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Kaithal News: आज से गुप्त नवरात्र, करें मां की साधना
Thu, 30 Jan 2025 01:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 30 Jan 2025 01:17 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। हिंदू पंचांग के अनुसार माघ गुप्त नवरात्र इस साल 30 जनवरी से शुरू हो रही है और इनका समापन 7 फरवरी को होगा। हिंदू धर्म में नवरात्र का विशेष महत्व बताया गया है। गुप्त नवरात्र में माघ और आषाढ़ माह में आती है। इस दौरान 10 महाविद्याओं की पूजा की जाती है। इसमें माता की गुप्त रूप से पूजा की जाती है इसलिए इन्हें गुप्त नवरात्रि कहते हैं।
पंडित विशाल शांडिल्य ने बताया कि वैदिक पंचांग के अनुसार माघ माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि की शुरुआत 29 जनवरी को शाम छह बजकर पांच मिनट और समापन 30 जनवरी 2025 को शाम 4 बजकर 10 मिनट पर समाप्त होगा। इस प्रकार गुप्त नवरात्र की शुरुआत गुरुवार 30 जनवरी को होगी। गुप्त नवरात्र का समापन शुक्रवार 7 फरवरी को होगा।
माघ गुप्त नवरात्र 2025 घटस्थापना मुहूर्त ः शांडिल्य ने बताया कि इस साल 30 जनवरी से माघ गुप्त नवरात्र की शुरुआत हो रही है। इस दिन श्रवण और धनिष्ठा नक्षत्र के साथ व्यतीपात योग बन रहा है जो पूजा पाठ के लिए बेहद शुभ है। उन्होंने बताया कि इस दिन कलश स्थापना के लिए आपको दो शुभ मुहूर्त प्राप्त होंगे।
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मां दुर्गा के इन रूपों की होती है पूजा
पहला दिन मां काली, दूसरा दिन मां तारा, तीसरा दिन मां त्रिपुर सुंदरी, चौथा दिन मां भुवनेश्वरी, पांचवा दिन मां छिन्नमस्तिका, छठा दिन मां त्रिपुर भैरवी, सातवां दिन मां धूमावती, आठवां दिन मां बगलामुखी, नौवां दिन मां मातंगी, दसवें दिन मां कमला। उन्होंने बताया की जितनी अधिक गोपनीयता इस साधना की होगी उसका फल भी उतनी ही जल्दी मिलेगा। साधक मंत्र जाप, श्री दुर्गा सप्तशती, हवन की ओर से इन दिनों देवी साधना करते हैं।
पहला मुहूर्त
सुबह 9:25 मिनट से सुबह 10:46 मिनट तक है।
दूसरा शुभ मुहूर्त
दोपहर में 12:13 मिनट से दोपहर 12:56 मिनट तक
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कलायत। हिंदू पंचांग के अनुसार माघ गुप्त नवरात्र इस साल 30 जनवरी से शुरू हो रही है और इनका समापन 7 फरवरी को होगा। हिंदू धर्म में नवरात्र का विशेष महत्व बताया गया है। गुप्त नवरात्र में माघ और आषाढ़ माह में आती है। इस दौरान 10 महाविद्याओं की पूजा की जाती है। इसमें माता की गुप्त रूप से पूजा की जाती है इसलिए इन्हें गुप्त नवरात्रि कहते हैं।
पंडित विशाल शांडिल्य ने बताया कि वैदिक पंचांग के अनुसार माघ माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि की शुरुआत 29 जनवरी को शाम छह बजकर पांच मिनट और समापन 30 जनवरी 2025 को शाम 4 बजकर 10 मिनट पर समाप्त होगा। इस प्रकार गुप्त नवरात्र की शुरुआत गुरुवार 30 जनवरी को होगी। गुप्त नवरात्र का समापन शुक्रवार 7 फरवरी को होगा।
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माघ गुप्त नवरात्र 2025 घटस्थापना मुहूर्त ः शांडिल्य ने बताया कि इस साल 30 जनवरी से माघ गुप्त नवरात्र की शुरुआत हो रही है। इस दिन श्रवण और धनिष्ठा नक्षत्र के साथ व्यतीपात योग बन रहा है जो पूजा पाठ के लिए बेहद शुभ है। उन्होंने बताया कि इस दिन कलश स्थापना के लिए आपको दो शुभ मुहूर्त प्राप्त होंगे।
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मां दुर्गा के इन रूपों की होती है पूजा
पहला दिन मां काली, दूसरा दिन मां तारा, तीसरा दिन मां त्रिपुर सुंदरी, चौथा दिन मां भुवनेश्वरी, पांचवा दिन मां छिन्नमस्तिका, छठा दिन मां त्रिपुर भैरवी, सातवां दिन मां धूमावती, आठवां दिन मां बगलामुखी, नौवां दिन मां मातंगी, दसवें दिन मां कमला। उन्होंने बताया की जितनी अधिक गोपनीयता इस साधना की होगी उसका फल भी उतनी ही जल्दी मिलेगा। साधक मंत्र जाप, श्री दुर्गा सप्तशती, हवन की ओर से इन दिनों देवी साधना करते हैं।
पहला मुहूर्त
सुबह 9:25 मिनट से सुबह 10:46 मिनट तक है।
दूसरा शुभ मुहूर्त
दोपहर में 12:13 मिनट से दोपहर 12:56 मिनट तक