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11 हजार वोल्टेज की तार टूटी, सूचना पर भी नहीं की बिजली आपूर्ति बंद, चपेट में आने से दो मासूम झुलसे
ब्यूरो/अमर उजाला पाई।
Updated Fri, 18 Mar 2016 12:22 AM IST
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कैथ्ाल
- फोटो : अमर उजाला
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11 हजार वोल्टेज की तार की चपेट में आने से पांचवीं कक्षा के दो मासूम बुरी तरह से झुलस गए। उन्हें निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। लोगों में बिजली निगम की लापरवाही के प्रति रोष है। गांव के लोगों ने विभाग के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। गांव वासी सुरेश, सुखपाल, विनोद, सुभाष, रामफल, गुरनाम आदि ने बताया कि गांव में बिशन पूरी मंदिर के पास बिजली के दो ट्रांसफार्मर रखे हुए हैं। इनके ऊपर से ही बिजली की मुख्य लाइन गुजरती है, जिसमें 11 हजार वोल्टेज की बिजली गुजरती है। दोपहर लगभग साढ़े बारह बजे बिजली आते ही यहां चिंगारी के साथ एकदम 11 हजार वोल्टेज की तार टूट कर नीचे लटक गई।
तार जमीन से मात्र दो फुट ही ऊंची थी। इसके टूटते ही विभाग को पीछे से बिजली बंद करने के लिए कहा गया, लेकिन बिजली आपूर्ति चालू रही। इसके पास ही राजकीय प्राथमिक पाठशाला पड़ती है। इस स्कूल में से जब बच्चे परीक्षा देकर आ रहे थे, तो उनमें से कक्षा पांचवीं के दो बच्चे साहिल पुत्र सुनील व सचिन पुत्र पवन वर्मा इस 11 हजार वोल्टेज की नीचे गिरी हुई तार की चपेट में आ गए। इस तार की चपेट में आने से दोनों बच्चे बुरी तरह से झुलस गए। तुरंत ही ग्रामीणों के द्वारा साहिल को कैथल के शाह अस्पताल में तथा सचिन को पुंडरी स्थित बंसल अस्पताल में दाखिल करवाया गया। लोगों ने बिजली सप्लाई बंद न करने के कारण जोरदार प्रदर्शन कर दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
लोगों ने मांग की है कि उनके द्वारा जब बिजली बंद करने के लिए कहा गया तो फोन राजीव नाम के कर्मचारी के द्वारा उठाया गया। उसे बर्खास्त किया जाए। गांव में अनेक जगह बिजली की तारें ढीली व जर्जर हालत में है। उनको तत्काल बदला जाए। क्योंकि ऐसी दुर्घटना गांव में और भी हो सकती हैं।
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अधिकारियों और पुलिस को घटना की जानकारी नहीं
पाई में इतनी बड़ी दुर्घटना घट गई, जो गांव ही नहीं कैथल में भी आग की तरह फैल गई। इसके बाद यह दुर्घटना उच्च अधिकारियों के नोटिस में आई ही नहीं। इस बारे में बिजली विभाग के एक्शन विजेंद्र नरवाल ने बताया कि उन्हें इस दुर्घटना की जानकारी नहीं है। पता लगाया जाएगा कि दोषी कौन है। वहीं, पूंडरी थाना प्रभारी महावीर सिंह ने भी कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है।
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तार जमीन से मात्र दो फुट ही ऊंची थी। इसके टूटते ही विभाग को पीछे से बिजली बंद करने के लिए कहा गया, लेकिन बिजली आपूर्ति चालू रही। इसके पास ही राजकीय प्राथमिक पाठशाला पड़ती है। इस स्कूल में से जब बच्चे परीक्षा देकर आ रहे थे, तो उनमें से कक्षा पांचवीं के दो बच्चे साहिल पुत्र सुनील व सचिन पुत्र पवन वर्मा इस 11 हजार वोल्टेज की नीचे गिरी हुई तार की चपेट में आ गए। इस तार की चपेट में आने से दोनों बच्चे बुरी तरह से झुलस गए। तुरंत ही ग्रामीणों के द्वारा साहिल को कैथल के शाह अस्पताल में तथा सचिन को पुंडरी स्थित बंसल अस्पताल में दाखिल करवाया गया। लोगों ने बिजली सप्लाई बंद न करने के कारण जोरदार प्रदर्शन कर दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
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लोगों ने मांग की है कि उनके द्वारा जब बिजली बंद करने के लिए कहा गया तो फोन राजीव नाम के कर्मचारी के द्वारा उठाया गया। उसे बर्खास्त किया जाए। गांव में अनेक जगह बिजली की तारें ढीली व जर्जर हालत में है। उनको तत्काल बदला जाए। क्योंकि ऐसी दुर्घटना गांव में और भी हो सकती हैं।
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अधिकारियों और पुलिस को घटना की जानकारी नहीं
पाई में इतनी बड़ी दुर्घटना घट गई, जो गांव ही नहीं कैथल में भी आग की तरह फैल गई। इसके बाद यह दुर्घटना उच्च अधिकारियों के नोटिस में आई ही नहीं। इस बारे में बिजली विभाग के एक्शन विजेंद्र नरवाल ने बताया कि उन्हें इस दुर्घटना की जानकारी नहीं है। पता लगाया जाएगा कि दोषी कौन है। वहीं, पूंडरी थाना प्रभारी महावीर सिंह ने भी कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है।