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Kaithal News: स्वतंत्रता मिली पर दो टुकड़ों में बांटे जाने का झेला दंश
Thu, 15 Aug 2024 03:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 15 Aug 2024 03:40 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। एडीसी सी जया श्रद्धा ने कहा कि 1947 में देश ने आजादी हासिल की थी, लेकिन देश को दो टुकड़ों में बांटे जाने का जख्म भी झेलना पड़ा। उस समय जो भी घटनाएं हुई हैं, उन सभी दुखद घटनाओं को भुलाकर आज देश की सभी कौम को उन सबसे ऊपर उठकर एक होकर देश की तरक्की के लिए काम करना चाहिए।
एडीसी सी जया श्रद्धा जवाहर नवोदय विद्यालय तितरम के छात्रों द्वारा लघु सचिवालय के प्रवेशद्वार पर लगाई गई विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के उपलक्ष्य में प्रदर्शनी के शुभारंभ करने के बाद बोल रही थी।
इस मौके पर स्कूल की छात्राओं ने एक देशभक्ति समूह गान की प्रस्तुति भी दी। एडीसी ने विभीषिका स्मृति दिवस पर लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन करने उपरांत कहा कि 14 अगस्त 1947 को देश के बंटवारे के दौरान विस्थापन का दर्द झेलने वाले लोगों की याद में ये दिन मनाया जाता है। देश के बंटवारे के दर्द को कभी भुलाया नहीं जा सकता। नफरत और हिंसा की वजह से हमारे लाखों बहनों और भाइयों को विस्थापित होना पड़ा और अपनी जान तक गंवानी पड़ी।
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उन्होंने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस, सामाजिक विभाजन, वैमनस्यता के जहर को दूर करने और एकता, सामाजिक सद्भाव और मानव सशक्तीकरण की भावना को और मजबूत करने के लिए प्रेरित करता है।
यह दिन हमें भेदभाव, वैमनस्य और दुर्भावना के जहर को खत्म करने के लिए प्रेरित करेगा। साथ ही इससे एकता, सामाजिक सद्भाव और मानवीय संवेदनाएं भी मजबूत होंगी। प्राचार्या ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश वासियों से गत 2021 में हर साल 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के तौर पर मनाने आह्वान
किया था।
सरकार के निर्देशानुसार इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर अध्यापक जितेंद्र सहित विद्यालय के छात्र एवं छात्राएं मौजूद रही।
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कैथल। एडीसी सी जया श्रद्धा ने कहा कि 1947 में देश ने आजादी हासिल की थी, लेकिन देश को दो टुकड़ों में बांटे जाने का जख्म भी झेलना पड़ा। उस समय जो भी घटनाएं हुई हैं, उन सभी दुखद घटनाओं को भुलाकर आज देश की सभी कौम को उन सबसे ऊपर उठकर एक होकर देश की तरक्की के लिए काम करना चाहिए।
एडीसी सी जया श्रद्धा जवाहर नवोदय विद्यालय तितरम के छात्रों द्वारा लघु सचिवालय के प्रवेशद्वार पर लगाई गई विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के उपलक्ष्य में प्रदर्शनी के शुभारंभ करने के बाद बोल रही थी।
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इस मौके पर स्कूल की छात्राओं ने एक देशभक्ति समूह गान की प्रस्तुति भी दी। एडीसी ने विभीषिका स्मृति दिवस पर लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन करने उपरांत कहा कि 14 अगस्त 1947 को देश के बंटवारे के दौरान विस्थापन का दर्द झेलने वाले लोगों की याद में ये दिन मनाया जाता है। देश के बंटवारे के दर्द को कभी भुलाया नहीं जा सकता। नफरत और हिंसा की वजह से हमारे लाखों बहनों और भाइयों को विस्थापित होना पड़ा और अपनी जान तक गंवानी पड़ी।
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उन्होंने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस, सामाजिक विभाजन, वैमनस्यता के जहर को दूर करने और एकता, सामाजिक सद्भाव और मानव सशक्तीकरण की भावना को और मजबूत करने के लिए प्रेरित करता है।
यह दिन हमें भेदभाव, वैमनस्य और दुर्भावना के जहर को खत्म करने के लिए प्रेरित करेगा। साथ ही इससे एकता, सामाजिक सद्भाव और मानवीय संवेदनाएं भी मजबूत होंगी। प्राचार्या ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश वासियों से गत 2021 में हर साल 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के तौर पर मनाने आह्वान
किया था।
सरकार के निर्देशानुसार इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर अध्यापक जितेंद्र सहित विद्यालय के छात्र एवं छात्राएं मौजूद रही।