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और कितनी जानें लेंगी ये हाईवोल्टेज तारें, इसी कालोनी में पिछले साल जल गए थे घर के सारे उपकरण
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जनकपुरी कालोनी सहित शहर में कई मुख्य मार्गों व कालोनियों हाईवोल्टेज तारें जानलेवा साबित हो रहे हैं। विभागीय अधिकारी एक बार आश्वासन देकर भूल जाते हैं और जब कोई हादसा होता है, फिर यह समस्या ध्यान में आती है। ज्ञात हो कि करनाल रोड पर दो पत्रकार जिंदा जल गए थे। जनकपुरी कालोनी में ही एक मिस्त्री दो मंजिला भवन से नीचे गिर गया था और इसी कालोनी में एक पुलिस कर्मी के घर के सारे उपकरण जल गए थे। इसके बाद कालोनी के लोगों ने बिजली विभाग से मांग की थी कि इन तारों को बदला जाए। लेकिन आज तक समस्या ज्यों की त्यों है। अब एक ओर युवक इन तारों की बलि चढ़ गया।
12वीं कक्षा तक पढ़ाई करने के बाद काम सीखने आया था अमन
अमन ने 12वीं कक्षा तक पढ़ाई की थी। 12वीं कक्षा के बाद वह मोहाली चला गया और वहां आगे की पढ़ाई को लेकर करीब दो साल वहां रहा था। छह महीने पहले ही वह अपने घर आया था। उसके बाद उसने काम सीखने के लिए चार दिन पहले ही संजीव के पास आना शुरू किया था।
बालकनी से मात्र दो फुट भी नहीं तार की दूरी
जिस तार के चपेट में आने से युवक की मौत हुई, उस तार की बालकनी से दूरी दो फीट से ज्यादा नहीं है। वहीं बालकनी में लोहे की एंगल लगी हैं। आसपास के दुकानदारों ने बताया कि तार और एंगल नजदीक होने के कारण भी कूलर के स्टैंड में करंट आया है और युवक को अपनी तरफ खींच लिया।
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माता-पिता के अलावा दो भाई व एक बहन हैं परिवार में
अमन के परिवार में उसके पिता ओमप्रकाश हैं, जो पीडब्ल्यूडी विभाग में बेलदार के पद पर कार्यरत हैं। इसके अलावा मां, दो भाई व एक बहन है। उसके बढ़े भाई की शादी हो चुकी है, जबकि छोटा भाई पढ़ाई कर रहा है। वहीं एक बड़ी बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है।
तारों को दूर हटवाने की मांग कई बार की
कॉलोनीवासी गुड्डी, शमशेर सिंह, नरेश व विक्रम ने बताया कि कॉलोनी के निवासी कई बार तारों को मकानों से दूर हटवाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन आज तक इन्हें हटाया नहीं गया है। ऐसी घटना केवल यहां नहीं बल्कि शहर की कई कॉलोनियों में सामने आ चुकी हैं। इन दुर्घटनाओं से कोई सबक नहीं लिया जा रहा। उन्होंने मांग की कि तार जल्द से जल्द दूर हटवाए जाएं।
बिजली की लाइनें कॉलोनियों में सप्लाई की सुविधा देने के लिए ही बिछाई गई हैं, जबकि मकान बाद में बनाए जाते हैं। फिर भी विभाग लोगों की शिकायतों के आधार पर लाइनों को बदलने के लिए प्रयास कर रहा है, लेकिन उन्हें बदलने के लिए जगह नहीं मिल रही है। कोई इस प्रकार का कार्य करते हैं तो एक बार निगम को बिजली सप्लाई बंद करवाने के लिए सूचित करें, ताकि दुर्घटना न हो।
भूपेंद्र सिंह, बिजली निगम के एक्सईएन
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12वीं कक्षा तक पढ़ाई करने के बाद काम सीखने आया था अमन
अमन ने 12वीं कक्षा तक पढ़ाई की थी। 12वीं कक्षा के बाद वह मोहाली चला गया और वहां आगे की पढ़ाई को लेकर करीब दो साल वहां रहा था। छह महीने पहले ही वह अपने घर आया था। उसके बाद उसने काम सीखने के लिए चार दिन पहले ही संजीव के पास आना शुरू किया था।
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बालकनी से मात्र दो फुट भी नहीं तार की दूरी
जिस तार के चपेट में आने से युवक की मौत हुई, उस तार की बालकनी से दूरी दो फीट से ज्यादा नहीं है। वहीं बालकनी में लोहे की एंगल लगी हैं। आसपास के दुकानदारों ने बताया कि तार और एंगल नजदीक होने के कारण भी कूलर के स्टैंड में करंट आया है और युवक को अपनी तरफ खींच लिया।
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माता-पिता के अलावा दो भाई व एक बहन हैं परिवार में
अमन के परिवार में उसके पिता ओमप्रकाश हैं, जो पीडब्ल्यूडी विभाग में बेलदार के पद पर कार्यरत हैं। इसके अलावा मां, दो भाई व एक बहन है। उसके बढ़े भाई की शादी हो चुकी है, जबकि छोटा भाई पढ़ाई कर रहा है। वहीं एक बड़ी बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है।
तारों को दूर हटवाने की मांग कई बार की
कॉलोनीवासी गुड्डी, शमशेर सिंह, नरेश व विक्रम ने बताया कि कॉलोनी के निवासी कई बार तारों को मकानों से दूर हटवाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन आज तक इन्हें हटाया नहीं गया है। ऐसी घटना केवल यहां नहीं बल्कि शहर की कई कॉलोनियों में सामने आ चुकी हैं। इन दुर्घटनाओं से कोई सबक नहीं लिया जा रहा। उन्होंने मांग की कि तार जल्द से जल्द दूर हटवाए जाएं।
बिजली की लाइनें कॉलोनियों में सप्लाई की सुविधा देने के लिए ही बिछाई गई हैं, जबकि मकान बाद में बनाए जाते हैं। फिर भी विभाग लोगों की शिकायतों के आधार पर लाइनों को बदलने के लिए प्रयास कर रहा है, लेकिन उन्हें बदलने के लिए जगह नहीं मिल रही है। कोई इस प्रकार का कार्य करते हैं तो एक बार निगम को बिजली सप्लाई बंद करवाने के लिए सूचित करें, ताकि दुर्घटना न हो।
भूपेंद्र सिंह, बिजली निगम के एक्सईएन