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राजस्व रिकार्ड का डिजिटलाइजेशन करना सरकार का क्रांतिकारी कदम
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Government's revolutionary step to digitize revenue records
- फोटो : Kaithal
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कैथल। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वीसी के माध्यम से प्रदेश के 22 जिलों में जिला स्तर पर आधुनिक राजस्व अभिलेख कक्षों का विधिवत शुभारंभ किया। लोकार्पण के उपरांत प्रदेश के सभी डीसी और संबंधित अधिकारियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में राजस्व रिकार्ड को डिजिटल करना क्रांतिकारी कदम है।
हरियाणा सरकार के उत्कृष्ट प्रयासों की अन्य राज्य भी न केवल सराहना कर रहे हैं, बल्कि हमारी व्यवस्था को अपना भी रहे हैं। सरकार द्वारा की गई इस व्यवस्था से प्रदेश में राजस्व रिकार्ड सुरक्षित रहेगा। सरकार की ऑनलाइन व्यवस्था से अपेक्षाकृत अधिक पारदर्शिता आएगी। उन्होंने वीसी में कैथल का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2017 में कैथल में आधुनिक राजस्व रिकार्ड रूम की शुरुआत की गई थी, उसी तर्ज पर समूचे हरियाणा प्रदेश में यह व्यवस्था कार्य रूप में परिणत की गई है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश को पुरानी गठड़ियों से छुटकारा मिला है, अब पूरी व्यवस्था ऑनलाइन होने से प्रदेश में नया सवेरा आया है। डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। हरियाणा की महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री कमलेश ढांडा ने आधुनिक राजस्व अभिलेख कक्ष का लोकापर्ण करते हुए कहा कि राजस्व रिकॉर्ड की ऑनलाइन व्यवस्था से कोई भी व्यक्ति अपने संबंधित कागज ऑनलाइन ले सकता है। मैनुअल रिकार्ड को स्कैन करके सुरक्षित रखा गया है। अब रिकार्ड के गलने व फटने का कोई खतरा नहीं, बल्कि सरकार व प्रशासन द्वारा की गई यह बेहतरीन व्यवस्था है, जिससे आमजन को सीधा लाभ पहुंचेगा।
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33 लाख से अधिक दस्तावेज हुए ऑनलाइन : डीसी
डीसी प्रदीप दहिया ने कहा कि वर्ष 2017 में स्थापित आधुनिक राजस्व रिकार्ड रूम में 33 लाख से अधिक दस्तावेजों को स्कैन करके ऑनलाइन किया जा चुका है। मैनुअल रिकार्ड को स्टील की पेटियों में सुरक्षित रखा गया है। जहां तक लोगों को नकल की प्रतियां उपलब्ध करवाने का सवाल है, आज तक 4448 नागरिकों को नकल की प्रतियां उपलब्ध करवाई जा चुकी हैं। 1956 से जिले की 278 जमाबंदियों, जिसके लगभग 59 लाख दस्तावेज व वर्ष 1956 से फील्ड बुक, जिसके अंदर लगभग 5 लाख दस्तावेज तथा वर्ष 2012 से 12 लाख पेजों का डिजिटिलाइजेशन किया गया है। वीसी के बाद डीसी ने रिकार्ड रूम का अवलोकन भी किया। इस मौके पर जिला राजस्व अधिकारी टीआर गौतम, डीआईओ दीपक खुराना, डीआईपीआरओ धर्मवीर सिंह, तहसीलदार सुदेश मेहरा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
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हरियाणा सरकार के उत्कृष्ट प्रयासों की अन्य राज्य भी न केवल सराहना कर रहे हैं, बल्कि हमारी व्यवस्था को अपना भी रहे हैं। सरकार द्वारा की गई इस व्यवस्था से प्रदेश में राजस्व रिकार्ड सुरक्षित रहेगा। सरकार की ऑनलाइन व्यवस्था से अपेक्षाकृत अधिक पारदर्शिता आएगी। उन्होंने वीसी में कैथल का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2017 में कैथल में आधुनिक राजस्व रिकार्ड रूम की शुरुआत की गई थी, उसी तर्ज पर समूचे हरियाणा प्रदेश में यह व्यवस्था कार्य रूप में परिणत की गई है।
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मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश को पुरानी गठड़ियों से छुटकारा मिला है, अब पूरी व्यवस्था ऑनलाइन होने से प्रदेश में नया सवेरा आया है। डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। हरियाणा की महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री कमलेश ढांडा ने आधुनिक राजस्व अभिलेख कक्ष का लोकापर्ण करते हुए कहा कि राजस्व रिकॉर्ड की ऑनलाइन व्यवस्था से कोई भी व्यक्ति अपने संबंधित कागज ऑनलाइन ले सकता है। मैनुअल रिकार्ड को स्कैन करके सुरक्षित रखा गया है। अब रिकार्ड के गलने व फटने का कोई खतरा नहीं, बल्कि सरकार व प्रशासन द्वारा की गई यह बेहतरीन व्यवस्था है, जिससे आमजन को सीधा लाभ पहुंचेगा।
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33 लाख से अधिक दस्तावेज हुए ऑनलाइन : डीसी
डीसी प्रदीप दहिया ने कहा कि वर्ष 2017 में स्थापित आधुनिक राजस्व रिकार्ड रूम में 33 लाख से अधिक दस्तावेजों को स्कैन करके ऑनलाइन किया जा चुका है। मैनुअल रिकार्ड को स्टील की पेटियों में सुरक्षित रखा गया है। जहां तक लोगों को नकल की प्रतियां उपलब्ध करवाने का सवाल है, आज तक 4448 नागरिकों को नकल की प्रतियां उपलब्ध करवाई जा चुकी हैं। 1956 से जिले की 278 जमाबंदियों, जिसके लगभग 59 लाख दस्तावेज व वर्ष 1956 से फील्ड बुक, जिसके अंदर लगभग 5 लाख दस्तावेज तथा वर्ष 2012 से 12 लाख पेजों का डिजिटिलाइजेशन किया गया है। वीसी के बाद डीसी ने रिकार्ड रूम का अवलोकन भी किया। इस मौके पर जिला राजस्व अधिकारी टीआर गौतम, डीआईओ दीपक खुराना, डीआईपीआरओ धर्मवीर सिंह, तहसीलदार सुदेश मेहरा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।