{"_id":"67686aed61208fc7dc073f86","slug":"fraud-of-rs-445-lakh-by-posing-as-a-relative-kaithal-news-c-245-1-kht1001-125554-2024-12-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: रिश्तेदार बनकर 4.45 लाख की धोखाधड़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: रिश्तेदार बनकर 4.45 लाख की धोखाधड़ी
Mon, 23 Dec 2024 01:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 23 Dec 2024 01:09 AM IST
विज्ञापन
कैथल। साइबर ठगों ने रिश्तेदार बनाकर एक व्यक्ति से चार लाख 45 हजार 850 रुपये की राशि ठगने का मामला दर्ज किया गया है। भगत सिंह कॉलोनी कैथल निवासी गुरमुख सिंह ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि वह रोडवेज विभाग से सेवानिवृत है।
उसका एचडीएफसी बैंक में खाता है जिसका वह खुद प्रयोग करता है। उसने बताया कि उसकी साली का लड़का रिकी निवासी जालंधर करीब 1 साल से दुबई में रहता है। 20 नवंबर 2024 को उसके पास एक व्हाट्सएप कॉल आई। फोनकर्ता ने कहा कि क्या वे उसे पहचानते हैं। वह दुबई से बोल रहा है। मैंने कहा कि क्या आप रिकी बोल रहे हैं तो फोन करता है हां मैं जवाब दे दिया। उसकी फोन पर आवाज भी रिकी की जैसी ही लग रही थी। उसने कहा कि दादाजी मैं आपके बैंक खाते में कुछ रुपये डालने हैं। आप अपना बैंक खाता नंबर भेज दो। इस पर उन्होंने अपनी एसबीआई बैंक की खाता की फोटो व्हाट्सएप अपने माध्यम से उसको भेज दी। कुछ समय बाद उसने मेरे व्हाट्सएप पर एक बैंक रिसिप्ट भेजी।
जब मैंने उसे चैक किया तो उसमें मेरे खाता में आई लाख 70 हजार की राशि जमा होने बारे लिखा हुआ था तथा उसे पर पेड की मोहर भी लगी हुई थी। मुझे लगा कि मेरी बैंक खाते में पैसे जमा हो गए हैं। उसके कुछ समय बाद फिर से एक फोन आया उसने कहा कि वह मुंबई से बैंक अधिकारी बोल रहा है। आपके बैंक खाता में आठ लाख 70 हजार विदेश से आए हैं। यह रुपए आपके किसी जानकार ने भेजे हैं। इस पर मैंने हां कर दी। इस पर उसने कहा कि यह रुपए अभी प्रोसेसिंग में है इनमें आपके बैंक में ट्रांसफर होने पर कुछ समय लग जाएगा। मुझे विश्वास हो गया कि यह रुपये मेरे बैंक खाते में आ जाएंगे। इसके बाद फिर से मुझ पर एक व्हाट्सएप कॉल आई।
विज्ञापन
विज्ञापन
उसका एचडीएफसी बैंक में खाता है जिसका वह खुद प्रयोग करता है। उसने बताया कि उसकी साली का लड़का रिकी निवासी जालंधर करीब 1 साल से दुबई में रहता है। 20 नवंबर 2024 को उसके पास एक व्हाट्सएप कॉल आई। फोनकर्ता ने कहा कि क्या वे उसे पहचानते हैं। वह दुबई से बोल रहा है। मैंने कहा कि क्या आप रिकी बोल रहे हैं तो फोन करता है हां मैं जवाब दे दिया। उसकी फोन पर आवाज भी रिकी की जैसी ही लग रही थी। उसने कहा कि दादाजी मैं आपके बैंक खाते में कुछ रुपये डालने हैं। आप अपना बैंक खाता नंबर भेज दो। इस पर उन्होंने अपनी एसबीआई बैंक की खाता की फोटो व्हाट्सएप अपने माध्यम से उसको भेज दी। कुछ समय बाद उसने मेरे व्हाट्सएप पर एक बैंक रिसिप्ट भेजी।
विज्ञापन
जब मैंने उसे चैक किया तो उसमें मेरे खाता में आई लाख 70 हजार की राशि जमा होने बारे लिखा हुआ था तथा उसे पर पेड की मोहर भी लगी हुई थी। मुझे लगा कि मेरी बैंक खाते में पैसे जमा हो गए हैं। उसके कुछ समय बाद फिर से एक फोन आया उसने कहा कि वह मुंबई से बैंक अधिकारी बोल रहा है। आपके बैंक खाता में आठ लाख 70 हजार विदेश से आए हैं। यह रुपए आपके किसी जानकार ने भेजे हैं। इस पर मैंने हां कर दी। इस पर उसने कहा कि यह रुपए अभी प्रोसेसिंग में है इनमें आपके बैंक में ट्रांसफर होने पर कुछ समय लग जाएगा। मुझे विश्वास हो गया कि यह रुपये मेरे बैंक खाते में आ जाएंगे। इसके बाद फिर से मुझ पर एक व्हाट्सएप कॉल आई।
विज्ञापन