{"_id":"6a24bca280ee909aed03b579","slug":"girls-were-made-aware-of-traffic-rules-kaithal-news-c-245-1-kht1012-150442-2026-06-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: छात्राओं को यातायात नियमों के प्रति किया जागरूक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: छात्राओं को यातायात नियमों के प्रति किया जागरूक
Sun, 07 Jun 2026 06:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 07 Jun 2026 06:04 AM IST
विज्ञापन
कैथल। जिला यातायात पुलिस की ओर से सड़क सुरक्षा अभियान के तहत राजकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय जाखौली अड्डा में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान इंस्पेक्टर सतपाल सिंह और उनकी टीम ने छात्राओं और स्कूल स्टाफ को यातायात नियमों की जानकारी दी।
इंस्पेक्टर सतपाल सिंह ने छात्राओं को बताया कि ओवरस्पीड वाहन चलाना तथा ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का उपयोग करना सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण हैं। उन्होंने कहा कि सभी वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करते हुए अपनी लेन में वाहन चलाना चाहिए तथा कार व अन्य हल्के वाहनों में सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करना चाहिए। पुलिस टीम ने छात्राओं को बताया कि नशे की अवस्था में वाहन चलाना न केवल कानून अपराध है, बल्कि यह स्वयं और अन्य लोगों के जीवन के लिए भी खतरा पैदा करता है। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए नशामुक्त होकर वाहन चलाना बेहद जरूरी है। कार्यक्रम में छात्राओं को समझाया गया कि 18 वर्ष की आयु पूरी होने से पहले किसी भी प्रकार का वाहन नहीं चलाना चाहिए। साथ ही 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर वैध ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने और नियमों के अनुसार वाहन चलाने की सलाह दी गई। इंस्पेक्टर सतपाल सिंह ने कहा कि लोगों को केवल चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि अपने अमूल्य जीवन और संपत्ति की सुरक्षा के लिए यातायात नियमों का पालन करना चाहिए। संवाद
विज्ञापन
इंस्पेक्टर सतपाल सिंह ने छात्राओं को बताया कि ओवरस्पीड वाहन चलाना तथा ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का उपयोग करना सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण हैं। उन्होंने कहा कि सभी वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करते हुए अपनी लेन में वाहन चलाना चाहिए तथा कार व अन्य हल्के वाहनों में सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करना चाहिए। पुलिस टीम ने छात्राओं को बताया कि नशे की अवस्था में वाहन चलाना न केवल कानून अपराध है, बल्कि यह स्वयं और अन्य लोगों के जीवन के लिए भी खतरा पैदा करता है। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए नशामुक्त होकर वाहन चलाना बेहद जरूरी है। कार्यक्रम में छात्राओं को समझाया गया कि 18 वर्ष की आयु पूरी होने से पहले किसी भी प्रकार का वाहन नहीं चलाना चाहिए। साथ ही 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर वैध ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने और नियमों के अनुसार वाहन चलाने की सलाह दी गई। इंस्पेक्टर सतपाल सिंह ने कहा कि लोगों को केवल चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि अपने अमूल्य जीवन और संपत्ति की सुरक्षा के लिए यातायात नियमों का पालन करना चाहिए। संवाद
विज्ञापन