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Kaithal News: सीवन में कचरे-जलकुंभी से दम तोड़ रहे ऐतिहासिक तालाब

Tue, 03 Jun 2025 01:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Tue, 03 Jun 2025 01:15 AM IST
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Historical ponds in Sewan are dying due to garbage and water hyacinth
संवाद न्यूज एजेंसी
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सीवन। शहर के ऐतिहासिक तालाब इन दिनों बदहाली के दौर से गुजर रहे हैं। कभी शहर की सुंदरता, सांस्कृतिक पहचान और जल स्रोत के रूप में अपनी पहचान रखने वाले ये तालाब अब जलकुंभी, कचरे और गंदगी से भरे पड़े हैं।

तेज गर्मी के चलते इनसे उठती दुर्गंध और मच्छरों का बढ़ता प्रकोप स्थानीय नागरिकों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन गया है। शहरवासियों का कहना है कि जब तक गांव पंचायत व्यवस्था थी, तब मनरेगा जैसी योजनाओं के जरिये तालाबों की समय-समय पर सफाई होती थी, जिससे न केवल जल स्रोत साफ रहते थे बल्कि ग्रामीणों को रोज़गार भी मिलता था, लेकिन नगर पालिका के गठन के बाद व्यवस्थाएं कागज़ों में उलझकर रह गई हैं।
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हर बार तालाबों की सफाई के मुद्दे पर टेंडर और वर्क ऑर्डर की बात कहकर कार्य को टाल दिया जाता है। नतीजा यह है कि चार वर्षों बाद भी तालाबों की सूरत नहीं बदल सकी।
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ऐतिहासिक महत्व के साथ जुड़ी हैं भावनाएं : शहर के कई बुजुर्गों का कहना है कि ये तालाब केवल पानी के स्रोत नहीं हैं, बल्कि इनमें लोगों की स्मृतियां, रीति-रिवाज और त्योहारों की परंपराएं जुड़ी रही हैं। छठ पूजा से लेकर अन्य धार्मिक अनुष्ठानों तक, ये तालाब सामाजिक जीवन का अभिन्न हिस्सा रहे हैं। इनकी उपेक्षा, ना सिर्फ शहर की सुंदरता को धूमिल करती है, बल्कि सांस्कृतिक विरासत को भी कमजोर करती है।

नगरपालिका से जनता की सीधी मांग : अब नहीं चाहिए बहाने, चाहिए समाधान : शहर के कई जागरूक नागरिकों ने एक आवाज में मांग की है कि प्रशासन तालाबों की सफाई को प्राथमिकता दे।

टेंडर की प्रक्रिया को बार-बार बहाना बनाकर जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ना अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लोगों की अपेक्षा है कि जिम्मेदार अधिकारी जल्द से जल्द इस दिशा में ठोस कदम उठाएं और तालाबों को फिर से साफ-सुथरा, सुंदर और उपयोगी बनाएं।


दुर्गंध और मच्छरों से बढ़ा जनस्वास्थ्य का खतरा

गर्मी के मौसम में तालाबों में जमा गंदा पानी और जलकुंभी मच्छरों के लिए उपजाऊ स्थल बन चुके हैं। इससे डेंगू, मलेरिया जैसे मच्छरजनित रोगों का खतरा दिन-ब-दिन बढ़ रहा है। नागरिकों का कहना है कि कई बार शिकायतें देने और अधिकारियों का ध्यान दिलाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।


अभी इस समय हमारा फोकस तालाबों को खाली करवाने पर है। तालाबों में गाद बहुत अधिक है। पहले तालाबों को खाली करवाया जाएगा उसके बाद तालाबों की सफाई करवाई जाएगी। बारिश के मौसम से पहले पहले तालाबों को खाली करवा दिया जाएगा इसका कार्य चल रहा है। नगर पालिका की ओर से पॉन्ड अथॉरिटी को भी पत्र लिखा गया है उनके जवाब के अनुसार आगे कार्रवाई की जाएगी। -दीपक कुमार, सचिव, नगर पालिका
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