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Kaithal News: पॉक्सो एक्ट की जानकारी देने को लगाए होर्डिंग
Thu, 30 Nov 2023 12:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 30 Nov 2023 12:37 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। पुलिस ने नाबालिगों के विरुद्ध अपराधों पर रोक लगाने के लिए पॉक्सो एक्ट के प्रति जागरूकता अभियान चलाकर जगह-जगह होर्डिंग व बोर्ड लगाए हैं। इनमें चित्रों के माध्यम से समझाया जा रहा है कि पॉक्सो एक्ट क्या होता है ताकि लोग इस तरह के अपराध को लेकर समझ रख सकें। इस दौरान सजा के प्रावधान के बारे में भी जानकारी दी जा रही है।
महिला थाना इंचार्ज रेखा धीमान ने बताया कि कैथल की लोग इस तरह के अपराध से बच सकें, इसलिए इस कानून के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि इन पोस्टरों पर चित्रों के माध्यम से इस प्रकार जानकारी की जानकारी दी है कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के साथ यौन शोषण किया तो पॉक्सो एक्ट के अनुसार गंभीर सजा होगी। उन्होंने बताया कि बच्चे को गलत नीयत से छूना (छेड़छाड़ करना) धारा 8 पॉक्सो एक्ट के तहत तीन से पांच वर्ष की सजा व जुर्माना दोनों हो सकते हैं।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा बच्चों के मोबाइल पर गलत मैसेज व अश्लील चित्र भेजना, बच्चों का पीछा करना धारा 12 पॉक्सो एक्ट के तहत तीन वर्ष तक की सजा व जुर्माना दोनों होंगे। बच्ची से सामूहिक दुष्कर्म का प्रयास करना धारा 6 के अनुसार सजा व जुर्माना दोनों होंगे, 10 वर्ष से लेकर उम्र कैद व मृत्यु दंड तक की सजा व जुर्माना है। बच्चों से दुष्कर्म अपराध धारा 4 पॉक्सो एक्ट के तहत सजा सात वर्ष से लेकर उम्रकैद तक की व जुर्माना होता है। ऐसा कोई भी अपराध होता दिखे तो उसकी सूचना तुरंत 112 नंबर पर कॉल करके दें।
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क्या है पॉक्सो एक्ट
बच्चों के यौन शोषण और यौन उत्पीड़न के अपराधों से संबंधित यह एक्ट है। यह अधिनियम 18 वर्ष से कम आयु के किसी भी व्यक्ति को बच्चे के रूप में परिभाषित करता है।
सजा का है प्रावधान
यौन अपराध के लिए मौत की सजा सहित अधिक कठोर सजा देने के लिए 2019 में अधिनियम में संशोधन किया गया। पॉक्सो एक्ट में संशोधन करके 16 साल से कम उम्र के बच्चों से रेप के मामले में 10 साल की न्यूनतम सजा को बढ़ाकर 20 साल कर दिया गया।
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कैथल। पुलिस ने नाबालिगों के विरुद्ध अपराधों पर रोक लगाने के लिए पॉक्सो एक्ट के प्रति जागरूकता अभियान चलाकर जगह-जगह होर्डिंग व बोर्ड लगाए हैं। इनमें चित्रों के माध्यम से समझाया जा रहा है कि पॉक्सो एक्ट क्या होता है ताकि लोग इस तरह के अपराध को लेकर समझ रख सकें। इस दौरान सजा के प्रावधान के बारे में भी जानकारी दी जा रही है।
महिला थाना इंचार्ज रेखा धीमान ने बताया कि कैथल की लोग इस तरह के अपराध से बच सकें, इसलिए इस कानून के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि इन पोस्टरों पर चित्रों के माध्यम से इस प्रकार जानकारी की जानकारी दी है कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के साथ यौन शोषण किया तो पॉक्सो एक्ट के अनुसार गंभीर सजा होगी। उन्होंने बताया कि बच्चे को गलत नीयत से छूना (छेड़छाड़ करना) धारा 8 पॉक्सो एक्ट के तहत तीन से पांच वर्ष की सजा व जुर्माना दोनों हो सकते हैं।
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उन्होंने बताया कि इसके अलावा बच्चों के मोबाइल पर गलत मैसेज व अश्लील चित्र भेजना, बच्चों का पीछा करना धारा 12 पॉक्सो एक्ट के तहत तीन वर्ष तक की सजा व जुर्माना दोनों होंगे। बच्ची से सामूहिक दुष्कर्म का प्रयास करना धारा 6 के अनुसार सजा व जुर्माना दोनों होंगे, 10 वर्ष से लेकर उम्र कैद व मृत्यु दंड तक की सजा व जुर्माना है। बच्चों से दुष्कर्म अपराध धारा 4 पॉक्सो एक्ट के तहत सजा सात वर्ष से लेकर उम्रकैद तक की व जुर्माना होता है। ऐसा कोई भी अपराध होता दिखे तो उसकी सूचना तुरंत 112 नंबर पर कॉल करके दें।
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क्या है पॉक्सो एक्ट
बच्चों के यौन शोषण और यौन उत्पीड़न के अपराधों से संबंधित यह एक्ट है। यह अधिनियम 18 वर्ष से कम आयु के किसी भी व्यक्ति को बच्चे के रूप में परिभाषित करता है।
सजा का है प्रावधान
यौन अपराध के लिए मौत की सजा सहित अधिक कठोर सजा देने के लिए 2019 में अधिनियम में संशोधन किया गया। पॉक्सो एक्ट में संशोधन करके 16 साल से कम उम्र के बच्चों से रेप के मामले में 10 साल की न्यूनतम सजा को बढ़ाकर 20 साल कर दिया गया।