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Kaithal News: आशाएं गरजीं, मांगों पर सुनवाई तक जारी रहेगी हड़ताल
Wed, 30 Aug 2023 12:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 30 Aug 2023 12:50 AM IST
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कैथल। आशा कर्मियों ने मांगों को लेकर हड़ताल का 11 सितंबर तक बढ़ा दिया है। उन्होंने गत आठ अगस्त से हड़ताल शुरू की थी। वेतन बढ़ाने और आशाओं को नियमित करने सहित उनकी अन्य कई मांगें है। अब तक सरकार से आशा कर्मियों की एक बार भी बात नहीं हुई। बीते दिन आशा कर्मी सरकार से बातचीत के लिए विधान सभा का घेराव करने के लिए जा रही थी, लेकिन पुलिस प्रशासन ने उनको क्योड़क के पास ही रोक लिया। इसके बाद आशाओं को हिरासत में लिया और चार घंटे बाद उनको छोड़ा। आशा कर्मियों ने कहा कि हड़ताल को 11 सितंबर तक बढ़ा दिया है। आशाओं का कहना है कि जब तक सरकार से उनकी मांगों को लेकर बात नहीं होती, तब तक वह हड़ताल खत्म नहीं करेंगी।
आशा वर्कर यूनियन की जिला प्रधान सुषमा जडौला ने कहा कि उनकी हड़ताल को 22 दिन बीत चुके हैं। सरकार ने अब तक एक बार भी उनसे बात नहीं की। जब तक सरकार आशाओं की जायज मांगें नहीं मानती उनकी हड़ताल हड़ताल जारी रहेगी। अभी 11 सितंबर तक उन्होंने हड़ताल का समय निर्धारित किया है। सरकार ने बात नहीं की वह तो आगे भी हड़ताल को बढ़ा सकती है।
आशा कर्मी कविता ने कहा कि आशाओं की सभी मांगें जायज है। आशाएं स्वास्थ्य विभाग में 40 प्रकार के कार्य करती हैं लेकिन उनको काम के समान वेतन नहीं मिल रहा। आशाओं को काम में इतनी मेहनत करने के बावजूद भी उन्हें घर खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की है उनकी मांगों को जल्द पूरा किया जाए और उनके वेतन 25 हजार किया जाए।
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आशा कर्मी रीना ने कहा कि जिलेभर में 953 आशाएं कार्यरत है। आशाएं ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के अपने अपने एरिया से गर्भवती महिलाओं को सरकारी अस्पताल में डिलीवरी के लिए तैयार करना, गर्भावस्था के दौरान उनकी समय समय पर जांच करना, बच्चा होने के बाद उसे कैसा भोजन करना है, बच्चों का वजन करने सहित अन्य जानकारी समय समय पर देना है लेकिन काम के सम्मान उनको वेतन नहीं मिल रहा।
आशा कर्मी नीतू सेरधा ने कहा कि आज के समय में महंगाई चरम पर है। लेकिन आशाओं को केवल मात्र चार हजार रुपये मासिक वेतन मिलता है। इससे उनके परिवार की आजीविका चलानी मुश्किल हो रही है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि उनको 25 हजार रुपये मासिक वेतन दिया जाए और इसके अलावा अन्य भत्ते प्रदान किए जाएं। नियमित किया जाए।
पंजाब की आशा कर्मचारी यूनियन ने किया समर्थन
गुहला-चीका। हरियाणा की आशा कर्मियों को पंजाब की आशा वर्कर यूनियन ने समर्थन देने का एलान किया। पंजाब की यूनियन ने हरियाणा की गठबंधन सरकार की निंदा करते हुए सभी मांगें मानने की आवाज उठाई है।
पंजाब आशा कर्मी यूनियन की प्रधान किरनदीप कौर पंजोला ने कहा कि
हरियाणा की गठबंधन सरकार आशा वर्करों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। किरनदीप मंगलवार को चीका में एक प्रतिष्ठान पर आयोजित कार्यक्रम में पहुंची थी। किरणदीप ने कहा कि सरकार आशा कर्मियों को उनका हक न देकर उनके साथ अन्याय कर रही है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर
