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सरकार के परिवार पहचान पत्र को हाईकोर्ट ने नकारा : माजरा
Wed, 22 Jan 2025 12:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 22 Jan 2025 12:58 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। पूर्व मुख्य संसदीय सचिव एवं इनेलो प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा ने कहा कि हरियाणा सरकार को हाईकोर्ट से लगातार दूसरी बार झटका लगा है। सरकार ने जिस तरह से हजारों लाखों लोगों को परिवार पहचान पत्र के नाम पर परेशान किया है। उसे हाईकोर्ट ने नकारते हुए कहा है कि जरूरी सेवाओं के लिए परिवार पहचान पत्र की अनिवार्यता नहीं की जा सकती। यह अनिवार्य नहीं, बल्कि स्वैच्छिक सेवा है। माजरा ने कहा कि इससे पहले दादुपुर नलवी नहर पर सरकार को मुंह की खानी पड़ी थी। जिस कारण अब हाईकोर्ट ने किसानों को मुआवजा जारी करने के निर्देश दिए हैं।
माजरा ने कहा कि सरकार दादुपुर नलवी नहर के लिए किसानों को हाईकोर्ट के फैसले के अनुसार मुआवजा जारी करे। अब जब हाईकोर्ट ने परिवार पहचान पत्र को लेकर भी निर्देश जारी कर दिए हैं कि यह अनिवार्य सेवा नहीं है तो सरकार को अपने वे सभी नियम बदलने चाहिए, जहां सरकार ने परिवार पहचान पत्र को अनिवार्य करार दिया हुआ है और लोग हजारों नहीं लाखों की संख्या में परिवार पहचान पत्र के चलते दिक्कतों में हैं।
माजरा ने हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत किया और कहा कि यह फैसला आमजन को राहत देने वाला है। सरकार से हाईकोर्ट ने अब जवाब भी मांगा है। उम्मीद है कि सरकार जनता की परेशानियों को समझते हुए इस तरह के अनावश्यक फैसले लोगों पर नहीं थोपेंगी। क्योंकि यही परिवार पहचान पत्र है,जिसके कारण बहुत से लोगों की पेंशन कट गई। बहुत से लोगों के पीले राशन कार्ड कट गए। बहुत से लोग सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हो गए। ऐसे लोगों को राहत देते हुए सरकार अब इन लोगों को योजनाओं का लाभ प्रदान करे। परिवार पहचान पत्र के कारण जिस-जिस व्यक्ति का जितना नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई करते हुए सरकारी योजनाओं के लिए ऐसे लोगों को पात्र माने, ताकि वे लोग भविष्य में भी सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहें।
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माजरा ने कहा कि ताऊ देवीलाल व चौधरी ओमप्रकाश चौटाला की नीतियों पर चलते हुए जनहित के लिए सदा आवाज बुलंद की जाएगी।
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कैथल। पूर्व मुख्य संसदीय सचिव एवं इनेलो प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा ने कहा कि हरियाणा सरकार को हाईकोर्ट से लगातार दूसरी बार झटका लगा है। सरकार ने जिस तरह से हजारों लाखों लोगों को परिवार पहचान पत्र के नाम पर परेशान किया है। उसे हाईकोर्ट ने नकारते हुए कहा है कि जरूरी सेवाओं के लिए परिवार पहचान पत्र की अनिवार्यता नहीं की जा सकती। यह अनिवार्य नहीं, बल्कि स्वैच्छिक सेवा है। माजरा ने कहा कि इससे पहले दादुपुर नलवी नहर पर सरकार को मुंह की खानी पड़ी थी। जिस कारण अब हाईकोर्ट ने किसानों को मुआवजा जारी करने के निर्देश दिए हैं।
माजरा ने कहा कि सरकार दादुपुर नलवी नहर के लिए किसानों को हाईकोर्ट के फैसले के अनुसार मुआवजा जारी करे। अब जब हाईकोर्ट ने परिवार पहचान पत्र को लेकर भी निर्देश जारी कर दिए हैं कि यह अनिवार्य सेवा नहीं है तो सरकार को अपने वे सभी नियम बदलने चाहिए, जहां सरकार ने परिवार पहचान पत्र को अनिवार्य करार दिया हुआ है और लोग हजारों नहीं लाखों की संख्या में परिवार पहचान पत्र के चलते दिक्कतों में हैं।
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माजरा ने हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत किया और कहा कि यह फैसला आमजन को राहत देने वाला है। सरकार से हाईकोर्ट ने अब जवाब भी मांगा है। उम्मीद है कि सरकार जनता की परेशानियों को समझते हुए इस तरह के अनावश्यक फैसले लोगों पर नहीं थोपेंगी। क्योंकि यही परिवार पहचान पत्र है,जिसके कारण बहुत से लोगों की पेंशन कट गई। बहुत से लोगों के पीले राशन कार्ड कट गए। बहुत से लोग सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हो गए। ऐसे लोगों को राहत देते हुए सरकार अब इन लोगों को योजनाओं का लाभ प्रदान करे। परिवार पहचान पत्र के कारण जिस-जिस व्यक्ति का जितना नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई करते हुए सरकारी योजनाओं के लिए ऐसे लोगों को पात्र माने, ताकि वे लोग भविष्य में भी सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहें।
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माजरा ने कहा कि ताऊ देवीलाल व चौधरी ओमप्रकाश चौटाला की नीतियों पर चलते हुए जनहित के लिए सदा आवाज बुलंद की जाएगी।