फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   hospital

जिला अस्पताल में एक एक बेड दो दो महिलाएं

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 13 Sep 2020 11:27 PM IST
विज्ञापन
hospital
hospital - फोटो : Kaithal
जिला नागरिक अस्पताल में दाखिल होने वाले मरीजों को अस्पताल में बेडों की कमी खल रही है। एक-एक बेड पर दो-दो मरीजों को रखा जा रहा है। हालांकि अस्पताल में रोजाना दाखिल होने वाले मरीजों की संख्या को देखते हुए यहां शुरुआत से ही बेडों की समस्या बनी रही है, लेकिन कोरोना काल में स्थिति और ज्यादा खराब हो गई है। दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग भी इस समस्या को लेकर बेबस नजर आ रहा है।
विज्ञापन

200 बेड के अस्पताल में 70 से ज्यादा कोरोना संक्रमितों के लिए किए जा रहे प्रयोग-कैथल में स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिला नागरिक अस्पताल में 200 बेड की व्यवस्था की गई है। इनमें से 71 बेड इस समय कोरोना संक्रमितों के लिए आइसोलेशन वार्ड में प्रयोग किए जा रहे हैं। इसके अलावा जो बचते हैं, उनमें से भी कुछेक प्रयोग के योग्य नहीं हैं।
विज्ञापन

गर्भवती महिला की बढ़ी परेशानी- बेडों की संख्या कम होने के कारण सबसे ज्यादा दिक्कत गर्भवती महिलाओं को या फिर उन महिलाओं को हो रही है, जिनकी डिलीवरी हो चुकी है। वार्ड में हरके बेड पर कम से कम दो महिलाओं को रखा जा रहा है। कई जगहों पर जिन महिलाओं की डिलीवरी होनी है, उन्हें तीन-तीन को भी इकट्ठा रखा जा रहा है। इससे महिलाओं को दिक्कतें आ रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

सामाजिक दूरी का नहीं ध्यान-कोरोना आइसोलेशन वार्ड को छोड़कर अन्य लगभग सभी वार्डों में सामाजिक दूरी का भी कोई ध्यान नहीं रखा जा रहा है। बेडों पर मरीजों के अलावा उनके साथ आए लोग भी बैठे रहते हैं। ऐसे में सामाजिक दूरी के नियमों की भी अवहेलना हो रही है। यहां तक कुछेक लोग तो मुंह पर मास्क या कपड़ा ढकने तक की जहमत नहीं उठा रहे हैं।
कई बार तो बस बैठने का ही मिली है जगह-महिला वार्ड में दाखिल बीरबांगड़ा निवासी गर्भवती महिला ज्योति ने बताया कि वे शनिवार को अस्पताल में आए थे और रविवार को डिलीवरी होने का समय दिया गया है। बेडों पर दूसरी महिलाएं हैं, जिनकी डिलीवरी हो चुकी है। कई बार तो बस बैठने के लिए ही जगह मिल पाती है।
एक बेड पर दो महिलाओं को रहता है डर- अर्जुन नगर निवासी महिला कृष्णा ने बताया कि एक बेड पर दो महिलाएं होने के कारण यह भी डर रहता है कि कहीं एक दूसरे का हाथ पैर न लग जाए। ढंग से आराम भी नहीं कर सकते। दूसरा डर ये भी रहता है कि कहीं कोई कोरोना केस तो वार्ड में नहीं है। दाखिल होने वाले लोगों की संख्या को देखते हुए बेड और बढ़ाने चाहिए।

स्थान न होना बड़ी परेशानी-पीएमओ डॉक्टर ओमप्रकाश ने बताया कि अस्पताल में स्थान के अनुसार बेडों की संख्या निर्धारित की गई है। स्पेस कम होने की वजह से भी बेडों की संख्या बढ़नी मुश्किल है। फिर भी विभाग द्वारा मरीजों को सही ढंग से इलाज का पूरा प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed