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Kaithal News: डेंगू रोकने में कमजोर साबित हो रहा स्वास्थ्य विभाग
Sun, 09 Nov 2025 12:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 09 Nov 2025 12:23 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में डेंगू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की मेहनत के बावजूद संक्रमण पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग पा रहा। इस साल अब तक 68 मामले दर्ज हो चुके हैं, जबकि गत वर्ष कुल 80 मरीज सामने आए थे। रफ्तार देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि जल्द ही पिछले साल का रिकॉर्ड टूट सकता है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 930 टीमें घर-घर जाकर सर्वे और जागरूकता अभियान चला रही हैं। आशा वर्कर लोगों को साफ-सफाई रखने, पानी जमा न होने देने और मच्छर से बचाव के उपाय बता रही हैं। नागरिक अस्पताल में डेंगू की जांच मुफ्त में की जा रही है।
हालांकि, शहर और गांवों में फॉगिंग न होने से लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि नगर परिषद और पंचायतों को फॉगिंग की जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन कई पंचायतों के पास मशीनें तक नहीं हैं, जिससे डेंगू और चिकनगुनिया का खतरा बढ़ रहा है।
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बढ़ते मामलों ने विभाग की चिंता बढ़ा दी है। पिछले वर्ष अक्तूबर-नवंबर के दौरान सबसे अधिक केस दर्ज किए गए थे, इसलिए मौजूदा रफ्तार को देखते हुए आने वाले दिनों में सतर्कता बेहद जरूरी मानी जा रही है।
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कैथल। जिले में डेंगू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की मेहनत के बावजूद संक्रमण पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग पा रहा। इस साल अब तक 68 मामले दर्ज हो चुके हैं, जबकि गत वर्ष कुल 80 मरीज सामने आए थे। रफ्तार देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि जल्द ही पिछले साल का रिकॉर्ड टूट सकता है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 930 टीमें घर-घर जाकर सर्वे और जागरूकता अभियान चला रही हैं। आशा वर्कर लोगों को साफ-सफाई रखने, पानी जमा न होने देने और मच्छर से बचाव के उपाय बता रही हैं। नागरिक अस्पताल में डेंगू की जांच मुफ्त में की जा रही है।
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हालांकि, शहर और गांवों में फॉगिंग न होने से लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि नगर परिषद और पंचायतों को फॉगिंग की जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन कई पंचायतों के पास मशीनें तक नहीं हैं, जिससे डेंगू और चिकनगुनिया का खतरा बढ़ रहा है।
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बढ़ते मामलों ने विभाग की चिंता बढ़ा दी है। पिछले वर्ष अक्तूबर-नवंबर के दौरान सबसे अधिक केस दर्ज किए गए थे, इसलिए मौजूदा रफ्तार को देखते हुए आने वाले दिनों में सतर्कता बेहद जरूरी मानी जा रही है।