किसी को अपनी बात कहने व शांति पूर्वक तरीके से प्रदर्शन करने का हक है, लेकिन सोमवार को हरियाणा सरकार ने जिस प्रकार से पंचकूला में आशा कर्मियों के साथ व्यवहार किया, उसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है। किरनदीप ने कहा कि पंजाब की आशा कर्मी यूनियन हरियाणा की आशा कर्मियों के साथ है। संवाद
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आशा वर्कर यूनियन की जिला प्रधान सुषमा जडौला ने कहा कि उनकी हड़ताल को 22 दिन बीत चुके हैं। सरकार ने अब तक एक बार भी उनसे बात नहीं की। जब तक सरकार आशाओं की जायज मांगें नहीं मानती उनकी हड़ताल हड़ताल जारी रहेगी। अभी 11 सितंबर तक उन्होंने हड़ताल का समय निर्धारित किया है। सरकार ने बात नहीं की वह तो आगे भी हड़ताल को बढ़ा सकती है।
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आशा कर्मी कविता ने कहा कि आशाओं की सभी मांगें जायज है। आशाएं स्वास्थ्य विभाग में 40 प्रकार के कार्य करती हैं लेकिन उनको काम के समान वेतन नहीं मिल रहा। आशाओं को काम में इतनी मेहनत करने के बावजूद भी उन्हें घर खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की है उनकी मांगों को जल्द पूरा किया जाए और उनके वेतन 25 हजार किया जाए।
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आशा कर्मी रीना ने कहा कि जिलेभर में 953 आशाएं कार्यरत है। आशाएं ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के अपने अपने एरिया से गर्भवती महिलाओं को सरकारी अस्पताल में डिलीवरी के लिए तैयार करना, गर्भावस्था के दौरान उनकी समय समय पर जांच करना, बच्चा होने के बाद उसे कैसा भोजन करना है, बच्चों का वजन करने सहित अन्य जानकारी समय समय पर देना है लेकिन काम के सम्मान उनको वेतन नहीं मिल रहा।
आशा कर्मी नीतू सेरधा ने कहा कि आज के समय में महंगाई चरम पर है। लेकिन आशाओं को केवल मात्र चार हजार रुपये मासिक वेतन मिलता है। इससे उनके परिवार की आजीविका चलानी मुश्किल हो रही है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि उनको 25 हजार रुपये मासिक वेतन दिया जाए और इसके अलावा अन्य भत्ते प्रदान किए जाएं। नियमित किया जाए।
पंजाब की आशा कर्मचारी यूनियन ने किया समर्थन
गुहला-चीका। हरियाणा की आशा कर्मियों को पंजाब की आशा वर्कर यूनियन ने समर्थन देने का एलान किया। पंजाब की यूनियन ने हरियाणा की गठबंधन सरकार की निंदा करते हुए सभी मांगें मानने की आवाज उठाई है।
पंजाब आशा कर्मी यूनियन की प्रधान किरनदीप कौर पंजोला ने कहा कि
हरियाणा की गठबंधन सरकार आशा वर्करों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। किरनदीप मंगलवार को चीका में एक प्रतिष्ठान पर आयोजित कार्यक्रम में पहुंची थी। किरणदीप ने कहा कि सरकार आशा कर्मियों को उनका हक न देकर उनके साथ अन्याय कर रही है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर
किसी को अपनी बात कहने व शांति पूर्वक तरीके से प्रदर्शन करने का हक है, लेकिन सोमवार को हरियाणा सरकार ने जिस प्रकार से पंचकूला में आशा कर्मियों के साथ व्यवहार किया, उसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है। किरनदीप ने कहा कि पंजाब की आशा कर्मी यूनियन हरियाणा की आशा कर्मियों के साथ है। संवाद