फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   Hepatites C, District, Disease, Doctors, Kaithal, Haryana

हेपेटाइटिस-सी की चपेट में अब पूरा जिला

Wed, 25 May 2016 12:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 25 May 2016 12:07 AM IST
विज्ञापन
कैथल। पूरा जिला इस समय हेपेटाइटिस-सी की चपेट में है। राजौंद में करीबन छह वर्ष पहले भी इस बीमारी ने पूरे जिले को अपनी चपेट में ले लिया है। बीपीएल श्रेणी के पीड़ित लोगों को तो सरकार द्वारा निशुल्क इलाज करवाकर कुछ राहत दी जा रही है। बाकी लोगों को जहां सरकार ने भगवान भरोसे छोड़ दिया है। वहीं राजौंद सहित इस बीमारी से पीड़ित इलाकों में रोकथाम के लिए कोई काम नहीं किया जा रहा।
विज्ञापन

 एक तरह से स्वास्थ्य विभाग ने आंखें मूंद ली हैं। जिसके भयंकर परिणाम सामने आ सकते हैं।
चार साल पहले राजौंद, असंध सहित जींद के साथ लगते गांवों में बड़ी संख्या में लोगों को इस बीमारी का पता चला था। इसके बाद काफी हल्ला हुआ। सरकार हरकत में आई तो स्वास्थ्य विभाग की सहायता से बीपीएल श्रेणी के लोगों का निशुल्क इलाज शुरू करवा दिया गया। कैथल अस्पताल से बीपीएल श्रेणी के मरीजों को पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया जाता है।
विज्ञापन

लेकिन सामान्य श्रेणी के मरीजों के लिए इलाज की कोई सुविधा नहीं हैं। जिस कारण ये लोग सब कुछ प्रशासन की जानकारी में होते हुए भी निजी कंपनियों द्वारा लूट के शिकार हैं। और अब हालात यह है कि इनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जिला अस्पताल में इलाज की सुविधा न होने से होती है परेशानी :- जिला अस्पताल में केवल बीपीएल श्रेणी के मरीजों को रेफर करने की सुविधा है। यहां अन्य श्रेणियों के मरीजों के लिए इलाज की कोई सुविधा नहीं हैं। जिस कारण इन लोगों को निजी अस्पतालों में अभी भी 40 से 50 हजार रुपये में इस बीमारी का इलाज करवाना पड़ता है।

इन एरिया में बढ़ गया यह रोग:- जिला अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार यह समस्या अब राजौंद के अलावा पूंडरी के आस-पास के गांवों, कैथल शहर सहित आस-पास के गांवों, कलायत के कई गांवों सहित गुहला-चीका क्षेत्र में भी फैली है। यह जानकारी जिला अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों की संख्या से पता चली है। यदि असली जांच अभियान चलाया जाए तो बीमारी की स्थिति कुछ और ही निकलेगी।

टैटू गुदवाने, संक्रमित ब्लेड से शेव करवाने एवं असुरक्षित यौन संबंध से फैलती है बीमारी :- जिले में माडर्न अल्ट्रासाउंड संचालक डॉ. नलिन का कहना है कि इस बीमारी के हर रोज काफी संख्या में मरीज आ रहे हैं। अब स्थिति यह है कि इसका प्रकोप अब लगातार बढ़ता ही जा रहा है। पता चला है कि लापरवाही पूर्वक संक्रमित यंत्र से टेटू गुदवाने, संक्रमित ब्लेड से शेव करवाने एवं असुरक्षित यौन संबंध से यह बीमारी फैलती है। इसकी रोकथाम के लिए जरूर कुछ किया जाना चाहिए।

सिविल सर्जन डा. वीके थापर का कहना है कि यह समस्या विभाग के ध्यान में है। बीपीएल के लिए निशुल्क इलाज की व्यवस्था है। सामान्य वर्ग के लिए भी फाइल बनाकर भेजी गई है।

जिला अस्पताल में एपिडोमोलोजिस्ट शमशेर सिंह का कहना है कि जिले से अब तक बीपीएल में 900 मरीज रेफर हो चुके हैं। कई गांवों में स्थिति चिंताजनक स्तर पर पहुंच गई है। बीपीएल से अलग गरीब जनता इसका इलाज करवाने की स्थिति में नहीं है। अब तो हालात यह है कि किसी एक हलके का या फिर ब्लॉक का विषय न हो कर अब यह धीरे-धीरे पूरे प्रदेश में फैल रहा है।


जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस-सी के नोडल चिकित्सक डा. अनिल अग्रवाल का कहना है कि वे केवल यहां से मरीज रेफर कर सकते हैं। जिला स्तर पर अभी इसकी दवा नहीं है। हम सामान्य वर्ग के मरीजों को भी रेफर कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed