फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   Health department is identifying new patients under the tuberculosis eradication campaign

क्षय रोग उन्मूलन अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग कर रहा नए मरीजों की पहचान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 30 Jul 2021 12:30 AM IST
विज्ञापन
Health department is identifying new patients under the tuberculosis eradication campaign
Health department is identifying new patients under the tuberculosis eradication campaign - फोटो : Kaithal
क्षय रोग उन्मूलन अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग जिले में क्षय रोग के नए मरीजों की पहचान कर रहा है। एक ओर जहां संभावित मरीजों की पहचान करके उन्हें जांच के लिए प्रेरित किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर जिला वासियों को टीबी से बचाव बारे भी जागरूक किया जा रहा है। विभाग की 29 टीमें लोगों के घर-द्वार पर जाकर अभियान को गति दे रही हैं। इन टीमों में रोजाना 60 से ज्यादा कर्मचारी पुरानी खांसी और अन्य लक्षणों की पहचान करके लोगों को जांच और बचाव बारे प्रेरित कर रहे हैं।
विज्ञापन

वर्ष 2020 में मिले थे टीबी के 1347 मरीज, 21 में अब तक मिले हैं 1107
वर्ष 2020 में पूरे वर्ष में जहां विभाग द्वारा 1347 नए मरीजों की पहचान की गई थी, इस बार अब तक 1107 नए मरीजों की पहचान की जा चुकी है। विभाग की टीमें संभावित मरीजों की पहचान के बाद उन्हें पास के स्वास्थ्य केंद्रों में जांच के लिए भेज रही है। विभाग द्वारा जिले में टीबी की जांच के लिए 11 केंद्र बनाए गए हैं। ये केंद्र नागरिक अस्पताल कैथल के अलावा पुराना अस्पताल, सीवन, गुहला, कौल, पूंडरी, कलायत, राजौंद, खरकां पाई और बालू के अस्पतालों में बनाए गए हैं।
विज्ञापन

मरीजों की दवाइयों से संबंधित पूरा खर्च उठा रहा स्वास्थ्य विभाग-मरीजों की दवाइयों से लेकर अन्य प्रकार के सारे खर्च विभाग द्वारा वहन किए जा रहे हैं। यही नहीं जिन मरीजों को टीबी की पुष्टि होती है, उन्हें विभाग की ओर से प्रतिमाह 500 रुपये राशि भी दी जा रही। इसके अलावा प्राइवेट अस्पतालों में टीबी का मरीज आने पर उसे इलाज के लिए नागरिक अस्पताल में भेजने वाले लोगों को भी प्रोत्साहन के रूप में 1000 रुपये राशि दी जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सिविल सर्जन डॉ. शैलेंद्र ममगाईं शैली ने कहा कि टीबी से बचाव के लिए विभाग का अभियान लगातार जारी है। उन्होंने जिला वासियों से अपील की कि खांसी, खून में बलगम, छाती में दर्द, सांस फूलना और गर्दन या बगल में गांठ हो तो टीबी हो सकती है। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत जांच करवाएं ताकि समय रहते बीमारी पर काबू पाया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed