{"_id":"61915787ab50f836de58846c","slug":"haryana-will-soon-recruit-2500-college-teachers","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरियाणा: जल्द होगी 2500 कॉलेज टीचर्स की भर्ती, शिक्षा विभाग ने तैयार किया मसौदा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरियाणा: जल्द होगी 2500 कॉलेज टीचर्स की भर्ती, शिक्षा विभाग ने तैयार किया मसौदा
Mon, 15 Nov 2021 12:42 AM IST
भूपेंद्र सिंह
नसीब सैनी, अमर उजाला ब्यूरो, कैथल(हरियाणा)
नसीब सैनी, अमर उजाला ब्यूरो, कैथल(हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Mon, 15 Nov 2021 12:42 AM IST
सार
हायर एजूकेशन के प्रधान सचिव आनंद मोहन शरण ने अमर उजाला को जानकारी दी कि एक माह के अंदर भर्ती के लिए एचपीएससी को डिमांड भेज दी जाएगी।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हरियाणा के कैथल जिले के तीन राजकीय कॉलेजों में इस समय स्टॉफ की कमी के कारण चल रही परेशानी तुरंत तो दूर नहीं होने वाली, लेकिन हरियाणा के कॉलेजों में 2500 टीचर्स की भर्ती के लिए मसौदा तैयार हो गया है। इसी माह हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन को ये पद भरने के लिए मांग भेज दी जाएगी।
विज्ञापन
ये जानकारी उच्चतर शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव आनंद मोहन शरण ने अमर उजाला को दी। वे यहां आरकेएसडी कॉलेज में नई शिक्षा नीति पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमीनार के समापन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे थे। जहां अमर उजाला की ओर से उन्हें जानकारी दी गई कि सरकारी कॉलेज अध्यापकों की कमी से जूझ रहे हैं।
विज्ञापन
उन्हें बताया गया कि राजौंद व गुहला-चीका में इसी सत्र से नए राजकीय कॉलेज शुरू किया गया है। जहां स्टॉफ न होने के कारण विद्यार्थी हर रोज खाली बैठने को मजबूर हैं। राजौंद में तो विद्यार्थियों ने रोष भी जताया है। दोनों कॉलेजों में एक या दो की ही संख्या में स्टॉफ है। मुश्किल से सप्ताह में एक या दो दिन कक्षाएं लगती हैं।
विज्ञापन
ऐसे में बच्चों को पढ़ाई न होने की चिंता सता रही है। साथ ही अभिभावक भी चिंतित हैं कि किस तरह से बच्चों की पढ़ाई पूरी होगी। इसी प्रकार से कलायत में भी कपिलमुनि कॉलेज को सरकारी कॉलेज का दर्जा दिया गया है। जहां पर्याप्त स्टॉफ की जरूरत है।
यह भी पढ़ें ः अंडर-17 खिलाड़ियों को बड़ा तोहफा: प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए 10वीं कक्षा तक की शर्त हटाई
इस सवाल का जवाब देते हुए उच्चतर शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव आनंद मोहन शरण ने कहा कि यह समस्या विभाग की जानकारी में आई है। इसके लिए पर्याप्त होमवर्क कर लिया गया है। करीब 2000 से 2500 तक कॉलेज टीचर्स की आवश्यकता है। करीब 20 दिनों में ही यह डिमांड एचपीएससी को भेज दी जाएगी।
जल्द ही यह भर्ती होगी तो बच्चों को दिक्कत नहीं आएगी। अभी वैकल्पिक व्यवस्थाएं करके प्रयास किया जा रहा है कि कक्षाएं लगाई जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि उच्चतर शिक्षा ही नहीं नई शिक्षा नीति के तहत एक ही कैंपस में बहुविषयों की शिक्षा हो, इस बात की ओर ध्यान दिया जा रहा है। केजी से पीजी तक एक ही छत के नीचे बच्चों को शिक्षा मिले। इस दिशा में काम किया जा रहा है।