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Kaithal News: सुबह से पाला और शीतलहर ने लोगों की बढ़ाई मुश्किलें
Tue, 13 Jan 2026 01:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 13 Jan 2026 01:43 AM IST
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हाडमांस कंपाने वाली सर्दी मे अलाव जलाकर बचाव करते लोग।
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। सोमवार को जिले में न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। अधिकतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस रहा। ठंड से दिनभर आम जनमानस की जिंदगी ठिठुरी दिखी और दिन में निकली धूप बेअसर रही। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल ठंड से राहत मिलने की कोई संभावना नहीं है।
सुबह-सुबह तापमान अत्यधिक कम होने से कई लोगों के हाथ-पैर सुन्न हो गए और ठिठुरन चरम पर रही। पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बर्फबारी ने मैदानी इलाकों में भी पाले की स्थिति पैदा कर दी। सुबह कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता कम हो गई, हालांकि लगभग 11 बजे धूप निकलने से कुछ हद तक गर्माहट महसूस हुई। ठंडी हवाओं के चलते ठिठुरन में कोई कमी नहीं आई। लोगों का कहना है कि पाला और शीतलहर ने मुश्किलें बढ़ा दी है।
कृषि और मौसम विशेषज्ञ डॉ. रमेश चंद्र वर्मा ने बताया कि यह मौसम किसानों और आम लोगों दोनों के लिए चुनौतीपूर्ण है। पाला और शीतलहर से फसल, पेड़-पौधे और पशुधन प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने किसानों से फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय करने और आम लोगों से सुबह जल्दी बाहर न निकलने या गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी।
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मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ सकती है, इसलिए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। कोहरे में चलते समय वाहन चालक भी सावधान रहें।
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कैथल। सोमवार को जिले में न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। अधिकतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस रहा। ठंड से दिनभर आम जनमानस की जिंदगी ठिठुरी दिखी और दिन में निकली धूप बेअसर रही। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल ठंड से राहत मिलने की कोई संभावना नहीं है।
सुबह-सुबह तापमान अत्यधिक कम होने से कई लोगों के हाथ-पैर सुन्न हो गए और ठिठुरन चरम पर रही। पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बर्फबारी ने मैदानी इलाकों में भी पाले की स्थिति पैदा कर दी। सुबह कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता कम हो गई, हालांकि लगभग 11 बजे धूप निकलने से कुछ हद तक गर्माहट महसूस हुई। ठंडी हवाओं के चलते ठिठुरन में कोई कमी नहीं आई। लोगों का कहना है कि पाला और शीतलहर ने मुश्किलें बढ़ा दी है।
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कृषि और मौसम विशेषज्ञ डॉ. रमेश चंद्र वर्मा ने बताया कि यह मौसम किसानों और आम लोगों दोनों के लिए चुनौतीपूर्ण है। पाला और शीतलहर से फसल, पेड़-पौधे और पशुधन प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने किसानों से फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय करने और आम लोगों से सुबह जल्दी बाहर न निकलने या गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी।
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मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ सकती है, इसलिए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। कोहरे में चलते समय वाहन चालक भी सावधान रहें।