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भर्ती के समय छुपा ली थी जानकारी कि परिवार में कोई सरकारी नौकरी है
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कैथल। भर्ती के समय जानकारी छिपाना राजस्व विभाग के एक क्लर्क (लिपिक) को महंगा पड़ गया। इस मामले में कैथल के डीसी नेक्लर्क कुलदीप सिंह की सेवाएं समाप्त करने के आदेश जारी किए हैं। दरअसल, इस क्लर्क ने भर्ती के समय यह जानकारी छिपाई थी कि उनके परिवार में किसी भी सदस्य के पास सरकारी नौकरी है। इस मामले में शिकायत होने पर जांच में क्लर्क दोषी पाया गया। जिसे अब बर्खास्त करने के आदेश दिए गए हैं।
क्लर्क कुलदीप सिंह पलवल जिले में एसडीसी पद पर कार्यरत था। इससे पहले वह कैथल में भी सेवाएं देता रहा। सरकार द्वारा निर्धारित मापदंड के तहत कोई भी प्रार्थी जिसके परिवार में कोई सरकारी विभाग, बोर्ड, कॉर्पोरेशन, वैधानिक संस्था व आयोग में सेवारत नहीं है तो उसे भर्ती प्रक्रिया के दौरान 5 अतिरिक्त अंक का लाभ देते हुए रिक्त पद पर आवेदन के बाद सरकारी नौकरी देने का प्रावधान किया गया है।
कुलदीप सिंह ने नौकरी का आवेदन करते समय तथ्यों को छिपाते हुए परिवार में किसी भी सदस्य के पास सरकारी नौकरी नहीं होने की जानकारी दी थी, जिसके कारण उसे 5 अतिरिक्त अंकों का लाभ प्राप्त हुआ था। मगर उसका भाई सरकारी नौकरी में है।
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जब इस बात की शिकायत हुई तो तहसीलदार पूंडरी द्वारा इस विषय को लेकर जांच की गई, जिसमें पाया कि संबंधित प्रार्थी ने तथ्यों को छिपाया है। कुलदीप सिंह से इस बारे में कई बार स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा गया। मगर वह कोई संतोष जनक जवाब नहीं दे पाया। डीसी प्रदीप दहिया ने बताया क जांच के उपरांत नियमानुसार कुलदीप सिंह की सरकारी सेवाएं समाप्त करने के आदेश जारी किए गए हैं।
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क्लर्क कुलदीप सिंह पलवल जिले में एसडीसी पद पर कार्यरत था। इससे पहले वह कैथल में भी सेवाएं देता रहा। सरकार द्वारा निर्धारित मापदंड के तहत कोई भी प्रार्थी जिसके परिवार में कोई सरकारी विभाग, बोर्ड, कॉर्पोरेशन, वैधानिक संस्था व आयोग में सेवारत नहीं है तो उसे भर्ती प्रक्रिया के दौरान 5 अतिरिक्त अंक का लाभ देते हुए रिक्त पद पर आवेदन के बाद सरकारी नौकरी देने का प्रावधान किया गया है।
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कुलदीप सिंह ने नौकरी का आवेदन करते समय तथ्यों को छिपाते हुए परिवार में किसी भी सदस्य के पास सरकारी नौकरी नहीं होने की जानकारी दी थी, जिसके कारण उसे 5 अतिरिक्त अंकों का लाभ प्राप्त हुआ था। मगर उसका भाई सरकारी नौकरी में है।
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जब इस बात की शिकायत हुई तो तहसीलदार पूंडरी द्वारा इस विषय को लेकर जांच की गई, जिसमें पाया कि संबंधित प्रार्थी ने तथ्यों को छिपाया है। कुलदीप सिंह से इस बारे में कई बार स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा गया। मगर वह कोई संतोष जनक जवाब नहीं दे पाया। डीसी प्रदीप दहिया ने बताया क जांच के उपरांत नियमानुसार कुलदीप सिंह की सरकारी सेवाएं समाप्त करने के आदेश जारी किए गए हैं।