को आनंदित कर देती है।
सावन में महिलाएं झूला झूलती हैं, मेहंदी लगाती हैं और पारंपरिक गीत गाती हैं। शृंगार का विशेष महत्व होता है। सावन के गीत लोक संस्कृति का अभिन्न हिस्सा हैं।
विशेषकर उत्तर भारत में महिलाएं सामूहिक रूप से झूला झूलती हैं और “कजरी” या “सावन” गीत गाती हैं। जब लोग सावन के महत्व को समझते हैं, तो हर घर, हर गांव और हर शहर में उत्सव का माहौल खुद-ब-खुद बन जाता है।
विज्ञापन
प्रस्तुति : कुसुम लता, कैथल।
विज्ञापन
सावन में महिलाएं झूला झूलती हैं, मेहंदी लगाती हैं और पारंपरिक गीत गाती हैं। शृंगार का विशेष महत्व होता है। सावन के गीत लोक संस्कृति का अभिन्न हिस्सा हैं।
विज्ञापन
विशेषकर उत्तर भारत में महिलाएं सामूहिक रूप से झूला झूलती हैं और “कजरी” या “सावन” गीत गाती हैं। जब लोग सावन के महत्व को समझते हैं, तो हर घर, हर गांव और हर शहर में उत्सव का माहौल खुद-ब-खुद बन जाता है।
विज्ञापन
प्रस्तुति : कुसुम लता, कैथल।